निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य अरुणाचल प्रदेश का नृत्य रूप है?
- A.पोपिर
- B.चिरॉ
- C.लेजिम
- D.माचा
सही उत्तर
A. पोपिर
व्याख्या
सही उत्तर है A, पोपिर। पोपिर अरुणाचल प्रदेश की आदि जनजाति का लोकनृत्य है, जिसे महिलाएँ मोपिन फसल उत्सव पर करती हैं।
अरुणाचल प्रदेश में ऐसे कई नृत्य हैं, जिनमें शेरडुकपेन जनजाति का बार्डो छम, आदि जनजाति का पोनुंग और मोनपा जनजाति का आजी लामू शामिल हैं, और इनमें से अधिकांश खेती के त्योहारों या बुरी शक्तियों को भगाने से जुड़े हैं। पोपिर पंक्ति या घेरे में किया जाता है, जिसमें नर्तकियाँ एक-दूसरे की बाँहें थामकर ढोल और घंटे की ताल पर मिलकर गाती हैं, और मोपिन स्वयं वसंत में अच्छी फसल तथा गाँव की कुशलता के लिए मनाया जाता है।
B गलत है: चिरॉ, जिसे चेरॉ या बाँस नृत्य के नाम से अधिक जाना जाता है, मिजोरम का है। C गलत है: लेजिम महाराष्ट्र का लोकनृत्य है, जो लेजिम नाम के छोटे लकड़ी के वाद्य के साथ किया जाता है, जिसमें झनझनाती झाँझें लगी होती हैं। D गलत है: माचा, यानी माच, मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र का पारंपरिक लोकनाट्य है।
परीक्षा टिप: पोपिर और पोनुंग अरुणाचल प्रदेश के, चेरॉ मिजोरम का, लेजिम महाराष्ट्र का और माच मध्य प्रदेश का है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन सही सुमेलित है?
- A.हरिप्रसाद चौरसिया – सरोद
- B.जाकिर हुसैन – सितार
- C.बिस्मिल्ला खान – तबला
- D.सुल्तान खान – सारंगी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सुल्तान खान – सारंगी
व्याख्या
सही उत्तर है D, सुल्तान खान और सारंगी। सीकर घराने के उस्ताद सुल्तान खान अपने समय के सर्वाधिक प्रसिद्ध सारंगी वादक थे, उन्होंने रविशंकर के साथ विश्व भ्रमण किया और 2010 में पद्म भूषण पाया। सारंगी छोटी गर्दन वाला गज से बजने वाला वाद्य है, जिसकी ध्वनि मानव कंठ के सबसे निकट मानी जाती है, इसीलिए यह लंबे समय तक खयाल और ठुमरी गायन की संगत करती रही। A गलत है क्योंकि पंडित हरिप्रसाद चौरसिया बांसुरी बजाते हैं, जबकि सरोद अली अकबर खान और अमजद अली खान से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि उस्ताद जाकिर हुसैन तबला वादक थे, उस्ताद अल्ला रक्खा के पुत्र; सितार रविशंकर और विलायत खान का वाद्य है। C गलत है क्योंकि उस्ताद बिस्मिल्ला खान शहनाई बजाते थे और उन्हें 2001 में भारत रत्न मिला। परीक्षा टिप: बांसुरी चौरसिया, तबला जाकिर हुसैन, शहनाई बिस्मिल्ला खान, सारंगी सुल्तान खान।
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?
- A.कोलकाता
- B.प्रयागराज
- C.मुंबई
- D.नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर है D, नई दिल्ली। यह संस्थान नई दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में है, वही आवास जहां जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री के रूप में सोलह वर्ष रहे, और उनके निधन के बाद 1964 में इसे जनता के लिए खोला गया। यहां उनके जीवन पर संग्रहालय, आधुनिक भारतीय इतिहास पर शोध पुस्तकालय तथा 1984 में जोड़ा गया तारामंडल है; पुस्तकालय में निजी पत्र और पुराने समाचार पत्र संरक्षित हैं। यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन है और अब इसका नाम प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय कर दिया गया है। तीन मूर्ति नाम बाहर के चौराहे पर बने तीन सैनिकों के स्मारक से पड़ा। A गलत है क्योंकि कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल और राष्ट्रीय पुस्तकालय हैं। B गलत है क्योंकि प्रयागराज में नेहरू परिवार का आनंद भवन है। C गलत है क्योंकि मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय है। परीक्षा टिप: तीन मूर्ति भवन को नेहरू से और आनंद भवन को प्रयागराज से जोड़ें।
चेन्नई के मरीना पर स्थित कांस्य मूर्ति ट्रायंफ ऑफ लेबर ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष ने बनाई थी। वे कौन थे?
