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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

लेजर रामन स्पेक्ट्रोमीटर से मंगल सदृश स्थलों की पहचान किस संस्थान के दल ने की?

  1. A.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
  2. B.केरल विश्वविद्यालय, भूविज्ञान विभाग
  3. C.भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु
  4. D.राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केंद्र

सही उत्तर

B. केरल विश्वविद्यालय, भूविज्ञान विभाग

व्याख्या

सही उत्तर केरल विश्वविद्यालय, भूविज्ञान विभाग है। इस शोध में प्रयुक्त लेजर रामन स्पेक्ट्रोमीटर इसी विभाग में डीएसटी-फिस्ट कार्यक्रम के तहत उपलब्ध है, और शोध दल का नेतृत्व डीएसटी-फिस्ट के परियोजना समन्वयक डॉ. सजिन कुमार के. एस. ने किया। यह उपकरण खनिज की विशिष्ट वर्णक्रमीय पहचान पकड़ता है, जिससे तीनों स्थलों पर मेलेंटेराइट और जिप्सम की पुष्टि हुई। विकल्प A, C और D में दिए संस्थान देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान हैं, लेकिन यह विशेष अध्ययन उनका नहीं है, इसलिए वे गलत हैं। परीक्षा की दृष्टि से विश्वविद्यालय, उपकरण देने वाला कार्यक्रम, दोनों खनिज, तमिलनाडु और चिली के तीन स्थल तथा जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च: प्लैनेट्स में प्रकाशित दो शोध पत्र, इन सभी तथ्यों को जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर संस्थान और खनिज को आपस में मिलाकर पूछे जाते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: भारतीय वैज्ञानिकों ने तमिलनाडु में मंगल सदृश स्थल पहचाने

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

तमिलनाडु के नेवेली को मंगल सदृश स्थल सिद्ध करने में किस खनिज की पहचान सहायक रही?

  1. A.मेलेंटेराइट
  2. B.जिप्सम
  3. C.हेमेटाइट
  4. D.ओलिवीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेलेंटेराइट

नेवेली में यह खनिज लिग्नाइट की परत में मौजूद मार्कासाइट से सल्फाइड ऑक्सीकरण के जरिये बनता है और अल्पकालिक आर्द्र, अम्लीय तथा ऑक्सीकारक परिस्थितियों को दर्ज करता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

इस अध्ययन में जिप्सम वाला कौन सा मंगल सदृश रेगिस्तान भारत से बाहर है?

  1. A.अटाकामा रेगिस्तान, चिली
  2. B.सहारा रेगिस्तान, अफ्रीका
  3. C.गोबी रेगिस्तान, मंगोलिया
  4. D.कालाहारी रेगिस्तान, बोत्सवाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अटाकामा रेगिस्तान, चिली

वहां और तमिलनाडु के अर्ध-शुष्क भूवैज्ञानिक एवं पुराजलवायु क्षेत्र तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स में जिप्सम की पहचान हुई, इसलिए दोनों स्थान अतीत की जल गतिविधि के अध्ययन के लिए मंगल सदृश स्थल माने गए हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

टीडीबी समर्थित क्वांटम कार्यक्रम के चार स्तंभों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

  1. A.पहचान सुरक्षा
  2. B.स्थिति अखंडता
  3. C.समय अखंडता
  4. D.जलवायु सहनशीलता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जलवायु सहनशीलता

कार्यक्रम के चार स्तंभ पहचान सुरक्षा, स्थिति अखंडता, नेटवर्क सुरक्षा और समय अखंडता हैं। पहचान सुरक्षा के अंतर्गत क्वांटम सुरक्षित भौतिक अननुकरणीय फलन तथा क्वांटम सुरक्षित विश्वसनीय प्लेटफॉर्म मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे, जिससे उपकरण की पहचान हार्डवेयर स्तर पर पक्की हो।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

क्यूएनयू लैब्स की क्वांटम परियोजना में टीडीबी सहायता और कुल लागत कितनी है?

  1. A.250 करोड़ रुपये की परियोजना में 100 करोड़ रुपये की सहायता
  2. B.300 करोड़ रुपये की परियोजना में 150 करोड़ रुपये की सहायता
  3. C.400 करोड़ रुपये की परियोजना में 200 करोड़ रुपये की सहायता
  4. D.500 करोड़ रुपये की परियोजना में 250 करोड़ रुपये की सहायता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 300 करोड़ रुपये की परियोजना में 150 करोड़ रुपये की सहायता

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अनुसंधान विकास एवं नवाचार कोष से परियोजना लागत का आधा हिस्सा दे रहा है और यह सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण के माध्यम से मिलेगी।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने क्वांटम सुरक्षित प्रौद्योगिकी सहायता के लिए किस कंपनी से समझौता किया?

  1. A.क्यूएनयू लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु
  2. B.क्यूपीआई एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पुणे
  3. C.बोसोनक्यू साई प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल
  4. D.क्वांटम इकोसिस्टम प्रौद्योगिकी परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्यूएनयू लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत काम करने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने कर्नाटक की इस कंपनी के साथ अनुसंधान विकास एवं नवाचार कोष से वित्तीय सहायता का समझौता किया है।