नवजात शिशु को माता के दूध से मिलने वाली प्रतिरक्षा किसका उदाहरण है?
- A.सक्रिय प्राकृतिक प्रतिरक्षा
- B.निष्क्रिय प्राकृतिक प्रतिरक्षा
- C.सक्रिय कृत्रिम प्रतिरक्षा
- D.सहज प्रतिरक्षा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, निष्क्रिय प्राकृतिक प्रतिरक्षा है। प्रतिरक्षी, मुख्यतः आईजीए वर्ग के, पहले दूध यानी कोलोस्ट्रम में बने हुए रूप में आते हैं और शिशु का अपना प्रतिरक्षा तंत्र कोई कार्य नहीं करता, इसी कारण रक्षा तुरंत आरंभ होती है और कुछ महीने ही चलती है; आईजीजी वर्ग के प्रतिरक्षी इसी प्रकार गर्भनाल से भ्रूण तक पहुंचते हैं। विकल्प A, सक्रिय प्राकृतिक प्रतिरक्षा, वास्तविक संक्रमण के बाद बनती है, जब शरीर अपने प्रतिरक्षी बनाता और स्मृति कोशिकाएं रखता है। विकल्प C, सक्रिय कृत्रिम प्रतिरक्षा, टीके से बनती है, जिसमें भी कार्य शरीर ही करता है। विकल्प D, सहज प्रतिरक्षा, जन्म से रहने वाली अविशिष्ट रक्षा है, जैसे त्वचा, श्वास मार्ग का श्लेष्म, पेट का अम्ल और भक्षी कोशिकाएं। सर्पविष का प्रतिविष निष्क्रिय कृत्रिम प्रतिरक्षा है।
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अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंरक्त समूहों के एबीओ तंत्र की खोज किसने की?
- A.कार्ल लैंडस्टीनर
- B.विलियम हार्वे
- C.एडवर्ड जेनर
- D.अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
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सही उत्तर A, कार्ल लैंडस्टीनर है, वे ऑस्ट्रियाई चिकित्सक जिन्होंने 1900 में पाया कि मानव रक्त लाल कणिकाओं पर उपस्थित प्रतिजनों के अनुसार समूहों में बंटा है, जिससे सुरक्षित रक्ताधान संभव हुआ, और जिन्हें इसके लिए 1930 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला; वीनर के साथ उन्होंने 1940 में आरएच…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस रक्त समूह को सर्वदाता कहा जाता है?
- A.ए
- B.बी
- C.एबी
- D.ओ
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समूह ओ की लाल कणिकाओं पर न ए प्रतिजन होता है न बी प्रतिजन, इसलिए जब उन्हें चढ़ाया जाता है तो ग्रहीता के प्लाज्मा के प्रतिरक्षी को बंधने के लिए कुछ नहीं मिलता और कणिकाएं नष्ट नहीं होतीं, इसी कारण आपात स्थिति में समूह ओ, और कड़े अर्थ में ओ…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस रक्त समूह के व्यक्ति के प्लाज्मा में कोई प्रतिरक्षी नहीं होता और इसलिए वह सर्वग्राही होता है?
- A.ओ
- B.ए
- C.बी
- D.एबी
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एबी समूह के व्यक्ति की लाल कणिकाओं पर ए तथा बी दोनों प्रतिजन होते हैं, और चूंकि शरीर अपने ही प्रतिजनों के विरुद्ध प्रतिरक्षी नहीं बनाता, उसके प्लाज्मा में न एंटी ए होता है न एंटी बी; इसलिए ऐसे व्यक्ति में किसी भी समूह का रक्त चढ़ाया जा सकता है…
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव रक्त का आरएच कारक किसके नाम पर रखा गया है?
- A.रीसस बंदर
- B.खरगोश
- C.यूरोप की एक नदी
- D.वैज्ञानिक आरएच. वेबर
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लैंडस्टीनर और वीनर ने 1940 में रीसस बंदर के रक्त पर कार्य करते हुए यह प्रतिजन पाया, और रीसस के पहले दो अक्षरों से कारक का नाम बना; जिसकी लाल कणिकाओं पर डी प्रतिजन होता है वह आरएच धनात्मक और जिसमें नहीं होता वह आरएच ऋणात्मक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त का थक्का जमने के लिए कौन-सा विटामिन आवश्यक है?
- A.विटामिन ए
- B.विटामिन सी
- C.विटामिन डी
- D.विटामिन के
उत्तर देखें
यकृत को प्रोथ्रोम्बिन तथा कई अन्य स्कंदन कारक बनाने के लिए विटामिन के चाहिए, इसलिए इसकी कमी से थक्का जमने का समय बढ़ जाता है और रक्तस्राव होता है; इसी कारण नवजात शिशु को विटामिन के दिया जाता है और इसे रक्तस्राव रोधी विटामिन भी कहा जाता है।
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