मिथिला परंपरा में जिस कोहबर घर की दीवार पर चित्र बनाया जाता है, वह क्या है?
- A.नवविवाहित दंपति का कक्ष
- B.घर की रसोई
- C.गोशाला
- D.गांव का देवस्थान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, नवविवाहित दंपति का कक्ष है। कोहबर घर वह कक्ष है जिसमें विवाह के बाद वर और वधू को एक साथ लाया जाता है, और उसकी दीवार पर कोहबर चित्र बनता है, जिसमें पत्तों के घेरे वाला कमल, बांस का झुरमुट, मछली, तोते तथा सूर्य और चंद्रमा होते हैं, और ये सब उर्वरता तथा मिलन के प्रतीक हैं। घर के फर्श पर अरिपन नाम की अलग आकृति बनाई जाती है।
विकल्प B, रसोई, इस परंपरा में चित्रित नहीं होती। विकल्प C, गोशाला, में भी ऐसा अनुष्ठानिक चित्र नहीं बनता, हालांकि पशु आकृतियों के रूप में आते हैं। विकल्प D, गांव का देवस्थान, त्योहारों पर सजता है परंतु वह कोहबर नहीं है। दीवार पर कोहबर और फर्श पर अरिपन का यही अंतर ऐसे प्रश्नों में परखा जाता है, इसलिए दोनों शब्द अलग अलग याद रखने योग्य हैं।
पूरा लेख पढ़ें: मधुबनी, मंजूषा और बिहार की अन्य कलाएं: शैली और तथ्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमधुबनी चित्रकला बिहार के किस क्षेत्र की है?
- A.भागलपुर के आसपास का अंग
- B.उत्तर का मिथिला
- C.गया के आसपास का मगध
- D.पश्चिम का भोजपुर
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मधुबनी चित्रकला को मिथिला चित्रकला भी कहा जाता है क्योंकि यह उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र में, मुख्यतः मधुबनी और दरभंगा जिलों में विकसित हुई, और इसका प्रचलित नाम इनमें पहले जिले से आया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहुला और बिषहरी की कथा कहने वाली मंजूषा कला बिहार के किस जिले की है?
- A.मधुबनी
- B.भागलपुर
- C.गया
- D.पटना
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मंजूषा कला भागलपुर तथा उसके आसपास के अंगिका भाषी क्षेत्र की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन मधुबनी चित्रकला की शैली नहीं है?
- A.भरनी
- B.कचनी
- C.गोदना
- D.कलमकारी
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कलमकारी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की कपड़े पर कलम तथा प्राकृतिक रंगों से की जाने वाली कला है, जो श्रीकालहस्ती और मछलीपट्टनम में होती है, और उसका मिथिला से कोई संबंध नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पटना की टिकुली कला मूल रूप से किस वस्तु को सजाती थी?
- A.मिट्टी के बर्तन
- B.माथे पर पहनी जाने वाली बिंदी
- C.मंदिर के द्वार
- D.ताड़पत्र की पांडुलिपियां
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टिकुली नाम उस टिकुली या टिकली से आया है जिसे स्त्रियां माथे पर लगाती थीं और जो पटना में पतले कांच पर स्वर्ण पत्र तथा रंगीन मीनाकारी चढ़ाकर बनाई जाती थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार की सुजनी कढ़ाई किस जिले से जुड़ी है?
- A.मुजफ्फरपुर
- B.नालंदा
- C.सारण
- D.पूर्णिया
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सुजनी वह रजाईदार कढ़ाई है जिसमें पुराने कपड़े की परतें चलते टांकों की पंक्तियों से जोड़ी जाती हैं, और वही टांके स्त्रियों, पशुओं, पेड़ों तथा गांव के दृश्यों की आकृतियां बनाते हैं।
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