लगभग 701 किलोमीटर लंबा समृद्धि महामार्ग मुंबई को किससे जोड़ता है?
- A.पुणे
- B.नागपुर
- C.सूरत
- D.हैदराबाद
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, नागपुर है। समृद्धि महामार्ग, जिसका औपचारिक नाम बालासाहेब ठाकरे के नाम पर है, लगभग 701 किलोमीटर का नियंत्रित पहुँच एक्सप्रेसवे है, जो पूरी तरह महाराष्ट्र के भीतर बना है और राज्य के आड़े मुंबई को नागपुर से जोड़ता है तथा मराठवाड़ा और विदर्भ के कई जिला मुख्यालयों के निकट से निकलता है, इसीलिए उसे केवल सड़क के बजाय आर्थिक विकास का गलियारा बताया जाता है। विकल्प A, पुणे, मुंबई से उस पुराने और बहुत छोटे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से जुड़ा है जो लगभग 94.5 किलोमीटर का है और 2002 में भारत के पहले नियंत्रित पहुँच एक्सप्रेसवे के रूप में खुला; इसी जोड़ी से सर्वाधिक भ्रम होता है। विकल्प C, सूरत, मुंबई-दिल्ली मार्ग पर पड़ता है जिसे एनएच-48 और नया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ढोते हैं, और वह गुजरात में है, महाराष्ट्र में नहीं। विकल्प D, हैदराबाद, मुंबई से राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा जुड़ा है और तेलंगाना में है। ध्यान दें कि यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक ही राज्य के भीतर है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और सुरंगें: नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग कौन-सा है?
- A.एनएच-44
- B.एनएच-27
- C.एनएच-48
- D.एनएच-16
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, एनएच-44 है, जो जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर चलता है और देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। यह 2010 के पुनर्संख्यांकन में कई पुराने राजमार्गों को मिलाकर बना, जिनमें पुराने एनएच-1ए, एनएच-1, एनएच-2, एनएच-3, एनएच-75, एनएच-26 और एनएच-7 सम्मिलित हैं, और यह लगभग एक दर्जन राज्यों तथा संघ राज्यक्षेत्रों से होकर जाता है। विकल्प B, एनएच-27, सबसे लंबा पूर्व-पश्चिम राजमार्ग है, जो पूर्व-पश्चिम गलियारे पर गुजरात के पोरबंदर से असम के सिलचर तक जाता है और कुल लंबाई में दूसरे स्थान पर है, इसलिए वही सबसे प्रबल भ्रमक विकल्प है। विकल्प C, एनएच-48, वह व्यस्त दिल्ली-मुंबई-चेन्नई मार्ग है जिसने पुराने एनएच-8 का स्थान लिया। विकल्प D, एनएच-16, पूर्वी तट पर कोलकाता से चेन्नई की ओर जाता है। संख्यांकन नियम भी याद रखें: एनएच-44 उत्तर से दक्षिण जाता है, इसलिए उसे सम संख्या मिली है, और सम संख्याएँ पूर्वी तट से पश्चिम की ओर बढ़ती हैं।
भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 किनके बीच चलता है?
- A.श्रीनगर और कन्याकुमारी
- B.पोरबंदर और सिलचर
- C.दिल्ली और मुंबई
- D.कोलकाता और चेन्नई
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, श्रीनगर और कन्याकुमारी है। एनएच-44 कश्मीर घाटी के श्रीनगर से आरंभ होकर प्रायद्वीप के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी पर समाप्त होता है, लगभग 3,745 किलोमीटर चलता है और जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा तमिलनाडु से होकर जाता है। इसलिए यह राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के पुराने उत्तर-दक्षिण गलियारे की दिशा पर चलता है। विकल्प B, पोरबंदर से सिलचर, पूर्व-पश्चिम गलियारा है, जिसे बड़े अंश में एनएच-27 ढोता है और जो सबसे लंबा पूर्व-पश्चिम राजमार्ग है। विकल्प C, दिल्ली से मुंबई, सड़क पर एनएच-48 और नए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। विकल्प D, कोलकाता से चेन्नई, स्वर्ण चतुर्भुज का पूर्वी तटीय भाग है, जिसे मुख्यतः एनएच-16 ढोता है। चारों गलियारे और उनके छोर एक समूह के रूप में याद करें, क्योंकि प्रश्न सामान्यतः एक जोड़ी के बदले दूसरी रखकर बनाया जाता है।
स्वर्ण चतुर्भुज राजमार्ग तंत्र किन चार नगरों को जोड़ता है?
