निम्नलिखित में से कौन अस्पष्ट लागत का उदाहरण है?
- A.भाड़े के श्रमिकों को दी गई मजदूरी
- B.कारखाने का बिजली बिल
- C.फर्म द्वारा प्रयुक्त स्वामी के अपने भवन का लगान
- D.बैंक ऋण पर चुकाया गया ब्याज
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, फर्म द्वारा प्रयुक्त स्वामी के अपने भवन का लगान है। अस्पष्ट लागत उद्यमी द्वारा स्वयं जुटाए गए साधन का आरोपित मूल्य है, जिसके लिए फर्म से कोई भुगतान बाहर नहीं जाता; अपना भवन किराए पर देकर मिलने वाला लगान, अपनी पूंजी पर ब्याज और अन्यत्र नौकरी करके मिल सकने वाला वेतन इसके प्रमुख उदाहरण हैं। आर्थिक लागत स्पष्ट और अस्पष्ट लागत का योग है, इसीलिए लेखांकन लाभ आर्थिक लाभ से अधिक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भाड़े के श्रमिकों की मजदूरी वास्तविक मौद्रिक भुगतान है और इसलिए स्पष्ट लागत है। विकल्प B भी इसी कारण गलत है, क्योंकि बिजली बिल बाहरी आपूर्तिकर्ता को चुकाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि बैंक ऋण का ब्याज बैंक को बाहर जाता है, जबकि स्वामी की अपनी पूंजी पर ब्याज अस्पष्ट लागत होती है।
पूरा लेख पढ़ें: उत्पादन, लागत और आगम: अवधारणाएं एवं सूत्र
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअल्पकाल में निम्नलिखित में से कौन सी लागत प्रत्येक उत्पादन स्तर पर समान रहती है?
- A.कुल परिवर्ती लागत
- B.कुल स्थिर लागत
- C.सीमांत लागत
- D.औसत लागत
उत्तर देखें
स्थिर लागत उन साधनों का भुगतान है जिन्हें अल्पकाल में बदला नहीं जा सकता, जैसे कारखाने के भवन का किराया, बीमा और स्थायी कर्मचारियों का वेतन, और यह उत्पादन शून्य होने पर भी चुकानी पड़ती है, इसीलिए इसे पूरक या उपरिव्यय लागत भी कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्पादन का स्तर बढ़ने पर फर्म की औसत स्थिर लागत
- A.स्थिर रहती है
- B.लगातार बढ़ती है
- C.लगातार घटती है पर कभी शून्य नहीं होती
- D.पहले घटती है फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
औसत स्थिर लागत कुल स्थिर लागत में उत्पादन का भाग है; अंश अपरिवर्तित रहता है, इसलिए बड़ा उत्पादन उसी स्थिर लागत को अधिक इकाइयों पर फैला देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीमांत लागत वक्र औसत लागत वक्र को कहां काटता है?
- A.औसत लागत वक्र के न्यूनतम बिंदु पर
- B.औसत लागत वक्र के अधिकतम बिंदु पर
- C.उस बिंदु पर जहां औसत लागत औसत स्थिर लागत के बराबर हो
- D.किसी भी बिंदु पर नहीं
उत्तर देखें
इसका कारण आर्थिक से अधिक गणितीय है: जब तक सीमांत लागत औसत लागत से कम है, प्रत्येक अतिरिक्त इकाई औसत को नीचे खींचती है, और जैसे ही सीमांत लागत औसत से ऊपर जाती है, औसत बढ़नी ही पड़ती है, इसलिए दोनों केवल वहीं बराबर हो सकती हैं जहां औसत न्यूनतम…
पूरी व्याख्या पढ़ें →परिवर्ती अनुपात का नियम किस स्थिति में लागू होता है?
- A.जब उत्पादन के सभी साधन समान अनुपात में बढ़ाए जाएं
- B.जब एक साधन बदला जाए और शेष स्थिर रखे जाएं
- C.केवल दीर्घकाल में
- D.केवल जब फर्म संतुलन में हो
उत्तर देखें
यही अल्पकाल की परिभाषित शर्त है, जिसमें संयंत्र और मशीन बदली नहीं जा सकतीं, इसलिए केवल परिवर्ती साधन और स्थिर साधन का अनुपात बदलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का औसत आगम किसके बराबर होता है?
- A.कुल लागत
- B.केवल सीमांत लागत
- C.कीमत और सीमांत आगम
- D.कीमत का आधा
उत्तर देखें
पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म कीमत स्वीकारक होती है, क्योंकि उसका उत्पादन बाजार का नगण्य भाग है, इसलिए वह प्रचलित कीमत पर कोई भी मात्रा बेच सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →