निम्नलिखित में से कौन-सी पारगम्य चट्टान है जो अपने भीतर से पानी को गुज़रने देती है?
- A.ग्रेनाइट
- B.चूना पत्थर
- C.क्वार्टज़ाइट
- D.सिल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, चूना पत्थर। पानी चूना पत्थर की संधियों और संस्तरण तलों से होकर गुज़रता है और साथ-साथ चट्टान को धीरे-धीरे घोलता जाता है।
चूना पत्थर मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट से बनी अवसादी चट्टान है। इसमें अनेक दरारें (संधियां) और परतें (संस्तरण तल) होती हैं, इसलिए वर्षा का पानी बहने के बजाय इसमें रिस जाता है। वर्षा जल में घुली कार्बन डाइऑक्साइड उसे हल्का अम्ल बना देती है, जो इन दरारों को चौड़ा करके घोल रंध्र, गुफाएं, स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट बनाता है; इसे कार्स्ट स्थलाकृति कहते हैं। इस तरह पानी को गुज़रने देने वाली चट्टानें पारगम्य या प्रवेश्य कहलाती हैं; ऐसी चट्टानें जलभृत के रूप में भूजल को संचित कर सकती हैं।
A गलत है: ग्रेनाइट आपस में गुंथे क्रिस्टलों वाली कठोर, सघन आग्नेय चट्टान है और लगभग अपारगम्य है।
C गलत है: क्वार्टज़ाइट बलुआ पत्थर से बनी कायांतरित चट्टान है जिसके कण आपस में जुड़ चुके हैं, इसलिए यह सघन है और पानी नहीं जाने देती।
D गलत है: सिल आग्नेय चट्टान का परतनुमा पिंड है जो चट्टानी परतों के बीच घुस जाता है; यह सघन और अपारगम्य होता है।
परीक्षा टिप: चूना पत्थर क्षेत्र = कार्स्ट — गुफाएं, घोल रंध्र और भूमिगत धाराएं; ग्रेनाइट और क्वार्टज़ाइट अपारगम्य हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजनांकिकीय संक्रमण मॉडल की निम्नलिखित में से किस अवस्था में मोटे तौर पर जन्म दर और मृत्यु दर दोनों कम होती हैं?
- A.उच्च स्थिर अवस्था
- B.प्रारंभिक विस्तार अवस्था
- C.उत्तर विस्तार अवस्था
- D.निम्न स्थिर अवस्था
उत्तर देखें
इस अंतिम अवस्था में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों कम होती हैं, इसलिए जनसंख्या बहुत धीरे बढ़ती है या लगभग स्थिर रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के पूर्वी तट पर सबसे गहरा, स्थलरुद्ध और सुरक्षित बंदरगाह है?
- A.चेन्नई
- B.पारादीप
- C.तूतीकोरिन
- D.विशाखापत्तनम
उत्तर देखें
यह भारत के पूर्वी तट का सबसे गहरा, स्थलरुद्ध और अच्छी तरह सुरक्षित बंदरगाह है। आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम बंदरगाह ज़मीन के भीतर कटे एक प्राकृतिक पोताश्रय में है, जिसे डॉल्फ़िन्स नोज़ नामक अंतरीप बंगाल की खाड़ी की लहरों से बचाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक प्रकार की पवन की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. ये वायुमंडल के ऊपरी स्तरों पर चलती हैं 2. इन पर दो बल लगते हैं, दाब प्रवणता बल और कोरिऑलिस बल 3. जब ये बल संतुलित हो जाते हैं, तो वायु दाब प्रवणता के समकोण पर, समदाब रेखाओं के समानांतर चलती है दी गई विशेषताओं के आधार पर पवन के प्रकार की पहचान कीजिए :
- A.जेट स्ट्रीम
- B.भूविक्षेपी पवन
- C.पछुआ पवनें
- D.पुरवा पवनें
उत्तर देखें
भूविक्षेपी (जियोस्ट्रॉफ़िक) पवन सतह से काफ़ी ऊपर चलती है, जहां दाब प्रवणता बल और कोरिऑलिस बल संतुलित हो जाते हैं और वायु समदाब रेखाओं के समानांतर बहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की निम्नलिखित प्रमुख नदी द्रोणियों में से कौन-सी लंबाई में सबसे छोटी और जलग्रहण क्षेत्र में सबसे कम है?
- A.कावेरी
- B.माही
- C.पेन्नार
- D.साबरमती
उत्तर देखें
चारों में साबरमती सबसे छोटी नदी है और उसकी द्रोणी भी सबसे कम क्षेत्र की है। साबरमती राजस्थान की अरावली पहाड़ियों से निकलती है और गुजरात में अहमदाबाद और गांधीनगर से होकर लगभग 370 km दक्षिण-पश्चिम बहती हुई खंभात की खाड़ी में गिरती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पृथ्वी के घूर्णन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. चूंकि पृथ्वी हर घंटे 15° घूमती है, इसलिए समय क्षेत्रों में सामान्यतः एक घंटे का अंतर होता है 2. अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा पर कैलेंडर का दिन बदल जाता है - पूर्व की ओर यात्रा करने पर एक दिन आगे और पश्चिम की ओर यात्रा करने पर एक दिन पीछे 3. डेलाइट सेविंग टाइम घड़ी को एक घंटा आगे कर देता है 4. चंद्रमा उसी दिशा में घूर्णन करता है और पृथ्वी की परिक्रमा करता है जिस दिशा में पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 3 और 4
- C.1, 3 और 4
- D.2, 3 और 4
उत्तर देखें
केवल कथन 2 गलत है, क्योंकि उसमें तिथि रेखा का नियम उलटा लिखा है। पृथ्वी 24 घंटे में 360° यानी हर घंटे 15° घूमती है, इसलिए पास-पास के मानक समय क्षेत्रों में सामान्यतः एक घंटे का अंतर होता है (कथन 1)।
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