निम्नलिखित में से कौन-सी आग्नेय चट्टान नहीं है?
- A.ग्रेनाइट
- B.नीस
- C.प्यूमिस
- D.बेसाल्ट
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, नीस। नीस एक कायांतरित चट्टान है, जो पहले से मौजूद चट्टानों पर अत्यधिक ताप और दाब पड़ने से बनती है।
आग्नेय चट्टानें पिघले मैग्मा या लावा के ठंडा होकर जमने से बनती हैं। नीस प्रायः ग्रेनाइट या अवसादी चट्टानों से भूपर्पटी में गहराई पर बनती है, और इसके खनिज हल्की और गहरी पट्टियों में सज जाते हैं, जिसे पत्रण (फोलिएशन) कहते हैं। भारत के प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार में यह चट्टान बहुत मिलती है।
A गलत है: ग्रेनाइट अंतर्वेधी आग्नेय चट्टान है, जो सतह के नीचे धीरे-धीरे ठंडी होती है, इसलिए इसके क्रिस्टल बड़े होते हैं।
C गलत है: प्यूमिस ज्वालामुखी से बनी आग्नेय चट्टान है, जिसमें गैस के छिद्र भरे होते हैं और यह पानी पर तैर सकती है।
D गलत है: बेसाल्ट लावा से बनी बहिर्वेधी आग्नेय चट्टान है; दक्कन ट्रैप इसी से बना है और इसके अपक्षय से काली मिट्टी बनती है।
Exam tip: कायांतरण के जोड़े = ग्रेनाइट से नीस, चूना पत्थर से संगमरमर, बलुआ पत्थर से क्वार्टज़ाइट, शेल से स्लेट।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहती है?
- A.गोदावरी
- B.पेरियार
- C.तुंगभद्रा
- D.कावेरी
उत्तर देखें
पेरियार केरल के पश्चिमी घाट से निकलती है और पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में मिलती है। पेरियार केरल की सबसे लंबी नदी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के निम्नलिखित स्थानों पर विचार कीजिए :
1. ईटानगर
2. इंफाल
3. अगरतला
4. आइज़ोल
सूर्योदय के समय के अनुसार उपर्युक्त स्थानों का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3-2-1-4
- B.2-1-4-3
- C.1-4-3-2
- D.4-3-2-1
उत्तर देखें
सूर्य सबसे पहले सबसे पूर्वी स्थान पर उगता है, इसलिए क्रम देशांतर के अनुसार है: इंफाल, ईटानगर, आइज़ोल और फिर अगरतला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →"विटिकल्चर" (अंगूर की खेती) निम्नलिखित में से किस ऑस्ट्रेलियाई शहर की एक आम विशेषता है?
- A.एडिलेड
- B.डार्विन
- C.होबार्ट
- D.ब्रिस्बेन
उत्तर देखें
विटिकल्चर, यानी अंगूर की खेती, एडिलेड की पहचान है, जो ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रसिद्ध वाइन क्षेत्रों से घिरा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बरखान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. यह रेत का अर्धचंद्राकार टीला है, जो मरुस्थल में लगातार एक ही दिशा से बहने वाली पवन द्वारा जमा होता है।
2. पवनाभिमुख ढाल उत्तल और खड़ी होती है, जिसकी अधिकतम ऊंचाई केंद्र में होती है।
3. बरखान के दोनों सिरों को सींग कहा जाता है और वे पवन के बहने की दिशा के विपरीत होते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
बरखान एक ही स्थिर दिशा की पवन से बना अर्धचंद्राकार रेत का टीला है, पर इसकी पवनाभिमुख ढाल मंद होती है और इसके सींग पवन की दिशा में आगे निकले होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कालाकोट तृतीयक (टर्शियरी) कोयला क्षेत्र भारत के किस भाग में है?
- A.असम की ब्रह्मपुत्र नदी द्रोणी
- B.झारखंड और पश्चिम बंगाल की दामोदर नदी द्रोणी
- C.हिमालय पर्वतीय क्षेत्र
- D.केरल की इलायची पहाड़ियां
उत्तर देखें
कालाकोट जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हिमालय की तलहटी में स्थित है। भारत का कोयला दो युगों का है।
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