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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति क्विज: भारत के लोक नृत्य

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति के अंतर्गत "भारत के लोक नृत्य" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिआसान

बिहू किस भारतीय राज्य का प्रसिद्ध लोक नृत्य है?

  1. A.असम
  2. B.मणिपुर
  3. C.त्रिपुरा
  4. D.नागालैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. असम

व्याख्या

सही उत्तर A, असम है। बिहू मुख्यतः रंगाली या बोहाग बिहू पर किया जाता है, जो अप्रैल में पड़ने वाला असमिया नववर्ष का पर्व है और बुवाई का मौसम खोलता है। युवक-युवतियाँ पंक्तियों में ढोल, भैंस के सींग से बनी पेपा, गोगोना और ताल के साथ तेज कमर संचालन और छोटे कदमों से नृत्य करते हैं।

विकल्प B, मणिपुर का प्राचीन अनुष्ठान पर्व लाइ हरओबा है और वहाँ ढोल नृत्य पुंग चोलोम मिलता है, जबकि उसकी रास परम्परा आठ शास्त्रीय शैलियों में गिनी जाती है। विकल्प C, त्रिपुरा होजागिरी का घर है, जिसे रियांग स्त्रियाँ मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाकर करती हैं, और गरिया नृत्य का भी। विकल्प D, नागालैंड में चांग समुदाय का चांग लो तथा जेलियांग नृत्य होते हैं, जो हॉर्नबिल उत्सव में दिखाए जाते हैं। चारों पूर्वोत्तर राज्य हैं, इसीलिए प्रश्न बनाने वाला इन्हें साथ रखता है, पर बिहू केवल असम का है।

Q2.कला और संस्कृतिआसान

घूमर किस राज्य का पारंपरिक लोक नृत्य है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.हरियाणा
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर B, राजस्थान है। घूमर में स्त्रियाँ चौड़े घाघरे में घेरा बनाकर चलती हैं और अपनी जगह पर घूमती हैं; घाघरे के इसी घुमाव से नृत्य का नाम पड़ा। यह भील समुदाय से विकसित हुआ और राजस्थान के राजपूत घरानों ने इसे अपनाया, जहाँ यह विवाह तथा तीज और गणगौर जैसे पर्वों पर किया जाता है।

विकल्प A, गुजरात गरबा और डांडिया रास का घर है, जो नवरात्रि में होते हैं, और यही सबसे आम भ्रम है क्योंकि दोनों घेरे में चौड़े घाघरे पहनकर किए जाने वाले स्त्री नृत्य हैं। विकल्प C, हरियाणा में खोरिया, धमाल, लूर और फाग होते हैं, और वहाँ भी घूमर नाम का एक रूप है, पर परीक्षा में पूछा जाने वाला घूमर राजस्थानी ही है। विकल्प D, मध्य प्रदेश में मटकी, तेरह ताली, बधाई और ग्रिदा मिलते हैं। जोड़ी इस तरह पक्की करें: घूमर राजस्थान, गरबा गुजरात।

Q3.कला और संस्कृतिआसान

ढोलकी की ताल पर की जाने वाली लावणी किस राज्य से जुड़ी है?

  1. A.गोवा
  2. B.कर्नाटक
  3. C.महाराष्ट्र
  4. D.छत्तीसगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर C, महाराष्ट्र है। लावणी में गीत और नृत्य साथ चलते हैं और इसे मुख्यतः स्त्रियाँ नौ गज की साड़ी में ढोलकी की तीखी ताल पर प्रस्तुत करती हैं। यह महाराष्ट्र के लोक नाट्य तमाशा के साथ विकसित हुई और इसके पद भक्ति से लेकर तीखे व्यंग्य तक फैले हैं।

विकल्प A, गोवा में फुगड़ी, देखनी और ढालो होते हैं तथा गीत रूप मांडो, जो सब लावणी से धीमे और कोमल हैं। विकल्प B, कर्नाटक डोल्लू कुनिता, वीरगासे और लोक नाट्य यक्षगान का घर है; यक्षगान यहाँ बार-बार भ्रमित करने वाला विकल्प बनता है क्योंकि वह भी मंच रूप है। विकल्प D, छत्तीसगढ़ में सतनामी समुदाय का पंथी, राउत नाचा, बस्तर के गौर मारिया और गेंड़ी तथा कथा गायन पंडवानी मिलते हैं। ढोलकी और तमाशा मिलकर लावणी को महाराष्ट्र का सिद्ध कर देते हैं।

Q4.कला और संस्कृतिमध्यम

छऊ नृत्य की तीन शैलियों में से सरायकेला शैली किस राज्य की है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.पश्चिम बंगाल
  3. C.झारखंड
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. झारखंड

