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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

मछलीपट्टनम और कर्नूल सिटी के बीच स्वीकृत नई ट्रेन कितनी दूरी तय करेगी?

  1. A.399 किलोमीटर
  2. B.449 किलोमीटर
  3. C.499 किलोमीटर
  4. D.549 किलोमीटर

सही उत्तर

C. 499 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर 499 किलोमीटर है। यह नई सेवा दक्षिण तट रेलवे पर विजयवाड़ा होते हुए मछलीपट्टनम और कर्नूल सिटी के बीच चलेगी और दोनों छोरों के बीच यही दूरी तय करेगी। विकल्प A गलत है क्योंकि यात्रा इससे लंबी है; ट्रेन आंध्र प्रदेश की तटीय पट्टी से राज्य के भीतरी भाग तक जाती है और रास्ते में एक दर्जन ठहराव लेती है। विकल्प B भी इसी कारण गलत है और इस मार्ग से ऐसा कोई आँकड़ा जुड़ा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि दूरी इतनी नहीं बढ़ाई गई है। ठहरावों का क्रम भी याद रखने योग्य है - गुडिवाडा, विजयवाड़ा, नरसरावपेट, विनुकोंडा, दोनाकोंडा, मार्कापुर रोड, कंबम, गिद्दलूर, दिगुवामेट्टा, नंद्याल, बेतमचेर्ला और ढोणे। जाने वाली सेवा सोमवार, बुधवार तथा शनिवार को और वापसी सेवा मंगलवार, गुरुवार तथा रविवार को चलेगी।

पूरा लेख पढ़ें: रेलवे ने कवच 4.0, बरबिल दोहरीकरण और नई ट्रेन को मंज़ूरी दी

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Q1.राष्ट्रीयमध्यम

कवच संस्करण 4.0 वाराणसी मंडल के 614.75 रूट किलोमीटर पर किस रेलवे क्षेत्र में स्वीकृत हुआ है?

  1. A.उत्तर रेलवे
  2. B.पूर्वोत्तर रेलवे
  3. C.उत्तर मध्य रेलवे
  4. D.पूर्व मध्य रेलवे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पूर्वोत्तर रेलवे

व्याख्या

सही उत्तर पूर्वोत्तर रेलवे है। वाराणसी मंडल, जिसका संक्षिप्त रूप बीएसबी है, इसी क्षेत्र के अधीन आता है, और 223 करोड़ रुपये की स्वीकृति उस मंडल के बचे हुए खंडों में कवच 4.0 को फैलाती है, जो कुल मिलाकर 614.75 रूट किलोमीटर बनते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि उत्तर रेलवे एक अलग क्षेत्र है और इस मंज़ूरी में जिस मंडल का नाम है वह उसके अधीन नहीं आता। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तर मध्य रेलवे भले ही देश के इसी बड़े भूभाग में काम करता हो, वाराणसी मंडल उसके अधीन नहीं है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। कवच स्वयं देश में विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका काम ट्रेन को खतरे का संकेत पार करने से रोकना और चालक के चूकने पर स्वयं ब्रेक लगाना है।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

भारतीय रेल द्वारा स्वीकृत बरबिल-बोलानीखदान दोहरीकरण परियोजना किस गलियारे पर पड़ती है?

  1. A.ऊर्जा, खनिज एवं सीमेंट गलियारा
  2. B.स्वर्णिम चतुर्भुज गलियारा
  3. C.पूर्वी समर्पित माल गलियारा
  4. D.रेल सागर गलियारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ऊर्जा, खनिज एवं सीमेंट गलियारा

व्याख्या

सही उत्तर ऊर्जा, खनिज एवं सीमेंट गलियारा है, जिसके अंतर्गत भारतीय रेल ने इस खंड को चिह्नित किया है। यह हिस्सा केवल 6 किलोमीटर लंबा है, पर इस पर सेल की बोलानी खदानों और निजी साइडिंगों से उच्च श्रेणी का लौह अयस्क तथा पेलेट इस्पात संयंत्रों और बंदरगाहों की ओर जाता है; दोहरीकरण 122 करोड़ रुपये की पूर्णता लागत पर मंज़ूर हुआ है। विकल्प B गलत है क्योंकि स्वर्णिम चतुर्भुज बड़े महानगरों को जोड़ने वाला राजमार्ग नेटवर्क है, रेल परियोजना का ढाँचा नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि समर्पित माल गलियारे अलग से बनाई गई लाइनें हैं, जबकि यह मंज़ूरी पहले से मौजूद इकहरी लाइन के दोहरीकरण की है। विकल्प D गलत है क्योंकि इस नाम का कोई गलियारा इस स्वीकृति में नहीं आता। चालू होने पर 8.9 एमटीपीए अतिरिक्त माल ढुलाई की आशा है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को किस कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है?

