लोगों के बीच बड़े पैमाने पर चरखे बाँटने का निर्णय किसने लिया था?
- A.1919 में कांग्रेस कार्यसमिति ने
- B.1921 में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने
- C.दांडी मार्च की शुरुआत में महात्मा गांधी ने
- D.1947 में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1921 में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने। मार्च 1921 में बेजवाड़ा (विजयवाड़ा) की बैठक में AICC ने असहयोग आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तीन लक्ष्य तय किए: कांग्रेस के एक करोड़ सदस्य, तिलक स्वराज कोष के लिए एक करोड़ रुपये, और 30 जून 1921 तक लोगों में बीस लाख चरखों का वितरण। कताई और खादी का उद्देश्य गाँवों को आत्मनिर्भर बनाना, विदेशी कपड़े की जगह लेना और हर भारतीय को राष्ट्रप्रेम का एक सरल दैनिक काम देना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1919 में रौलट एक्ट के विरुद्ध आंदोलन चल रहा था और चरखे का जन कार्यक्रम तब तक अपनाया नहीं गया था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1930 का दांडी मार्च नमक कानून तोड़ने के लिए था, चरखे बाँटने का निर्णय नहीं था। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1947 तक राष्ट्रीय आंदोलन स्वतंत्रता और विभाजन के साथ समाप्त हो रहा था और तब ऐसा कोई कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ। परीक्षा टिप: बेजवाड़ा AICC, 1921: एक करोड़ सदस्य, एक करोड़ रुपये और बीस लाख चरखे।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमध्यकालीन बंगाल की सबसे बड़ी मस्जिद, पांडुआ की अदीना मस्जिद किसने बनवाई?
- A.सिकंदर शाह
- B.होशंग शाह
- C.इब्राहीम शाह शर्की
- D.अहमद शाह प्रथम
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सही उत्तर है A, सिकंदर शाह, जो शम्सुद्दीन इलियास शाह का पुत्र और उत्तराधिकारी था और जिसने चौदहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पांडुआ में अदीना मस्जिद ऐसे पैमाने पर बनवाई जो पूर्वी भारत में अद्वितीय है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अलाउद्दीन हुसैन शाह, जिसके समय मध्यकालीन बंगाल का स्वर्ण युग आया, किस धार्मिक व्यक्तित्व का समकालीन था?
- A.कबीर
- B.चैतन्य महाप्रभु
- C.गुरु नानक देव
- D.रामानुज
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बंगाल में कृष्ण भक्ति के महान प्रचारक अलाउद्दीन हुसैन शाह के शासनकाल में हुए, जिसने बांग्ला साहित्य को संरक्षण दिया और जिसके शासन में वैष्णव भक्ति प्रांत में व्यापक रूप से फैली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1484 में जौनपुर को दिल्ली सल्तनत में किस शासक ने मिलाया?
- A.बहलोल लोदी
- B.सिकंदर लोदी
- C.इब्राहीम लोदी
- D.अकबर
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लोदी वंश के संस्थापक ने अपने शासन का बड़ा भाग शर्की राज्य को दबाने में लगाया, हुसैन शाह शर्की को पराजित किया, जो बंगाल भाग गया, और 1484 में जौनपुर को मिला लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1342 में बंगाल को एक करने, इलियास शाही वंश की स्थापना करने और शाह-ए-बंगाला की उपाधि धारण करने वाला शासक कौन था?
- A.शम्सुद्दीन इलियास शाह
- B.अलाउद्दीन हुसैन शाह
- C.जलालुद्दीन मुहम्मद शाह
- D.दाऊद खाँ करारानी
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उसने 1342 में बंगाल के तीनों भागों को एक सत्ता के अधीन किया, अपने नाम पर वंश की स्थापना की, शाह-ए-बंगाला की उपाधि ली और फिरोज शाह तुगलक के दोनों आक्रमणों को विफल किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मालवा के किस शासक ने राजधानी धार से मांडू स्थानांतरित कर उसका नाम शादियाबाद रखा?
- A.दिलावर खाँ गोरी
- B.होशंग शाह
- C.महमूद खिलजी प्रथम
- D.बाज बहादुर
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दिलावर खाँ गोरी के पुत्र ने शासन का केंद्र मैदानी नगर धार से हटाकर मांडू के पहाड़ी किले में किया, उसका नाम शादियाबाद अर्थात आनंद नगर रखा और वहाँ जामा मस्जिद बनवाई; मांडू में उसका अपना मकबरा भारत का पहला पूर्णतः संगमरमर आच्छादित भवन है, जिसका अध्ययन करने शाहजहाँ ने…
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