- A.दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद और मुंबई
- B.दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई
- C.श्रीनगर, दिल्ली, हैदराबाद और कन्याकुमारी
- D.मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई है। स्वर्ण चतुर्भुज, जो राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना का पहला और सर्वाधिक ज्ञात चरण है, लगभग 5,846 किलोमीटर का चार तथा छह लेन वाला वलय है जो चारों महानगरों को जोड़ता है, और इस अध्याय का यही सर्वाधिक पूछा जाने वाला तथ्य है। विकल्प A उन नगरों के नाम देता है जो चतुर्भुज के पश्चिमी भाग तथा दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पड़ते हैं, पर वे चारों कोने नहीं हैं। विकल्प C श्रीनगर से कन्याकुमारी तक के उत्तर-दक्षिण गलियारे के छोर और बीच के नगर देता है, जो लगभग 4,076 किलोमीटर की भिन्न परियोजना है। विकल्प D मुंबई-चेन्नई भाग तथा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नगर गिनाता है। तीनों आँकड़े एक पंक्ति में याद रखें: स्वर्ण चतुर्भुज लगभग 5,846 किलोमीटर, उत्तर-दक्षिण गलियारा लगभग 4,076 किलोमीटर और सिलचर से पोरबंदर तक पूर्व-पश्चिम गलियारा लगभग 3,640 किलोमीटर।
2002 में खुला भारत का पहला नियंत्रित पहुँच एक्सप्रेसवे कौन-सा था?
- A.यमुना एक्सप्रेसवे
- B.मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
- C.दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
- D.आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे है, जो लगभग 94.5 किलोमीटर लंबा है, 2002 में पूरी तरह खुला और जिसका औपचारिक नाम यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे है। यह भारत की पहली ऐसी सड़क थी जो छह लेन के कंक्रीट एक्सप्रेसवे के रूप में बनी, जिसमें पहुँच पूरी तरह नियंत्रित है, समतल पर कोई क्रॉसिंग नहीं है और धीमे यातायात का प्रवेश नहीं है, तथा यह सह्याद्रि को कई सुरंगों और पुलियों से पार करती है। विकल्प A, यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर है और 2012 में खुला, अर्थात एक दशक बाद। विकल्प C, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, लगभग 96 किलोमीटर है और पिछले दशक का है। विकल्प D, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, 302 किलोमीटर है और 2016 में खुला। तीनों वास्तविक एक्सप्रेसवे हैं, इसलिए प्रश्न केवल इस पर टिकता है कि पहला कौन था, और 2002 की तिथि उसे तय कर देती है। देश की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे परियोजना 1,386 किलोमीटर का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे है।
अक्टूबर 2020 में लोकार्पित अटल सुरंग किस दर्रे के नीचे से जाती है?
- A.जोजि ला
- B.रोहतांग दर्रा
- C.नाथू ला
- D.बनिहाल दर्रा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, हिमाचल प्रदेश का रोहतांग दर्रा है। अटल सुरंग 9.02 किलोमीटर लंबी है, इसे सीमा सड़क संगठन ने बनाया और यह 3 अक्टूबर 2020 को लोकार्पित हुई; यह लेह के मार्ग पर मनाली को लाहौल घाटी से जोड़ती है, यात्रा को काफी छोटा कर देती है और उन शीत महीनों में भी मार्ग खुला रखती है जब ऊपर का दर्रा हिम से ढका रहता है। इसे तीन हजार मीटर से अधिक ऊँचाई पर विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग कहा जाता है। विकल्प A, जोजि ला, श्रीनगर-लेह मार्ग पर है, जहाँ उससे लंबी सुरंग बन रही है, जो पूरी होने पर एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में होगी। विकल्प C, नाथू ला, सिक्किम की तिब्बत से लगी सीमा का दर्रा और व्यापार मार्ग है, सुरंग का स्थल नहीं। विकल्प D, बनिहाल दर्रा, जवाहर सुरंग तथा बनिहाल-काजीगुंड खंड की पीर पंजाल रेल सुरंग से जुड़ा है।