निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. जेट धाराएँ केवल उत्तरी गोलार्ध में पाई जाती हैं। 2. केवल कुछ चक्रवातों में ही चक्षु (आई) विकसित होता है। 3. चक्रवात के चक्षु के अंदर का तापमान आसपास के तापमान से लगभग 10°C कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 2
- D.केवल 1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 2। केवल कथन 2 सत्य है। कथन 1 गलत है, क्योंकि जेट धाराएँ, यानी क्षोभमंडल के ऊपरी भाग में बहने वाली बहुत तेज पछुआ पवनों की संकरी पट्टियाँ, दोनों गोलार्धों में मिलती हैं। हर गोलार्ध में ध्रुवीय वाताग्र जेट और उपोष्ण जेट होती है; उत्तर भारत के ऊपर उपोष्ण पछुआ जेट मानसून के आगमन को प्रभावित करती है, और गर्मियों में भारत के ऊपर उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट बनती है। कथन 2 सही है, क्योंकि केवल पूर्ण विकसित उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में ही स्पष्ट चक्षु बनता है; कमजोर अवदाब, शुरुआती तूफान और शीतोष्ण चक्रवातों में प्रायः चक्षु नहीं होता। कथन 3 गलत है, क्योंकि चक्षु ठंडा नहीं, गर्म होता है: वहाँ नीचे उतरती हवा संपीडित होकर गर्म हो जाती है, जिससे चक्षु उसी ऊँचाई पर आसपास से लगभग 10°C अधिक गर्म हो सकता है। चक्षु के चारों ओर सबसे तेज हवा वाली चक्षु-भित्ति होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कथन 3 असत्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसके दोनों कथन असत्य हैं। Exam tip: चक्रवात का चक्षु = शांत, साफ और गर्म केंद्र; जेट धाराएँ दोनों गोलार्धों में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस प्रकार के बादल की विशेषता लगातार वर्षण है?
- A.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूम्यूलस)
- B.कपासी (क्यूम्यूलस)
- C.वर्षा स्तरी (निम्बोस्ट्रेटस)
- D.कपासी वर्षी (क्यूम्यूलोनिम्बस)
उत्तर देखें
वर्षा स्तरी बादल एक मोटी, गहरी धूसर परत वाला बादल है जो पूरे आकाश को ढक लेता है और लगातार, एकसमान वर्षा या हिमपात देता है, जो अक्सर कई घंटों तक चलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्षिण भारत के शीतोष्ण वन, जिन्हें 'शोला' कहा जाता है, निम्नलिखित में से किन पहाड़ियों में पाए जाते हैं? 1. अन्नामलाई 2. नीलगिरि 3. पालनी नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
शोला कहलाने वाले शीतोष्ण वन तीनों पर्वतमालाओं, नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के ऊँचे भागों में उगते हैं। सुदूर दक्षिण के पश्चिमी घाट में ऊँचाई के साथ तापमान घटता है, इसलिए लगभग 1,500 मीटर से ऊपर उष्णकटिबंधीय वनों की जगह शीतोष्ण प्रकार के छोटे सदाबहार वन ले लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्षण की संघट्टन-संलयन (कोलिज़न-कोलेसेंस) प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस पर लागू होती है?
- A.वे बादल जो हिमांक स्तर से ऊपर नहीं फैलते
- B.वे बादल जो हिमांक स्तर से ऊपर फैलते हैं
- C.सभी प्रकार के बादल
- D.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूम्यूलस) बादल
उत्तर देखें
संघट्टन-संलयन गर्म बादलों में वर्षा बनने की प्रक्रिया है, जिनका ऊपरी भाग उस स्तर से नीचे रहता है जहाँ पानी जमता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दी गई विशेषताओं के आधार पर अपवाह प्रतिरूप के प्रकार की पहचान कीजिए :
1. यह नदियों और उनकी सहायक नदियों का सबसे सामान्य प्रतिरूप है
2. यह एकसमान शैल प्रकार और नियमित ढाल वाले क्षेत्रों में पाया जाता है
3. मानचित्र या हवाई फ़ोटोग्राफ़ में यह पत्ती की शिराओं जैसा दिखता है — छोटी धाराएँ मुख्य धारा से न्यून कोण पर मिलती हैं
सही उत्तर चुनिए।
- A.द्रुमाकृतिक (डेंड्रिटिक)
- B.अरीय (रेडियल)
- C.जालीनुमा (ट्रेलिस)
- D.अभिकेंद्री (सेंट्रिपेटल)
उत्तर देखें
एकसमान चट्टान और नियमित ढाल वाले क्षेत्र में बना, पेड़ की शाखाओं या पत्ती की शिराओं जैसा प्रतिरूप द्रुमाकृतिक कहलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) निम्नलिखित में से किस संगठन की अनुसंधान एवं विकास शाखा है?
- A.भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
- B.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- C.भारतीय रेल
- D.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
उत्तर देखें
अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) रेल मंत्रालय की एकमात्र अनुसंधान एवं विकास शाखा है। RDSO का मुख्यालय लखनऊ में है।
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