निम्नलिखित में से कौन-सा बारहवीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य था?
- A.सतत और समावेशी संवृद्धि
- B.सामाजिक न्याय और समानता
- C.भोजन, काम और उत्पादकता
- D.आत्मनिर्भरता की प्राप्ति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, सतत और समावेशी संवृद्धि। बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) का विषय था "तीव्र, अधिक समावेशी और सतत संवृद्धि"। इसने ग्यारहवीं योजना (2007-12) के समावेशी विकास के विचार को आगे बढ़ाया, जिसका विषय "तीव्र और अधिक समावेशी संवृद्धि की ओर" था, और इसमें सततता को स्पष्ट लक्ष्य के रूप में जोड़ा गया। इसका लक्ष्य लगभग 8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि था। यह अंतिम पंचवर्षीय योजना थी, क्योंकि जनवरी 2015 में योजना आयोग की जगह नीति आयोग बना दिया गया। विकल्प B गलत है क्योंकि सामाजिक न्याय और समानता के साथ विकास नौवीं योजना (1997-2002) का लक्ष्य था। विकल्प C गलत है क्योंकि "भोजन, काम और उत्पादकता" का नारा सातवीं योजना (1985-90) का था। विकल्प D गलत है क्योंकि आत्मनिर्भरता और गरीबी हटाना 1970 के दशक की चौथी और पाँचवीं योजनाओं के लक्ष्य थे। परीक्षा टिप: 11वीं योजना = तीव्र और अधिक समावेशी संवृद्धि; 12वीं योजना = तीव्र, अधिक समावेशी और सतत संवृद्धि; अंतिम योजना 2017 में समाप्त हुई।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा किसी देश के भुगतान संतुलन के पूँजी खाते में शामिल नहीं है?
- A.प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
- B.वाणिज्यिक उधार
- C.अदृश्य मदें
- D.बाह्य सहायता
उत्तर देखें
अदृश्य मदें भुगतान संतुलन के चालू खाते का भाग हैं, पूँजी खाते का नहीं। भुगतान संतुलन किसी देश के शेष विश्व के साथ सभी लेन-देन का लेखा है और इसके दो मुख्य भाग हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नेहरू-महालनोबिस विकास रणनीति पहली बार निम्नलिखित में से किस पंचवर्षीय योजना द्वारा लागू की गई थी?
- A.पहली पंचवर्षीय योजना
- B.दूसरी पंचवर्षीय योजना
- C.तीसरी पंचवर्षीय योजना
- D.सातवीं पंचवर्षीय योजना
उत्तर देखें
दूसरी योजना (1956–61) सांख्यिकीविद पी. सी. महालनोबिस के बनाए मॉडल पर आधारित थी, जिसमें भारी और आधारभूत उद्योगों को प्राथमिकता दी गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.2014
- B.2015
- C.2016
- D.2017
उत्तर देखें
भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड की स्थापना दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के अंतर्गत 1 अक्टूबर 2016 को हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. सरकार द्वारा ₹ X के अतिरिक्त व्यय का आय पर प्रभाव परिवारों को ₹ X के अतिरिक्त अंतरण की तुलना में कम होने की संभावना है। 2. सरकार द्वारा ₹ X के अतिरिक्त व्यय का आय पर प्रभाव कम होने की संभावना है यदि उसके साथ मुद्रा आपूर्ति में विस्तार न किया जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सरकारी व्यय आय को बराबर राशि के अंतरण से अधिक बढ़ाता है, और यदि साथ में मुद्रा आपूर्ति न बढ़े तो इसका प्रभाव घट जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी केंद्रीय विशेषता पूँजीवादी अर्थव्यवस्था से संबंधित नहीं है?
- A.व्यापक स्तर पर वस्तु उत्पादन होता है - उसका बाज़ार मूल्य होता है।
- B.उत्पादक संपत्ति मुख्य रूप से निजी हाथों में होती है।
- C.आर्थिक जीवन बाज़ार के सिद्धांतों के अनुसार संगठित होता है।
- D.आर्थिक संगठन नियोजन पर आधारित होता है, जिसे संसाधन आवंटन की एक तर्कसंगत प्रक्रिया माना जाता है।
उत्तर देखें
केंद्रीय नियोजन से संसाधनों का आवंटन समाजवादी या आदेशित अर्थव्यवस्था की पहचान है, पूँजीवादी की नहीं। पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में भूमि, कारखाने और पूँजी जैसे उत्पादन के साधन मुख्यतः निजी व्यक्तियों और फ़र्मों के स्वामित्व में होते हैं।
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