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भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: CDS · CDS-II 2020, GK

निम्नलिखित में से कौन-सा, शब्द के सही अर्थों में, भारत का पहला मज़दूर संघ (ट्रेड यूनियन) था?

  1. A.बॉम्बे लेबर यूनियन
  2. B.अहमदाबाद लेबर यूनियन
  3. C.मद्रास लेबर यूनियन
  4. D.इलाहाबाद लेबर यूनियन

सही उत्तर

C. मद्रास लेबर यूनियन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मद्रास लेबर यूनियन। अप्रैल 1918 में बी. पी. वाडिया ने मद्रास के कपड़ा मिल मज़दूरों के बीच इसे बनाया, और इसे आधुनिक, संगठित अर्थ में भारत का पहला मज़दूर संघ माना जाता है।

इससे पहले की संस्थाएँ, जैसे एन. एम. लोखंडे द्वारा 1890 में बनाई गई बॉम्बे मिल हैंड्स एसोसिएशन, मज़दूरों के कल्याण के लिए काम करती थीं, पर उनमें नियमित सदस्यता, नियम और चंदा नहीं था। बकिंघम और कर्नाटिक मिलों के मज़दूरों से बनी मद्रास लेबर यूनियन में ये सब था और वह अपने सदस्यों के लिए मोलभाव करती थी। 1920 के एक मुकदमे में इसकी कानूनी मुश्किलों ने दिखाया कि यूनियनों को कानूनी सुरक्षा चाहिए, जो 1926 के ट्रेड यूनियन अधिनियम से मिली। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) 1920 में बनी, जिसके पहले अध्यक्ष लाला लाजपत राय थे।

विकल्प A गलत है, क्योंकि बॉम्बे की शुरुआती संस्थाएँ कल्याण संघ थीं, पूर्ण यूनियन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन बाद में, 1920 में, गांधीजी के मार्गदर्शन में बनी। विकल्प D गलत है, क्योंकि इलाहाबाद की किसी यूनियन को यह स्थान प्राप्त नहीं है।

Exam tip: मद्रास लेबर यूनियन 1918 (बी. पी. वाडिया), AITUC 1920 (लाजपत राय), ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

दक्षिण भारत के भक्ति आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.नालायिर दिव्यप्रबंधम को तमिल वेद भी कहा जाता था
  2. B.अंडाल एक आलवार थीं
  3. C.कराइक्काल अम्मैयार विष्णु की भक्त थीं
  4. D.संत अप्पर और सुंदरर की धातु की प्रतिमाएं बनाकर एक शिव मंदिर में प्रतिष्ठित की गईं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कराइक्काल अम्मैयार विष्णु की भक्त थीं

कराइक्काल अम्मैयार एक नयनार थीं, यानी शिव की भक्त तमिल संतों में से एक, इसलिए यह कथन सही नहीं है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iमध्यम

एक विशाल चबूतरे, महानवमी डिब्बा, के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह विजयनगर शहर के सबसे ऊंचे स्थानों में से एक पर स्थित है।

2. विरुपाक्ष मंदिर इसी पर स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

महानवमी डिब्बा विजयनगर (हम्पी) के सबसे ऊंचे स्थानों में से एक पर बना है, पर विरुपाक्ष मंदिर उस पर नहीं है; यह मंदिर तुंगभद्रा के पास शहर के धार्मिक केंद्र में है।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iमध्यम

भारत शासन अधिनियम, 1935 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसमें ब्रिटिश भारतीय प्रांतों और देशी रियासतों के संघ पर आधारित एक अखिल भारतीय संघ की स्थापना का प्रावधान था।

2. रक्षा और विदेशी मामले संघीय विधानमंडल के नियंत्रण में रखे गए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

1935 के अधिनियम में प्रांतों और रियासतों के अखिल भारतीय संघ का प्रस्ताव था, पर रक्षा और विदेशी मामले विधानमंडल के बजाय गवर्नर-जनरल के पास रखे गए।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. अर्काट की निज़ामत हैदराबाद राज्य से निकली थी।

2. मैसूर राज्य विजयनगर साम्राज्य से निकला था।

3. रुहेलखंड राज्य अहमद शाह दुर्रानी द्वारा अधिकृत क्षेत्रों से बना था।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 2

अर्काट निज़ाम के दक्कन क्षेत्र से और मैसूर विजयनगर साम्राज्य से निकला, लेकिन रुहेलखंड दुर्रानी के नहीं, मुगलों के क्षेत्र से बना था।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. उपनिषदों में कोई दृष्टांत-कथा नहीं है।

2. उपनिषदों की रचना पुराणों से पहले हुई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

उपनिषद कथाओं और दृष्टांतों से भरे हैं और उत्तर वैदिक काल के हैं, जो पुराणों के बनने से काफ़ी पहले का समय है।