निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के सुचालक होते हैं।
- B.कार्बनिक यौगिकों में आबंधन सहसंयोजक होता है।
- C.ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक के रूप में होता है।
- D.हीरा कार्बन का एक अपररूप है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A। अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं, क्योंकि उनके परमाणु सहसंयोजक बंधों से जुड़े होते हैं और उनमें धारा ले जाने वाले आयन या मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बनते।
कार्बन के चार संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं और वह इन्हें साझा करके अपना अष्टक पूरा करता है, इसलिए उसके यौगिक सहसंयोजक होते हैं। ऐसे यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक प्रायः कम होते हैं और वे ठोस, द्रव या घुली अवस्था में विद्युत नहीं चलाते। ग्रेफाइट अपवाद है: इसमें हर कार्बन परमाणु केवल तीन परमाणुओं से जुड़ता है और एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है, इसलिए ग्रेफाइट विद्युत का चालक है और इलेक्ट्रोड बनाने में काम आता है।
B सही कथन है, क्योंकि कार्बनिक यौगिक साझा इलेक्ट्रॉन युग्मों से जुड़े रहते हैं।
C सही कथन है, क्योंकि ग्रेफाइट की परतें एक-दूसरे पर आसानी से फिसलती हैं, जिससे यह मशीनों के लिए अच्छा शुष्क स्नेहक है।
D सही कथन है, क्योंकि हीरा शुद्ध कार्बन का क्रिस्टलीय रूप है।
Exam tip: कार्बन यौगिक सहसंयोजक और कुचालक; कार्बन का चालक रूप केवल ग्रेफाइट।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ द्वारा डाला गया दाब कहलाता है
- A.1 पास्कल
- B.1 वायुमंडल (एटमॉस्फियर)
- C.1 बार
- D.1 पॉइज़
उत्तर देखें
समुद्र तल पर मानक वायुमंडलीय दाब को 0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ के दाब के रूप में परिभाषित किया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ध्वनि और प्रकाश तरंगें हैं
- A.वायु में क्रमशः अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ
- B.वायु में क्रमशः अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य
- C.वायु में दोनों अनुदैर्ध्य
- D.वायु में दोनों अनुप्रस्थ
उत्तर देखें
ध्वनि संपीडन और विरलन के रूप में चलती है, जबकि प्रकाश एक अनुप्रस्थ विद्युत-चुंबकीय तरंग है। अनुदैर्ध्य तरंग में माध्यम के कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का शुद्धतम रूप है?
- A.चारकोल (काष्ठ कोयला)
- B.कोक
- C.फ़ुलरीन
- D.कार्बन ब्लैक
उत्तर देखें
फ़ुलरीन केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं और उनकी कोई ऐसी सतह नहीं होती जो दूसरे पदार्थों को फँसाए, इसलिए इन्हें कार्बन का शुद्धतम रूप माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ग्रह का द्रव्यमान M₁ और त्रिज्या R₁ है। इसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g₁ है। एक अन्य ग्रह 2 का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पहले ग्रह के दोगुने हैं। ग्रह 2 की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.g₁
- B.2g₁
- C.g₁/2
- D.g₁/4
उत्तर देखें
सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, इसलिए द्रव्यमान दोगुना होने से g दोगुना होता है और त्रिज्या दोगुनी होने से चार गुना घटता है, यानी g₁ × 2/4 = g₁/2।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बायोगैस का प्रमुख घटक है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.नाइट्रस ऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
बायोगैस का सबसे बड़ा भाग मीथेन होता है, प्रायः 55 से 75 प्रतिशत, और यही गैस जलती है। बायोगैस तब बनती है जब बंद डाइजेस्टर में ऑक्सीजन के अभाव में जीवाणु गोबर, रसोई का कचरा या फ़सल अवशेष को तोड़ते हैं।
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