व्याख्या

सही उत्तर C, झारखंड है। छऊ पूर्वी भारत का युद्ध शैली का मुखौटा नृत्य है जिसकी तीन मान्य शैलियाँ हैं, और सरायकेला छऊ का नाम झारखंड की पूर्व रियासत सरायकेला से पड़ा, जहाँ राजपरिवार ने इसे सिखाया और निखारा। इसके मुखौटे छोटे और चिकने होते हैं तथा नृत्य कच्चे युद्ध कौशल के बजाय शैलीबद्ध भाव पर टिकता है।

विकल्प A, ओडिशा मयूरभंज छऊ का घर है, वही एक शैली जो बिना मुखौटे के होती है, इसलिए भाव चेहरा स्वयं दिखाता है। विकल्प B, पश्चिम बंगाल पुरुलिया छऊ का घर है, जिसमें बड़े चटक रंगों वाले मुखौटे होते हैं और महिषासुर मर्दिनी जैसे युद्ध प्रसंग दिखाए जाते हैं। विकल्प D, बिहार में जट-जटिन, झिझिया, पाइका और लोक नाट्य बिदेसिया मिलते हैं, छऊ की कोई शैली नहीं। तीनों शैलियों को साथ मिलाकर यूनेस्को ने 2010 में सूची में लिया।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

बाँस नृत्य के नाम से प्रसिद्ध चेराव किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.मिजोरम
  2. B.मेघालय
  3. C.सिक्किम
  4. D.अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मिजोरम

व्याख्या

सही उत्तर A, मिजोरम है। चेराव में पुरुष आमने-सामने बैठकर लंबी बाँस की छड़ें आड़ी पकड़ते हैं और एक निश्चित ताल पर उन्हें टकराते हैं, जबकि मिज़ो पुआन पहने स्त्रियाँ बंद होती छड़ों के बीच से पैर निकालती और रखती जाती हैं, बिना पैर फँसाए। यह मिजोरम का सबसे प्रसिद्ध नृत्य है और चपचार कुट पर्व पर दिखाया जाता है।

विकल्प B, मेघालय में खासी का का शाद नोंगक्रेम स्मित में और गारो का वांगला होता है, जिसे सौ ढोलों का उत्सव कहा जाता है। विकल्प C, सिक्किम में कंचनजंघा को समर्पित हिम सिंह नृत्य सिंघी छाम और मारुनी मिलते हैं। विकल्प D, अरुणाचल प्रदेश में शेरडुकपेन का बर्दो छाम और आदि समुदाय का पोनुंग होता है। प्रश्न में बाँस की छड़ों का उल्लेख हर बार चेराव और इसलिए मिजोरम की ओर ले जाता है।

Q6.कला और संस्कृतिकठिन

मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाकर स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला होजागिरी किस राज्य का है?

  1. A.नागालैंड
  2. B.त्रिपुरा
  3. C.मणिपुर
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. त्रिपुरा

व्याख्या

सही उत्तर B, त्रिपुरा है। होजागिरी त्रिपुरा के रियांग समुदाय की स्त्रियाँ करती हैं, जो मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाए रखती हैं और सिर पर जलते दीप वाली बोतल रखकर केवल ऊपरी शरीर को मोड़ती हैं, पैर स्थिर रहते हैं। यह दुर्गा पूजा के बाद आने वाले होजागिरी या लक्ष्मी पूजा के पर्व पर किया जाता है।

विकल्प A, नागालैंड में चांग समुदाय का चांग लो तथा हॉर्नबिल उत्सव में दिखाए जाने वाले युद्ध नृत्य होते हैं, जिनमें संतुलन का ऐसा कौशल नहीं होता। विकल्प C, मणिपुर में युद्ध कला थांग-ता, ढोल नृत्य पुंग चोलोम और अनुष्ठान पर्व लाइ हरओबा मिलते हैं। विकल्प D, असम में बिहू और चाय बागान समुदायों का झूमुर होता है। घड़ा, बोतल और दीप मिलकर होजागिरी की पहचान हैं, और इसके साथ जो समुदाय पूछा जाता है वह रियांग है।

Q7.कला और संस्कृतिमध्यम

कुरुबा समुदाय का ओजपूर्ण ढोल नृत्य डोल्लू कुनिता किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.तेलंगाना
  2. B.तमिलनाडु
  3. C.कर्नाटक
  4. D.केरल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर C, कर्नाटक है। डोल्लू कुनिता में कलाकार गले में डोल्लू नाम का बड़ा ढोल लटकाकर उसे बजाते हुए तेज रचनाओं में घूमते हैं, और यह नृत्य कुरुबा गड़रिया समुदाय का है, जो इसे अपने देवता बीरेश्वर की सेवा में करता है। कुनिता शब्द का अर्थ ही देवता को अर्पित अनुष्ठान नृत्य है, और कर्नाटक में वीरभद्र के उपासकों का वीरगासे तथा लोक नाट्य यक्षगान भी मिलते हैं।

