मंत्री के अनुसार भारत का परमाणु ऊर्जा क्षमता लक्ष्य क्या है?
- A.2040 तक 50 गीगावॉट
- B.2035 तक 75 गीगावॉट
- C.2047 तक 100 गीगावॉट
- D.2050 तक 200 गीगावॉट
सही उत्तर
C. 2047 तक 100 गीगावॉट
व्याख्या
सही उत्तर 2047 तक 100 गीगावॉट है। मंत्री ने इस लक्ष्य का उल्लेख परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के साथ किया और परमाणु ऊर्जा को भविष्य की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा स्रोत बताया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डेटा केंद्रों से बनने वाली मांग भी शामिल है। विकल्प ए, बी और डी में संभावित दिखने वाली क्षमता और संभावित दिखने वाले वर्ष जोड़े गए हैं, और प्रश्न इसी तरह बनाए जाते हैं, इसलिए उत्तर के दोनों हिस्से याद रखने चाहिए। वर्ष 2047 महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्वतंत्रता की शताब्दी का वर्ष है और कई राष्ट्रीय लक्ष्यों की समय-सीमा भी, इसलिए जिस अभ्यर्थी को वर्ष याद है वह अक्सर सही विकल्प तक पहुंच जाता है। 100 गीगावॉट का क्षमता आंकड़ा इसी संबोधन में दिए गए अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के आंकड़ों के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षा में दोनों एक ही खबर से पूछे जा सकते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: अंतरिक्ष क्षेत्र खुलने से प्रतिभा पलायन घटा: जितेंद्र सिंह
अभ्यास प्रश्न
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान आकार क्या है?
- A.लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- B.लगभग 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- C.लगभग 24 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- D.लगभग 45 बिलियन अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। मंत्री ने इसे अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान आकार बताया और कहा कि वर्तमान गति बनी रहे तो यह अगले 8 से 10 वर्षों में 45 से 46 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है; इस विस्तार का श्रेय उन्होंने क्षेत्र को खोलने तथा अधिक हितधारकों के आने को दिया। विकल्प डी जाल है: 45 बिलियन डॉलर 8 से 10 वर्ष आगे का अनुमानित आंकड़ा है, वर्तमान नहीं, और प्रश्नपत्र अक्सर इन दोनों में अंतर पूछते हैं। विकल्प ए और सी वास्तविक आंकड़ों के बीच रखे गए गढ़े मान हैं। साथ में यह भी याद रखें कि क्षेत्र खुलने से युवा इंजीनियरों को स्काईरूट जैसे निजी स्टार्टअप में देश में ही काम मिल रहा है, और प्रतिभा पलायन का यही तर्क मंत्री छात्रों के सामने रख रहे थे।
मंत्री ने उभरते वैज्ञानिक क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की पहलों में निम्नलिखित में से किसका नाम नहीं लिया?
- A.डीप ओशन मिशन
- B.क्वांटम मिशन
- C.अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन
- D.राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन है, जिसका नाम मंत्री ने इस संबोधन में नहीं लिया। उन्होंने उभरते क्षेत्रों में क्षमता बनाने वाली पहलों के रूप में डीप ओशन मिशन, क्वांटम मिशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा तथा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की गिनती की, इसलिए विकल्प ए, बी और सी उसी सूची में आते हैं। डीप ओशन मिशन पर उन्होंने कहा कि भारत अपने महासागरों की वैज्ञानिक तथा आर्थिक क्षमता का पता लगाना शुरू कर रहा है, जिसमें बड़े हिस्से में अनछुए संसाधन भी शामिल हैं। जैव प्रौद्योगिकी पर उन्होंने अलग से अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार वाले ढांचे, कोविड-19 के विरुद्ध दुनिया के पहले डीएनए टीके तथा जीनोम इंडिया पहल का उल्लेख किया। चंद्रयान-3 उनका उदाहरण था कि जटिल मिशन उल्लेखनीय कम लागत पर चलाया जा सकता है।
फाजिल्का के ड्राइव टेस्ट में किन दो कंपनियों की एक भी कॉल ड्रॉप नहीं हुई?
