लंबे समय से ईंधन के रूप में प्रयुक्त पीट किस पौधे के अर्धविघटित अवशेषों से बनता है?
- A.स्फैग्नम
- B.स्पाइरोगाइरा
- C.सेलाजिनेला
- D.वुल्फिया
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, स्फैग्नम। स्फैग्नम एक दलदली मॉस अर्थात ब्रायोफाइट है, जिसकी मृत कोशिकाएं अपने भार से कई गुना जल रोक लेती हैं; जलमग्न तथा अम्लीय दलदलों में उसके अवशेष केवल आंशिक रूप से विघटित होकर पीट के रूप में जमा होते हैं, जिसे काटकर सुखाकर ईंधन के रूप में जलाया जाता है और नर्सरी में मिट्टी नम रखने तथा जीवित पौधों की पैकिंग में भी प्रयोग किया जाता है। विकल्प B, स्पाइरोगाइरा, तालाबों का तंतुमय हरा शैवाल है और पीट बनने में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प C, सेलाजिनेला, टेरिडोफाइट है, जो विषमबीजाणुकता अर्थात दो आकार के बीजाणु बनाने के लिए प्रसिद्ध है, जिसे बीज की आदत की ओर पहला चरण माना जाता है। विकल्प D, वुल्फिया, सबसे छोटा आवृतबीजी है, कुछ मिलीमीटर का तैरता पौधा। ब्रायोफाइटा के तीन उपयोग साथ याद रखें: स्फैग्नम से पीट तथा पैकिंग, नंगी चट्टान पर मॉस का अग्रणी आवरण, और ढलानों पर मिट्टी के कटाव की रोक।
पूरा लेख पढ़ें: पादप जगत: शैवाल से आवृतबीजी तक परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंआइक्लर के वर्गीकरण में किस समूह में वे पौधे आते हैं जिनमें बीज नहीं बनते?
- A.क्रिप्टोगैमी
- B.फैनरोगैमी
- C.जिम्नोस्पर्मी
- D.एंजियोस्पर्मी
उत्तर देखें
आइक्लर ने पादप जगत को दो भागों में बांटा: क्रिप्टोगैमी, जिसका अर्थ है छिपे जननांगों वाले बीजरहित पौधे, जिनमें शैवाल अर्थात थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा तथा टेरिडोफाइटा आते हैं; और फैनरोगैमी, अर्थात बीजधारी पौधे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रायोफाइटा को पादप जगत का उभयचर क्यों कहा जाता है?
- A.वे जल तथा रेगिस्तान दोनों में उगते हैं
- B.वे थल पर रहते हैं पर निषेचन के लिए जल चाहिए
- C.उनमें जड़ और मूलाभास दोनों होते हैं
- D.वे प्रकाश संश्लेषण के साथ भोजन अवशोषित भी करते हैं
उत्तर देखें
मार्केंशिया, रिक्सिया, फ्यूनेरिया तथा स्फैग्नम जैसे ब्रायोफाइटा मिट्टी, चट्टान और वृक्षों के तनों पर उगते हैं, परंतु उनके नर युग्मक कशाभिकायुक्त होते हैं और अंड तक पहुंचने के लिए उन्हें जल की परत में तैरना पड़ता है, इसलिए शुष्क दशा में निषेचन नहीं हो सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संवहन ऊतक विकसित करने वाला पहला पादप समूह कौन माना जाता है?
- A.शैवाल
- B.ब्रायोफाइटा
- C.टेरिडोफाइटा
- D.अनावृतबीजी
उत्तर देखें
फर्न तथा उनके संबंधी, जैसे सेलाजिनेला, लाइकोपोडियम, इक्वीसीटम, टेरिस, एडिएंटम और मार्सीलिया, पहले पौधे हैं जिनमें जल तथा खनिज ले जाने के लिए जाइलम और भोजन ले जाने के लिए फ्लोएम है, तथा जिनमें सच्ची जड़, तना और पत्ती मिलती है; इसी कारण उन्हें संवहनी क्रिप्टोगैम भी कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयोगशाला के संवर्धन माध्यम तथा आइसक्रीम में प्रयुक्त एगार किससे प्राप्त होता है?
- A.हरे शैवाल
- B.भूरे शैवाल
- C.लाल शैवाल
- D.नील-हरित शैवाल
उत्तर देखें
एगार मुख्यतः रोडोफाइसी वर्ग के जेलिडियम तथा ग्रेसिलेरिया से प्राप्त होता है और इसका उपयोग सूक्ष्मजीव तथा पादप ऊतक उगाने के ठोस माध्यम बनाने में, तथा जेली और आइसक्रीम में होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →क्लोरोफिल ए और क्लोरोफिल बी किस शैवाल वर्ग के मुख्य वर्णक हैं?
- A.क्लोरोफाइसी
- B.फियोफाइसी
- C.रोडोफाइसी
- D.बेसिलेरियोफाइसी
उत्तर देखें
हरे शैवाल का रंग क्लोरोफिल ए तथा क्लोरोफिल बी के कारण होता है, जिन्हें कोई अन्य वर्णक ढकता नहीं; क्लैमिडोमोनास, वॉल्वॉक्स, स्पाइरोगाइरा, यूलोथ्रिक्स और कारा इसी वर्ग में आते हैं और इनका संचित भोजन स्टार्च है।
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