विकल्प A, तेलंगाना में पेरिनी शिवतांडवम, स्त्रियों का बतुकम्मा और बंजारा समुदाय का लंबाड़ी नृत्य होते हैं। विकल्प B, तमिलनाडु में सिर पर सजा घड़ा रखकर किया जाने वाला करगाट्टम, छड़ों वाला कोलाट्टम, कुम्मी और ओयिलाट्टम मिलते हैं। विकल्प D, केरल में अनुष्ठान रूप थेय्यम, पडयनी और मुडियेट्टु तथा ओणम पर स्त्रियों का तिरुवातिराकली होते हैं। चारों दक्षिण भारत के राज्य हैं, इसीलिए इन्हें विकल्पों में साथ रखा जाता है, पर डोल्लू नाम का ढोल और कुरुबा गड़रिया समुदाय मिलकर केवल कर्नाटक की ओर संकेत करते हैं।

Q8.कला और संस्कृतिमध्यम

यूनेस्को द्वारा 2010 में सूचीबद्ध कालबेलिया नृत्य किस राज्य का है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.गुजरात
  3. C.पंजाब
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर A, राजस्थान है। कालबेलिया राजस्थान के कालबेलिया समुदाय की गीत और नृत्य परम्परा है, जो परंपरागत रूप से सपेरे रहे हैं, और काले लहराते घाघरे में नर्तकी बीन तथा खंजरी की ध्वनि पर सर्प की गति का अनुकरण करती है। यूनेस्को ने कालबेलिया के गीत और नृत्य को 2010 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया, उसी वर्ष जिसमें छऊ और मुडियेट्टु शामिल हुए।

विकल्प B, गुजरात का गरबा बहुत बाद में, 2023 में सूची में आया। विकल्प C, पंजाब के भांगड़ा और गिद्दा इस सूची में नहीं हैं, यद्यपि पंजाब के जंडियाला गुरु के ठठेरों का शिल्प 2014 में शामिल हुआ था। विकल्प D, हरियाणा के खोरिया, धमाल और लूर की कोई यूनेस्को प्रविष्टि नहीं है। 2010 का वर्ष छऊ, कालबेलिया और मुडियेट्टु तीनों के लिए एक साथ याद रखें।

Q9.कला और संस्कृतिआसान

बैसाखी के फसल पर्व पर ढोल की ताल पर किया जाने वाला भांगड़ा किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.हिमाचल प्रदेश
  2. B.जम्मू और कश्मीर
  3. C.पंजाब
  4. D.उत्तराखंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पंजाब

व्याख्या

सही उत्तर C, पंजाब है। भांगड़ा पंजाब की फसल का पुरुष नृत्य है, जो अप्रैल में बैसाखी पर ढोल की ताल पर छलांगों, कंधों की गति और उठी हुई भुजाओं के साथ किया जाता है। इसका स्त्री रूप गिद्दा है, जिसमें कदमों के बीच बोलियाँ गाई और तालियों पर कही जाती हैं।

विकल्प A, हिमाचल प्रदेश में कुल्लू और पहाड़ी जिलों की लंबी शृंखला वाली नाटी तथा नामजेन होते हैं। विकल्प B, जम्मू और कश्मीर में आमने-सामने पंक्तियों में स्त्रियों का रउफ, ऊँची टोपी पहने वट्टल पुरुषों का दमहाल, हिकत और लोक नाट्य भांड पाथर मिलते हैं। विकल्प D, उत्तराखंड में कुमाऊँ की बारातों का तलवार नृत्य छोलिया, झोड़ा, लंगवीर नृत्य तथा चमोली का रम्माण पर्व है, जिसे यूनेस्को ने 2009 में सूची में लिया। ढोल और बैसाखी मिलकर भांगड़ा को पंजाब से बाँध देते हैं।

Q10.कला और संस्कृतिकठिन

खासी लोगों का धन्यवाद नृत्य का शाद नोंगक्रेम किस राज्य में किया जाता है?

  1. A.मेघालय
  2. B.मिजोरम
  3. C.असम
  4. D.सिक्किम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेघालय

व्याख्या

सही उत्तर A, मेघालय है। नोंगक्रेम खासी लोगों का फसल के लिए धन्यवाद नृत्य है, जो शिलांग के पास ख्यरिम प्रमुखता के केंद्र स्मित में कई दिनों तक चलता है, जहाँ अविवाहित युवतियाँ भारी चाँदी और सोने के आभूषणों में बीच में नृत्य करती हैं और पुरुष उनके चारों ओर तलवार और चँवर लेकर घूमते हैं। इसी राज्य के गारो अपनी फसल के अंत में वांगला, सौ ढोलों का उत्सव, मनाते हैं।

विकल्प B, मिजोरम में चेराव यानी बाँस नृत्य और खुआल्लम होते हैं। विकल्प C, असम में असमिया नववर्ष पर बिहू और चाय बागान समुदायों का झूमुर मिलता है। विकल्प D, सिक्किम में हिम सिंह नृत्य सिंघी छाम और मारुनी होते हैं। खासी समुदाय और स्मित गाँव का उल्लेख मेघालय की पहचान है, और प्रश्न प्रायः राज्य के बजाय जनजाति का नाम देता है।

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