निम्नलिखित में से कौन-सी तरंगदैर्ध्य एक्स-किरणों की तरंगदैर्ध्य से मेल खाती है?
- A.500 nm
- B.5000 nm
- C.100 nm
- D.1 nm
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1 nm। एक्स-किरणों की तरंगदैर्ध्य लगभग 0.01 nm से 10 nm तक होती है, इसलिए 1 nm ठीक एक्स-किरण क्षेत्र के भीतर है।
विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम सबसे छोटी से सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य के क्रम में गामा किरणें, एक्स-किरणें, पराबैंगनी, दृश्य प्रकाश, अवरक्त, सूक्ष्म तरंगें और रेडियो तरंगें हैं। दृश्य प्रकाश केवल लगभग 400 nm (बैंगनी) से 700 nm (लाल) तक फैला है। एक्स-किरणें इससे बहुत छोटी होती हैं, इसलिए उनकी ऊर्जा अधिक होती है और वे मुलायम ऊतक से गुजर जाती हैं पर हड्डी से नहीं; इसी कारण रेडियोग्राफी में इनका उपयोग होता है। इनकी खोज विल्हेम रोएंटजन ने 1895 में की थी।
A गलत है, क्योंकि 500 nm दृश्य प्रकाश है, स्पेक्ट्रम के नीले-हरे भाग में।
B गलत है, क्योंकि 5000 nm यानी 5 माइक्रोमीटर अवरक्त क्षेत्र में है, जिसे हम ऊष्मा के रूप में महसूस करते हैं।
C गलत है, क्योंकि 100 nm पराबैंगनी क्षेत्र में है, जो दृश्य प्रकाश और एक्स-किरणों के बीच है।
Exam tip: तरंगदैर्ध्य के क्रम में गामा < एक्स-किरण < पराबैंगनी < दृश्य (400–700 nm) < अवरक्त < सूक्ष्म तरंग < रेडियो।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए 'ऊर्जा मुद्रा' है?
- A.ग्लूकोज़
- B.ATP
- C.ADP
- D.पाइरुविक अम्ल
उत्तर देखें
एडिनोसिन ट्राइफ़ॉस्फ़ेट अपने फ़ॉस्फ़ेट आबंधों में ऊर्जा संचित रखता है और कोशिका को जहाँ ज़रूरत हो वहाँ उसे मुक्त करता है, इसलिए इसे कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तनु HCl के साथ अभिक्रिया करने वाली धातुओं का सही अभिक्रियाशीलता क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.Mg > Al > Zn > Fe
- B.Mg < Al < Zn < Fe
- C.Mg > Zn > Fe > Al
- D.Fe > Mg > Al > Zn
उत्तर देखें
सक्रियता श्रेणी में ये धातुएँ इसी क्रम में हैं, और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन निकालने की इनकी तीव्रता भी इसी क्रम में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लौह (आयरन) की कमी से क्या होता है?
- A.एनीमिया (रक्ताल्पता)
- B.स्कर्वी
- C.रिकेट्स
- D.हैज़ा
उत्तर देखें
हीमोग्लोबिन बनाने के लिए लौह ज़रूरी है, इसलिए लौह की कमी से हीमोग्लोबिन कम बनता है और रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता घट जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तरंगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माध्यम के कण तरंग की गति की दिशा में गति करते हैं, तो तरंग अनुदैर्ध्य तरंग कहलाती है। 2. यदि माध्यम के कण तरंग की गति की दिशा के लंबवत गति करते हैं, तो तरंग अनुप्रस्थ तरंग कहलाती है। 3. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के आकार में परिवर्तन हो सकता है, जबकि अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के घनत्व में परिवर्तन होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन दोनों प्रकार की यांत्रिक तरंगों में कणों की गति का सही वर्णन करते हैं। अनुदैर्ध्य तरंग में, जैसे हवा में ध्वनि, कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिसमें तरंग चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कागज़ निर्माण में कच्चे माल का गोंद-निष्कासन (डीगमिंग) किसके द्वारा किया जाता है?
- A.सल्फ़्यूरिक अम्ल
- B.विरंजक चूर्ण
- C.कास्टिक सोडा
- D.नाइट्रिक अम्ल
उत्तर देखें
कागज़ बनाने में कच्चे वनस्पति पदार्थ को कास्टिक सोडा के साथ पकाया जाता है, जो सेल्यूलोज़ रेशों को आपस में बाँधने वाले गोंद, रेज़िन और लिग्निन को घोल देता है।
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