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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यम

लैंगिक जनन करने वाले जीवों के लिए अर्धसूत्री विभाजन का मुख्य महत्व क्या है?

  1. A.यह क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करता है
  2. B.यह पीढ़ियों में गुणसूत्र संख्या स्थिर रखता है और आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है
  3. C.यह कोशिकाओं को बड़ा होने देता है
  4. D.यह जनक कोशिका की समरूप प्रतिलिपियाँ बनाता है

सही उत्तर

B. यह पीढ़ियों में गुणसूत्र संख्या स्थिर रखता है और आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। यदि युग्मकों में पूरी गुणसूत्र संख्या होती तो निषेचन हर पीढ़ी में उसे दुगुना कर देता। अर्धसूत्री विभाजन युग्मक बनते समय संख्या आधी कर देता है, जिससे दो युग्मकों के मिलन पर मूल द्विगुणित संख्या पुनः स्थापित हो जाती है और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थिर बनी रहती है। साथ ही स्थूलपट्ट में जीन विनिमय और मध्यावस्था प्रथम में मातृ तथा पितृ गुणसूत्रों का स्वतंत्र अपव्यूहन जीनों को फेंटते हैं, इसलिए कोई दो युग्मक एक जैसे नहीं होते और संतान दोनों जनकों से तथा आपस में भी भिन्न होती है। A समसूत्री विभाजन का कार्य है। C गलत है क्योंकि आकार में वृद्धि अंतरावस्था की विशेषता है। D गलत है क्योंकि समरूप प्रतिलिपियाँ बनाना वही है जिससे अर्धसूत्री विभाजन बचता है; वह समसूत्री विभाजन का परिणाम है। इसीलिए एक ही जनक जोड़े की संतानें आपस में भिन्न होती हैं।

पूरा लेख पढ़ें: कोशिका विभाजन: समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन के नोट्स

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Q1.सामान्य विज्ञानआसान

कोशिका चक्र की किस प्रावस्था में डीएनए का द्विगुणन होता है?

  1. A.जी1 प्रावस्था
  2. B.एस प्रावस्था
  3. C.जी2 प्रावस्था
  4. D.एम प्रावस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एस प्रावस्था

इस प्रावस्था में कोशिका के डीएनए की प्रतिलिपि बनती है, जिससे केंद्रक में डीएनए की मात्रा दुगुनी हो जाती है, जबकि गुणसूत्रों की संख्या अपरिवर्तित रहती है क्योंकि अब प्रत्येक गुणसूत्र सेंट्रोमियर पर जुड़ी दो समान सहोदर क्रोमैटिड से बना होता है।

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

समसूत्री विभाजन को समकारी विभाजन क्यों कहा जाता है?

  1. A.इससे चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं
  2. B.संतति कोशिकाओं में गुणसूत्र संख्या जनक कोशिका के बराबर रहती है
  3. C.यह गुणसूत्र संख्या आधी कर देता है
  4. D.यह केवल जनन कोशिकाओं में होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संतति कोशिकाओं में गुणसूत्र संख्या जनक कोशिका के बराबर रहती है

समसूत्री विभाजन में पश्चावस्था के दौरान प्रत्येक सेंट्रोमियर विभाजित होता है और हर गुणसूत्र की एक क्रोमैटिड प्रत्येक ध्रुव पर जाती है, इसलिए दोनों संतति कोशिकाओं को जनक कोशिका के ठीक बराबर गुणसूत्र और ठीक वही आनुवंशिक सूचना मिलती है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

समसूत्री विभाजन की किस अवस्था में गुणसूत्र कोशिका की मध्यरेखा पर पंक्तिबद्ध होते हैं?

  1. A.पूर्वावस्था
  2. B.मध्यावस्था
  3. C.पश्चावस्था
  4. D.अंत्यावस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मध्यावस्था

इस अवस्था में संघनित गुणसूत्र, जिनमें से प्रत्येक दो सहोदर क्रोमैटिड से बना होता है, तर्कु तंतुओं द्वारा तब तक खिसकाए जाते हैं जब तक उनके सेंट्रोमियर कोशिका के बीच एक ही तल में न आ जाएँ, जिसे मध्यावस्था पट्टिका या विषुवतीय पट्टिका कहते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

सेंट्रोमियर का विभाजन और सहोदर क्रोमैटिड का विपरीत ध्रुवों की ओर जाना किस अवस्था में होता है?

  1. A.पूर्वावस्था
  2. B.मध्यावस्था
  3. C.पश्चावस्था
  4. D.अंत्यावस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पश्चावस्था

जब गुणसूत्र मध्यावस्था पट्टिका पर पंक्तिबद्ध हो जाते हैं और प्रत्येक काइनेटोकोर किसी तर्कु तंतु से जुड़ जाता है, तब दोनों सहोदर क्रोमैटिड को जोड़े रखने वाला सेंट्रोमियर विभाजित हो जाता है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

पादप कोशिका में साइटोकाइनेसिस जंतु कोशिका से किस प्रकार भिन्न है?

  1. A.पादप कोशिका में विदलन खाँच बनती है
  2. B.पादप कोशिका में कोशिका पट्टिका बनती है
  3. C.पादप कोशिका अपना कोशिकाद्रव्य विभाजित नहीं करती
  4. D.पादप कोशिका का केंद्रक दो बार विभाजित होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पादप कोशिका में कोशिका पट्टिका बनती है

जंतु कोशिका अपने कोशिकाद्रव्य को विदलन खाँच से बाँटती है, जिसमें प्लाज्मा झिल्ली बीच में चारों ओर से भीतर खिंचती है और कोशिका दब कर दो भागों में बँट जाती है।