- A.रामकिंकर बैज
- B.देवी प्रसाद रॉय चौधरी
- C.के. सी. एस. पणिक्कर
- D.नंदलाल बोस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. देवी प्रसाद रॉय चौधरी
व्याख्या
सही उत्तर B, देवी प्रसाद रॉय चौधरी है। अबनींद्रनाथ टैगोर के शिष्य रॉय चौधरी मद्रास के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट के पहले भारतीय प्रधानाचार्य बने। उन्होंने ट्रायंफ ऑफ लेबर बनाई — चार श्रमिकों का वह समूह जो चट्टान हटाने में जुटा है और चेन्नई के मरीना तट पर खड़ा है — तथा पटना सचिवालय के बाहर का शहीद स्मारक भी। 1954 में वे ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष नियुक्त हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि उस काल के दूसरे बड़े मूर्तिकार रामकिंकर बैज ने शांतिनिकेतन में संथाल फैमिली और मिल कॉल बनाई। विकल्प C गलत है क्योंकि के. सी. एस. पणिक्कर चित्रकार थे जिन्होंने चोलामंडल बसाया। विकल्प D गलत है क्योंकि नंदलाल बोस चित्रकार थे, मूर्तिकार नहीं। दोनों मूर्तिकारों को उनके शहरों से अलग पहचानें: रामकिंकर बैज शांतिनिकेतन में, देवी प्रसाद रॉय चौधरी मद्रास और पटना में।
किस भारतीय चित्रकार ने लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर का निर्देशन किया, जिसे 1967 में बर्लिन में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला?
- A.एफ. एन. सूज़ा
- B.एम. एफ. हुसैन
- C.सतीश गुजराल
- D.कृष्ण खन्ना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एम. एफ. हुसैन
व्याख्या
सही उत्तर B, एम. एफ. हुसैन है। प्रगतिशील कलाकार समूह के संस्थापक सदस्य और भारत का पिकासो कहे जाने वाले मकबूल फिदा हुसैन ने लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर बनाई, जिसे 1967 के बर्लिन समारोह में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला; बाद में उन्होंने गज गामिनी नामक फीचर फिल्म बनाई। वे अपने घोड़ों तथा रामायण और महाभारत श्रृंखलाओं के लिए याद किए जाते हैं, उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण मिले, और वे राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि समूह के संस्थापक एफ. एन. सूज़ा चित्रकार और लेखक थे जो लंदन चले गए। विकल्प C गलत है क्योंकि सतीश गुजराल चित्रकार, भित्तिचित्रकार और वास्तुकार थे। विकल्प D गलत है क्योंकि समूह के सदस्य कृष्ण खन्ना बैंडवालों के चित्र बनाते थे। हुसैन का जन्म 1915 में महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ और उन्होंने अपने कार्यजीवन की शुरुआत बॉम्बे में सिनेमा के होर्डिंग रंगने से की थी।
1966 में के. सी. एस. पणिक्कर द्वारा बसाया गया चोलामंडल कलाकार ग्राम किस शहर के निकट है?
- A.चेन्नई
- B.बेंगलुरु
- C.कोच्चि
- D.हैदराबाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चेन्नई
व्याख्या
सही उत्तर A, चेन्नई है। चोलामंडल कलाकार ग्राम 1966 में चेन्नई के दक्षिण में समुद्र तट पर के. सी. एस. पणिक्कर तथा मद्रास कला आंदोलन के अन्य कलाकारों ने बसाया था, और इसे भारत का पहला आत्मनिर्भर कलाकार समुदाय कहा जाता है, जहाँ चित्रकार और मूर्तिकार साथ रहते थे तथा बाटिक और धातुकर्म बेचकर अपने स्टूडियो चलाते थे। विकल्प B गलत है क्योंकि बेंगलुरु का संबंध कर्नाटक चित्रकला परिषत् से है। विकल्प C गलत है क्योंकि कोच्चि में 2012 से कोच्चि-मुज़िरिस बिएनाले होती है, जो प्रदर्शनी है, आवासीय ग्राम नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हैदराबाद में इस प्रकार का कोई कलाकार ग्राम नहीं है, वहाँ सालारजंग संग्रहालय है। परीक्षा में जोड़ी इस प्रकार बनती है — वर्ष 1966, पणिक्कर और चेन्नई — इसलिए तीनों को साथ याद रखें; इसकी पृष्ठभूमि मद्रास कला आंदोलन है।