निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ कार्बन का अपररूप नहीं है?
- A.हीरा
- B.ग्राफीन
- C.फ्लाई ऐश
- D.फुलरीन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, फ्लाई ऐश। फ्लाई ऐश ताप बिजलीघरों में कोयला जलने के बाद बची महीन राख है; यह ऑक्साइडों का मिश्रण है, कार्बन का कोई शुद्ध रूप नहीं।
अपररूप किसी एक ही तत्व के ऐसे भिन्न भौतिक रूप होते हैं, जिनमें परमाणु अलग-अलग ढंग से जुड़े होते हैं। फ्लाई ऐश में मुख्यतः सिलिका, एल्यूमिना और आयरन ऑक्साइड होते हैं, बिना जला कार्बन बहुत थोड़ा होता है; इसका उपयोग सीमेंट, ईंटों और सड़क निर्माण में होता है। कार्बन के अपररूपों में हीरा, ग्रेफाइट, ग्राफीन, फुलरीन और कार्बन नैनोट्यूब आते हैं।
A गलत है, क्योंकि हीरे में हर कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से त्रिविमीय जाल में जुड़ा होता है, जिससे यह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
B गलत है, क्योंकि ग्राफीन षट्कोणों में जुड़े कार्बन परमाणुओं की एक परत है, यानी ग्रेफाइट की एक शीट।
D गलत है, क्योंकि फुलरीन पिंजरे जैसे कार्बन अणु हैं; सबसे प्रसिद्ध C₆₀ फुटबॉल जैसा होता है और बकमिंस्टरफुलरीन कहलाता है।
Exam tip: कार्बन के अपररूप: हीरा, ग्रेफाइट, ग्राफीन, फुलरीन (C₆₀), नैनोट्यूब; फ्लाई ऐश कोयले की राख है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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