भू-स्थानिक परिवर्तन कार्यशाला का आयोजक भारतीय सर्वेक्षण विभाग किस विभाग के अधीन काम करता है?
- A.अंतरिक्ष विभाग
- B.विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
- C.भूमि संसाधन विभाग
- D.वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग है। विकसित भारत 2047 के लिए भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था के सह-निर्माण विषय पर नई दिल्ली में हुई यह कार्यशाला इसी विभाग के अंतर्गत आने वाले भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने आयोजित की थी। राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग को इस क्षेत्र की नोडल एजेंसी मानती है, जैसा विभाग के सचिव प्रो. उमेश वी. वाघमारे ने बताया, और यह नीति आंकड़ों के निर्माण, उपलब्धता तथा उपयोग के लिए अनुकूल वातावरण देती है। विकल्प A उस विभाग का नाम है जो अंतरिक्ष गतिविधियां देखता है और मुख्य भाषण देने वाले मंत्री के पास उसका भी प्रभार है, पर भारतीय सर्वेक्षण विभाग उसके अधीन नहीं आता। विकल्प C और D सरकार के अन्य अंगों के नाम हैं, जिनकी इस कार्यशाला के आयोजन में कोई भूमिका नहीं थी, इसलिए दोनों गलत हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय सर्वेक्षण विभाग की भू-स्थानिक कार्यशाला दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
डॉ. जितेंद्र सिंह ने भू-स्थानिक क्षेत्र के लिए आगे बढ़ने का रास्ता किन तीन शब्दों में बताया?
- A.सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन
- B.सक्षम बनाना, निवेश करना और अपनाना
- C.सर्वेक्षण, मानचित्रण और साझा करना
- D.मापना, निगरानी और प्रबंधन
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इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में उद्योग की भूमिका पर बोलते हुए मंत्री ने हर शब्द का अर्थ भी बताया: सक्षम बनाने का उद्देश्य आत्मविश्वास बढ़ाना है, निवेश का उद्देश्य क्षमता विकसित करना है, और भू-स्थानिक समाधानों को अपनाने से आर्थिक वृद्धि मिलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भू-स्थानिक परिवर्तन कार्यशाला में बोले भारत के महा सर्वेक्षक कौन हैं?
- A.प्रो. उमेश वी. वाघमारे
- B.श्रीकांत सस्त्री
- C.एस. के. सिन्हा
- D.डॉ. पुष्प लता
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भारत के महा सर्वेक्षक के रूप में उन्होंने भू-स्थानिक सुधारों को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शन के लिए डॉ. जितेंद्र सिंह को धन्यवाद दिया, कहा कि राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 ने खुले और नवाचार-आधारित तंत्र की नींव रखी है, और जोड़ा कि इस क्षेत्र की संभावनाओं को आर्थिक अवसर में बदलने…
पूरी व्याख्या पढ़ें →सामरिक मिसाइल में इन्फ्रारेड फोकल प्लेन ऐरे का क्या काम होता है?
- A.प्रारंभिक चरण में थ्रस्ट देना
- B.प्रक्षेपण मंच से डेटा लिंक को गोपनीय बनाना
- C.लक्ष्य की पहचान और पीछा करने वाले संवेदक का काम
- D.उपकरणों के लिए बिजली पैदा करना
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इन्हें सामरिक मिसाइलों की आंख कहा गया है, क्योंकि इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर के जरिये ये मिसाइल को उड़ान के अंतिम चरण में लक्ष्य खोजने और उसका पीछा करने में सक्षम बनाते हैं, और प्रदर्शनी में लघु, मध्यम तथा दीर्घ तरंग वाली इन्फ्रारेड श्रेणियां शामिल थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सम्मेलन में प्रदर्शित मोनोलिथिक माइक्रोवेव इंटीग्रेटेड सर्किट और इन्फ्रारेड फोकल प्लेन ऐरे किस प्रयोगशाला ने विकसित किए?
- A.ठोस अवस्था भौतिकी प्रयोगशाला, दिल्ली
- B.रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला, हैदराबाद
- C.अनुसंधान केंद्र इमारत, हैदराबाद
- D.उपकरण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, देहरादून
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सेमीकंडक्टर पर हुई विषयगत प्रदर्शनी में डीआरडीओ ने दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों की उपलब्धियां रखीं और दोनों इसी प्रयोगशाला में विकसित हुई हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईएसटीआईसी 2026 का विषय क्या था?
- A.आत्मनिर्भरता के लिए विज्ञान, सबके लिए नवाचार
- B.रचनात्मक मस्तिष्क, विज्ञान को गति, समाज को सशक्ति
- C.युवा मस्तिष्क, नया विज्ञान, नया भारत
- D.शोध से वास्तविकता, विज्ञान से समाज
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यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चला और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया।
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