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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नौवहन उपग्रह NVS-03 को कौन सा प्रक्षेपण यान लेकर गया?

  1. A.PSLV-C61
  2. B.GSLV-F18
  3. C.LVM3-M5
  4. D.SSLV-D4

सही उत्तर

B. GSLV-F18

व्याख्या

सही उत्तर GSLV-F18 है। समाचार में यही उड़ान थी, जिसने नौवहन उपग्रह NVS-03 को अंतरिक्ष में पहुँचाया और जिसकी सफलता पर प्रधानमंत्री ने इसरो के वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों को बधाई दी। विकल्प A में दिया PSLV-C61 ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान श्रेणी का नाम है, जो इस उपग्रह के लिए प्रयोग नहीं हुआ; उसके साथ जुड़ी उड़ान संख्या भ्रमित करने के लिए रखी गई है। विकल्प C का LVM3-M5 भारी उपग्रहों को ले जाने वाले परिवार से जुड़ा नाम है और इस मिशन का यान नहीं है। विकल्प D का SSLV-D4 छोटे उपग्रहों के लिए बने यान की ओर संकेत करता है, जिसकी क्षमता इस श्रेणी के मिशन से मेल नहीं खाती। परीक्षा में यान और उपग्रह को जोड़ी बनाकर याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्नपत्र उपग्रह का नाम वही रखकर यान बदल देता है। यहाँ याद रखने योग्य जोड़ी है — GSLV-F18 और उसके साथ गया NVS-03, और इसे अंजाम देने वाली एजेंसी इसरो।

पूरा लेख पढ़ें: GSLV-F18 से NVS-03 का प्रक्षेपण, NavIC होगा मजबूत

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

NVS-03 का प्रक्षेपण भारत की किस प्रणाली को मजबूत करने के लिए किया गया?

  1. A.गगन
  2. B.भुवन
  3. C.NavIC
  4. D.एंट्रिक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. NavIC

इस मिशन को NavIC को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया, जो भारत की स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली है, और कहा गया कि उन्नत क्षमताओं वाला NVS-03 नागरिकों के लिए नौवहन सेवाओं को बल देगा।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

GSLV-F18 और NVS-03 का यह प्रक्षेपण किस संस्था ने किया?

  1. A.डीआरडीओ
  2. B.इसरो
  3. C.एचएएल
  4. D.बीईएल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसरो

बधाई इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को दी गई, क्योंकि GSLV-F18 के साथ NVS-03 का प्रक्षेपण इसी संस्था ने किया और NavIC समूह के उपग्रह भी यही बनाती तथा संचालित करती है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भू-स्थानिक परिवर्तन कार्यशाला में बोले भारत के महा सर्वेक्षक कौन हैं?

  1. A.प्रो. उमेश वी. वाघमारे
  2. B.श्रीकांत सस्त्री
  3. C.एस. के. सिन्हा
  4. D.डॉ. पुष्प लता
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एस. के. सिन्हा

भारत के महा सर्वेक्षक के रूप में उन्होंने भू-स्थानिक सुधारों को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शन के लिए डॉ. जितेंद्र सिंह को धन्यवाद दिया, कहा कि राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 ने खुले और नवाचार-आधारित तंत्र की नींव रखी है, और जोड़ा कि इस क्षेत्र की संभावनाओं को आर्थिक अवसर में बदलने…

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

डॉ. जितेंद्र सिंह ने भू-स्थानिक क्षेत्र के लिए आगे बढ़ने का रास्ता किन तीन शब्दों में बताया?

  1. A.सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन
  2. B.सक्षम बनाना, निवेश करना और अपनाना
  3. C.सर्वेक्षण, मानचित्रण और साझा करना
  4. D.मापना, निगरानी और प्रबंधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सक्षम बनाना, निवेश करना और अपनाना

इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में उद्योग की भूमिका पर बोलते हुए मंत्री ने हर शब्द का अर्थ भी बताया: सक्षम बनाने का उद्देश्य आत्मविश्वास बढ़ाना है, निवेश का उद्देश्य क्षमता विकसित करना है, और भू-स्थानिक समाधानों को अपनाने से आर्थिक वृद्धि मिलती है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भू-स्थानिक परिवर्तन कार्यशाला का आयोजक भारतीय सर्वेक्षण विभाग किस विभाग के अधीन काम करता है?

  1. A.अंतरिक्ष विभाग
  2. B.विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
  3. C.भूमि संसाधन विभाग
  4. D.वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग

विकसित भारत 2047 के लिए भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था के सह-निर्माण विषय पर नई दिल्ली में हुई यह कार्यशाला इसी विभाग के अंतर्गत आने वाले भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने आयोजित की थी।