मूत्र जाँच से गर्भावस्था की पुष्टि किस हार्मोन से होती है?
- A.एस्ट्रोजन
- B.प्रोजेस्टेरोन
- C.मानव कोरिओनिक गोनैडोट्रोपिन
- D.प्रोलैक्टिन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, मानव कोरिओनिक गोनैडोट्रोपिन है, जिसे एचसीजी लिखा जाता है। इसे अंतर्रोपित ब्लास्टोसिस्ट की ट्रोफोब्लास्ट और फिर प्लेसेंटा स्रावित करता है, यह गर्भधारण के कुछ सप्ताह में रक्त तथा मूत्र में आ जाता है और केवल गर्भावस्था में बनता है, इसलिए जाँच किट इसके विरुद्ध प्रतिरक्षी का प्रयोग करती हैं। A गलत है क्योंकि एस्ट्रोजन पूरे चक्र में और गर्भावस्था में भी स्रावित होता है, अतः वह गर्भ की पुष्टि नहीं कर सकता। B गलत है इसी कारण: प्रोजेस्टेरोन निषेचन न होने पर भी प्रत्येक चक्र की ल्यूटियल प्रावस्था में बढ़ता है। D गलत है क्योंकि अग्र पीयूष का प्रोलैक्टिन दुग्ध स्रावण का हार्मोन है, जो गर्भावस्था के अंत में तथा प्रसव के बाद बढ़ता है। प्लेसेंटा मानव प्लेसेंटल लैक्टोजन, एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और रिलैक्सिन भी स्रावित करता है।
पूरा लेख पढ़ें: मानव प्रजनन और प्रजनन स्वास्थ्य: अंग और चक्र
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमनुष्य में निषेचन सामान्यतः मादा प्रजनन तंत्र के किस भाग में होता है?
- A.गर्भाशय
- B.फैलोपियन नलिका का ऐम्पुला
- C.गर्भाशय ग्रीवा
- D.अंडाशय
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व्याख्या
सही उत्तर B, फैलोपियन नलिका का ऐम्पुला है। अंडोत्सर्ग में मुक्त अंड को इन्फंडिबुलम की झालरें पकड़ती हैं और वह नलिका के चौड़े मध्य भाग ऐम्पुला में शुक्राणु से मिलता है, जहाँ संयुग्मन होकर युग्मनज बनता है। A गलत है क्योंकि गर्भाशय अंतर्रोपण का स्थान है, निषेचन का नहीं; ब्लास्टोसिस्ट लगभग एक सप्ताह बाद वहाँ पहुँचकर अंतर्गर्भाशय कला से जुड़ता है। C गलत है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय की सँकरी गर्दन है, जिससे शुक्राणु ऊपर जाते हैं; वहाँ कोई संयुग्मन नहीं होता। D गलत है क्योंकि अंडाशय केवल अंड मुक्त करता है; अंडाशय में या उसके पास निषेचित अंड असामान्य अस्थानिक गर्भावस्था होगी। यही एक अंतर, नलिका में निषेचन और गर्भाशय में अंतर्रोपण, इस अध्याय का सर्वाधिक दोहराया प्रश्न है। इसी कारण नलिका में अवरोध बंध्यता का कारण बनता है और ट्यूबेक्टोमी में यही नलिका अवरुद्ध की जाती है।
मानव नर में टेस्टोस्टेरोन का स्रावण किन कोशिकाओं से होता है?
- A.सर्टोली कोशिकाएँ
- B.लेडिग या अंतराली कोशिकाएँ
- C.पुरस्थ ग्रंथि की कोशिकाएँ
- D.एपिडिडाइमिस की कोशिकाएँ
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व्याख्या
सही उत्तर B, लेडिग या अंतराली कोशिकाएँ है, जो वृषण की शुक्रजनक नलिकाओं के बीच के स्थानों में रहती हैं और अग्र पीयूष के ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के प्रभाव में एंड्रोजन, मुख्यतः टेस्टोस्टेरोन स्रावित करती हैं। A गलत है क्योंकि सर्टोली कोशिकाएँ नलिकाओं के भीतर रहकर विकसित होते शुक्राणुओं को पोषण देती हैं, इसी कारण उन्हें धात्री कोशिकाएँ कहते हैं; यही अदला-बदली इस विषय की सबसे आम भूल है। C गलत है क्योंकि पुरस्थ ग्रंथि सहायक ग्रंथि है, जिसका स्राव वीर्य का भाग बनता है, हार्मोन नहीं। D गलत है क्योंकि एपिडिडाइमिस कुंडलित नलिका है, जहाँ शुक्राणु संचित और परिपक्व होते हैं; वह कोई लैंगिक हार्मोन नहीं स्रावित करती। जोड़ी एक बार में याद कर लें: सर्टोली पोषण, लेडिग स्रावण। टेस्टोस्टेरोन पुरुष के गौण लैंगिक लक्षणों, जैसे स्वर का भारी होना और दाढ़ी-मूँछ का आना, के लिए उत्तरदायी है।
वृषण में सर्टोली कोशिकाओं का मुख्य कार्य क्या है?
