निम्नलिखित में से कौन-सा एक भारी जल का रासायनिक नाम है?
- A.हाइड्रोजन ऑक्साइड
- B.ड्यूटेरियम डाइऑक्साइड
- C.ड्यूटेरियम ऑक्साइड
- D.भारी हाइड्रोजन ऑक्साइड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ड्यूटेरियम ऑक्साइड। भारी जल D₂O है, यानी ड्यूटेरियम के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु।
ड्यूटेरियम हाइड्रोजन का वह समस्थानिक है जिसके नाभिक में एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन होता है, इसलिए यह सामान्य हाइड्रोजन से लगभग दोगुना भारी है। इससे बने जल का अणु द्रव्यमान 18 के बजाय लगभग 20 होता है, यह लगभग 11 प्रतिशत अधिक घना होता है और लगभग 3.8 डिग्री सेल्सियस पर जमता है। इसका मुख्य उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों में मंदक के रूप में होता है, जहाँ यह तेज़ न्यूट्रॉनों को अधिक अवशोषित किए बिना धीमा करता है; इसी से भारत के दाबित भारी जल रिएक्टर प्राकृतिक यूरेनियम पर चल पाते हैं। ड्यूटेरियम की खोज हेरोल्ड यूरे ने 1931 में की थी।
A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन ऑक्साइड सामान्य जल, H₂O, है। B गलत है क्योंकि डाइऑक्साइड में ऑक्सीजन के दो परमाणु होते, जबकि भारी जल में एक है। D गलत है क्योंकि 'भारी हाइड्रोजन ऑक्साइड' केवल अनौपचारिक वर्णन है, रासायनिक नाम नहीं।
Exam tip: भारी जल = D₂O, ड्यूटेरियम ऑक्साइड, PHWR में मंदक; ड्यूटेरियम की खोज हेरोल्ड यूरे ने की।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौधों के निम्नलिखित क्षेत्रों में से कौन-सा उनकी जड़ों और प्ररोहों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
- A.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
- B.अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)
- C.वल्कुट (कॉर्टेक्स)
- D.शीर्षस्थ विभज्योतक
उत्तर देखें
शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ों और प्ररोहों के सिरों पर होते हैं, और इनकी विभाजित होती कोशिकाएँ पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतकों में से निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल ऊतक है?
- A.मृदूतक (पैरेंकाइमा)
- B.दृढ़ोतक (स्क्लेरेंकाइमा)
- C.जाइलम
- D.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
उत्तर देखें
जाइलम एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है जो मिलकर काम करती हैं, और यही किसी ऊतक को जटिल बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्लाज्मा झिल्ली के आर-पार Na+ और Ca2+ का परिवहन किसका उदाहरण है?
- A.एंटीपोर्ट
- B.सिमपोर्ट
- C.यूनिपोर्ट
- D.एक्वापोरिन
उत्तर देखें
सोडियम-कैल्शियम एक्सचेंजर में Na+ आयन कोशिका के भीतर आते हैं और Ca2+ आयन बाहर भेजे जाते हैं, यानी दोनों आयन झिल्ली को विपरीत दिशाओं में पार करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
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