  1. A.स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम
  2. B.शस्त्र अधिनियम
  3. C.गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम
  4. D.राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम है, जिसे अंग्रेज़ी में UAPA कहा जाता है। गृह मंत्री ने बताया कि सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थ भेजने वाले शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को इसी कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसियों के बेहतर तालमेल से इस नेटवर्क के चालीस से अधिक मोड्यूल तोड़े गए, पंद्रह राज्यों में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज हुईं और 350 लोग गिरफ्तार किए गए। विकल्प A गलत है क्योंकि वह कानून मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर लागू होता है और उससे किसी संगठन को आतंकवादी घोषित नहीं किया जा सकता। विकल्प B गलत है क्योंकि शस्त्र अधिनियम हथियार रखने और बेचने से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम व्यक्तियों की निवारक नज़रबंदी से जुड़ा है, संगठनों पर प्रतिबंध से नहीं।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

वर्ष 2019 से 2026 के बीच कितने भगोड़े अपराधी और कितने देशों से भारत वापस लाए गए?

  1. A.26 देशों से 188 भगोड़े
  2. B.36 देशों से 288 भगोड़े
  3. C.46 देशों से 388 भगोड़े
  4. D.30 देशों से 248 भगोड़े
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 36 देशों से 288 भगोड़े

व्याख्या

सही उत्तर 36 देशों से 288 भगोड़े है। नई दिल्ली के इस सम्मेलन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 तक की अवधि में सरकार 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में सफल रही और ये वापसी कुल 36 अलग-अलग देशों से हुई। उन्होंने यह आंकड़ा प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू करते समय दिया, जिसका मकसद एजेंसियों के काम को एक जगह लाकर ऐसी वापसी को और तेज़ बनाना है। विकल्प A, C और D में दिए गए अंक घोषित आंकड़ों से मेल नहीं खाते, चाहे भगोड़ों की संख्या हो या देशों की। परीक्षा की दृष्टि से इन दोनों अंकों को पोर्टल के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न प्रायः आंकड़े और शुभारंभ को एक साथ पूछते हैं। मंत्री ने राज्यों की पुलिस से भी कहा कि वे अलग टीमें बनाएं ताकि यह काम केवल केंद्रीय एजेंसियों पर न रहे।

Q5.राष्ट्रीयआसान

नई दिल्ली में आयोजित 'प्रहार - CT नीति और रणनीति' सम्मेलन में कौन सा पोर्टल शुरू किया गया?

  1. A.प्रत्यर्पण पोर्टल
  2. B.साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
  3. C.राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड पोर्टल
  4. D.मादक पदार्थ समन्वय पोर्टल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रत्यर्पण पोर्टल

व्याख्या

सही उत्तर प्रत्यर्पण पोर्टल है। नई दिल्ली में हुए इस आतंकवाद-रोधी सम्मेलन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने यही पोर्टल शुरू किया। इसका उद्देश्य विदेश भाग चुके वांछित अपराधियों को वापस लाने के प्रयासों को एक मंच पर लाना और उनमें तेज़ी लाना है। इसी संबोधन में यह आंकड़ा भी दिया गया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधी देश वापस लाए गए और राज्यों की पुलिस से ऐसे मामलों के लिए अलग टीमें बनाने को कहा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि इस आयोजन में कोई साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल शुरू नहीं हुआ; पूरा सम्मेलन आतंकवाद-रोधी नीति और ढांचे के सात स्तंभों पर केंद्रित था। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड पहले से मौजूद व्यवस्था है और यहां उसका कोई शुभारंभ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि मादक पदार्थों का उल्लेख केवल शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के संदर्भ में आया था, उसके लिए कोई अलग समन्वय पोर्टल घोषित नहीं किया गया।