- A.टेस्टोस्टेरोन स्रावित करना
- B.विकसित होते शुक्राणुओं को पोषण देना
- C.परिपक्व शुक्राणुओं का संचय करना
- D.वीर्य का तरल भाग बनाना
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व्याख्या
सही उत्तर B, विकसित होते शुक्राणुओं को पोषण देना है। सर्टोली कोशिकाएँ शुक्रजनक नलिकाओं की भित्ति बनाती हैं और जनन कोशिकाओं को विभाजन तथा शुक्राणु में रूपांतरण के दौरान पोषण एवं सहारा देती हैं, इसी कारण उन्हें धात्री कोशिकाएँ कहा जाता है; इन पर मुख्य नियंत्रण पुटक उद्दीपक हार्मोन का होता है। A गलत है क्योंकि टेस्टोस्टेरोन नलिकाओं के बाहर की लेडिग या अंतराली कोशिकाओं से आता है। C गलत है क्योंकि परिपक्व शुक्राणु एपिडिडाइमिस तथा शुक्रवाहिका में संचित होते हैं, सर्टोली कोशिकाओं में नहीं। D गलत है क्योंकि वीर्य का तरल भाग सहायक ग्रंथियाँ अर्थात् शुक्राशय, पुरस्थ ग्रंथि और बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियाँ बनाती हैं। यह भी याद रखें कि वृषणकोष वृषण को शारीरिक ताप से लगभग दो से ढाई डिग्री नीचे रखता है, जो इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक है।
शुक्राणु के सिर में उपस्थित एक्रोसोम में क्या होता है?
- A.ऊर्जा के लिए माइटोकॉन्ड्रिया
- B.वे एंजाइम जो अंड में प्रवेश में सहायक हैं
- C.शुक्राणु की आनुवंशिक सामग्री
- D.ग्लूकोज का संचय
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व्याख्या
सही उत्तर B, वे एंजाइम जो अंड में प्रवेश में सहायक हैं। एक्रोसोम शुक्राणु के केंद्रक पर टोपी जैसी रचना है, जिसमें भरे एंजाइम अंड के चारों ओर की परतों को गलाते हैं, जिससे एक शुक्राणु उससे संयुग्मित हो पाता है। A गलत है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया शुक्राणु के मध्य भाग में भरे होते हैं और पूँछ की गति के लिए ऊर्जा देते हैं। C गलत है क्योंकि आनुवंशिक सामग्री सिर के अगुणित केंद्रक में, एक्रोसोम के नीचे रहती है, और एक्रोसोम में कोई गुणसूत्र नहीं होता। D गलत है क्योंकि शुक्राणु अपनी ऊर्जा आसपास के तरल और अपने माइटोकॉन्ड्रिया से लेता है, सिर में संचित ग्लूकोज से नहीं। शुक्राणु के तीन भाग, एक्रोसोम युक्त सिर, माइटोकॉन्ड्रिया युक्त मध्य भाग और गति की पूँछ, आरेख आधारित प्रश्नों में आते हैं।
कॉर्पस ल्यूटियम से कौन-सा हार्मोन स्रावित होता है?
- A.प्रोजेस्टेरोन
- B.ऑक्सीटोसिन
- C.पुटक उद्दीपक हार्मोन
- D.थायरॉक्सिन
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व्याख्या
सही उत्तर A, प्रोजेस्टेरोन है। अंडोत्सर्ग के बाद फटा ग्राफी पुटक पीले पिंड अर्थात् कॉर्पस ल्यूटियम में बदल जाता है, जो अंतर्रोपण के लिए अंतर्गर्भाशय कला को मोटा और सुरक्षित रखने हेतु अधिक मात्रा में प्रोजेस्टेरोन स्रावित करता है। निषेचन न होने पर कॉर्पस ल्यूटियम नष्ट हो जाता है, प्रोजेस्टेरोन घटता है और अंतर्गर्भाशय कला मासिक स्राव के रूप में निकल जाती है। B गलत है क्योंकि ऑक्सीटोसिन पश्च पीयूष से आता है और प्रसव के गर्भाशय संकुचन तथा दुग्ध निष्कासन कराता है। C गलत है क्योंकि पुटक उद्दीपक हार्मोन अग्र पीयूष से स्रावित होता है और चक्र में पहले अंडाशय पर कार्य करता है। D गलत है क्योंकि थायरॉक्सिन थायरॉयड ग्रंथि का आयोडीन युक्त हार्मोन है और अंडाशयी चक्र से उसका कोई संबंध नहीं है।