- A.बीएसएनएल और वोडाफोन आइडिया
- B.एयरटेल और रिलायंस जियो
- C.एयरटेल और बीएसएनएल
- D.रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर एयरटेल और रिलायंस जियो है। एयरटेल की सफलतापूर्वक जुड़ी 279 कॉलों में से एक भी नहीं टूटी और जियो की 278 कॉलों में से भी कोई नहीं, जबकि बीएसएनएल में 281 कॉलों में से तीन और वोडाफोन आइडिया में 248 कॉलों में से तीन ड्रॉप हुईं। इससे विकल्प A, C और D बाहर हो जाते हैं। इससे जुड़े कवरेज गैप में, जो ऑटो चयन मोड में जुटाए कुल नमूनों में खराब सिग्नल वाले नमूनों के रूप में गिना जाता है, एयरटेल के सबसे कम कमजोर नमूने 31329 में से 178 रहे। इसके बाद जियो 30439 में से 295, वोडाफोन आइडिया 31163 में से 820 और बीएसएनएल 31183 में से 1575 पर रहीं। तीन सेकंड से अधिक की कॉल साइलेंस एयरटेल में सबसे कम 268 कॉलों में से एक और वोडाफोन आइडिया में सबसे अधिक 272 में से छह रही।
फाजिल्का में ट्राई के स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट में सिटी ड्राइव का मार्ग कितना लंबा था?
- A.96.2 किलोमीटर
- B.145.3 किलोमीटर
- C.184.6 किलोमीटर
- D.212.8 किलोमीटर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 184.6 किलोमीटर है। सिटी ड्राइव के साथ नियुक्त एजेंसी ने 1.9 किलोमीटर का वॉक टेस्ट भी किया और फाजिल्का शहर तथा उससे लगे इलाकों में छह हॉटस्पॉट स्थानों को परखा, और यह सब 5 से 7 अगस्त 2026 के बीच हुआ। विकल्प A, B और D में दी दूरियां बताई ही नहीं गई थीं। मार्ग में फाजिल्का के अलावा अबोहर, जलालाबाद, खुई खेड़ा, घुभाया, लाधुका और कई अन्य बस्तियां शामिल रहीं। ऐसी जांच में हर सेवा प्रदाता के सिम कार्ड से 2जी, 3जी, 4जी और 5जी नेटवर्क पर कई उन्नत हैंडसेट के जरिए लाइव वॉयस तथा डेटा सेशन चलाए जाते हैं और उन्हें उसी समय परखा जाता है। मापे जाने वाले मापदंडों में कवरेज गैप, कॉल सेटअप सफलता दर, कॉल ड्रॉप दर, कॉल साइलेंस, स्पीच गुणवत्ता, लेटेंसी, जिटर, पैकेट हानि तथा डाउनलोड और अपलोड थ्रूपुट आते हैं।
फाजिल्का में ट्राई के स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट में किस कंपनी की औसत डाउनलोड गति सर्वाधिक रही?
- A.एयरटेल
- B.बीएसएनएल
- C.रिलायंस जियो
- D.वोडाफोन आइडिया
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व्याख्या
सही उत्तर रिलायंस जियो है, जिसकी औसत डाउनलोड गति फाजिल्का की जांच में 271.44 एमबीपीएस रही। विकल्प A यानी एयरटेल 204.39 एमबीपीएस के साथ दूसरे स्थान पर रही, इसलिए यह करीब होते हुए भी गलत है; हालांकि अपलोड में एयरटेल 23.52 एमबीपीएस के साथ सबसे आगे रही। विकल्प D यानी वोडाफोन आइडिया की डाउनलोड गति 17.19 एमबीपीएस और अपलोड गति 15.10 एमबीपीएस रही। विकल्प B यानी बीएसएनएल डाउनलोड में 15.59 एमबीपीएस और अपलोड में 6.39 एमबीपीएस के साथ सबसे नीचे रही और उसी की पैकेट हानि भी सबसे अधिक रही, डाउनलिंक में 2.68 प्रतिशत और अपलिंक में 2.90 प्रतिशत। याद रखें कि यह जांच पंजाब लाइसेंस सेवा क्षेत्र में 5 से 7 अगस्त 2026 के बीच हुई और इसकी देखरेख नियामक के जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने की थी।