लद्दाख में चिन्हित 28 प्रविष्टियों में सबसे अधिक संख्या किस प्रकार की भौगोलिक संरचना की है?
- A.दर्रा
- B.हिमनद
- C.भूभाग
- D.चोटी
सही उत्तर
D. चोटी
व्याख्या
सही उत्तर चोटी है। अट्ठाईस में से दस प्रविष्टियां चोटियों के रूप में दर्ज हैं — Atisha Giri, Kanishka Peak, Martand Giri, Zorawar Peak, Rinchen Zangpo, Sakyasri Giri, Marpa Lotsava Ri, Milarepa Kangri, Shiva Ri तथा Maheshvara Ri, और यह किसी भी अन्य वर्ग से अधिक है। विकल्प C भूभाग सात प्रविष्टियों के साथ दूसरे स्थान पर है — Brangsa, Kuksel, Dehra Compass, Gogra, Kumarayana Point, Panglung तथा Shamal Lungpa, इसलिए यह निकट है पर उत्तर नहीं। विकल्प A दर्रा केवल दो प्रविष्टियों का वर्ग है, Chapchingal Pass तथा Shachmirk Pass। विकल्प B हिमनद भी दो ही हैं, Skamri Glacier तथा Parpik। शेष में तीन पर्वत तथा एक-एक घाटी, नदी, झील और जलस्रोत हैं, इसी कारण इस सूची में चोटियां सबसे बड़ा वर्ग बनी रहती हैं।
पूरा लेख पढ़ें: लद्दाख के 28 स्थानों के मानक नाम आधिकारिक मानचित्र पर
अभ्यास प्रश्न
केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में कितने स्थानों तथा भौगोलिक संरचनाओं को भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक मानचित्र पर मानक नामों के साथ चिन्हित किया गया है?
- A.18
- B.24
- C.28
- D.32
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सही उत्तर: C. 28
व्याख्या
सही उत्तर 28 है। केंद्र सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के परामर्श से अट्ठाईस स्थानों तथा भौगोलिक संरचनाओं के मानक नाम तय किए और उन्हें भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी लद्दाख के आधिकारिक मानचित्र पर चिन्हित कराया। यह घोषणा गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को की थी और इसका बताया गया उद्देश्य था कि इन जगहों की पहचान सही-सही हो सके तथा आम लोगों के बीच इस क्षेत्र के भूगोल की जानकारी बढ़े। विकल्प A अठारह घोषणा में दी गई संख्या से कम है, इसलिए गलत है। विकल्प B चौबीस भी वास्तविक संख्या से कम है और सूची में किसी गिनती से मेल नहीं खाता। विकल्प D बत्तीस संख्या से अधिक है; मानचित्र पर और भी स्थान तथा संरचनाएं हैं, परंतु इस कार्रवाई में औपचारिक रूप से केवल अट्ठाईस नाम तय हुए। संरचनाओं के हिसाब से गिनती भी यही बताती है, क्योंकि दस चोटियां, सात भूभाग, तीन पर्वत, दो दर्रे, दो हिमनद, एक घाटी, एक नदी, एक झील और एक जलस्रोत मिलाकर ठीक अट्ठाईस होते हैं।
लद्दाख के 28 मानक स्थान नाम किस संस्था के आधिकारिक मानचित्र पर चिन्हित किए गए हैं?
- A.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- B.भारतीय सर्वेक्षण विभाग
- C.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- D.राष्ट्रीय एटलस एवं थिमेटिक मानचित्रण संगठन
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सही उत्तर: B. भारतीय सर्वेक्षण विभाग
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय सर्वेक्षण विभाग है। अट्ठाईस स्थानों तथा संरचनाओं के मानक नाम इसी विभाग के लद्दाख संबंधी आधिकारिक मानचित्र पर दर्ज कराए गए, और यह मानचित्र, जिसमें और भी स्थान तथा संरचनाएं शामिल हैं, विभाग की वेबसाइट के राज्य मानचित्र खंड में देखा जा सकता है। विकल्प A भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण एक अलग संस्था है और इस नामकरण में उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई है। विकल्प C भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन देश की अंतरिक्ष एजेंसी है और इस घोषणा में उसका उल्लेख ही नहीं है। विकल्प D राष्ट्रीय एटलस एवं थिमेटिक मानचित्रण संगठन भी मानचित्र बनाता है, पर घोषणा में स्पष्ट रूप से भारतीय सर्वेक्षण विभाग के मानचित्र की बात कही गई है। नाम तय करने का काम केंद्र सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के परामर्श से किया और इसकी जानकारी गृह मंत्रालय ने दी।
मध्य प्रदेश में नष्ट की गई सामग्री में सबसे बड़ा हिस्सा किस मादक पदार्थ का था?
- A.हेरोइन
- B.चरस
- C.मेफेड्रोन
- D.पोस्ता भूसा
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सही उत्तर: D. पोस्ता भूसा
व्याख्या
सही उत्तर पोस्ता भूसा है। निपटान कार्रवाई में नष्ट की गई कुल सामग्री में पोस्ता भूसा 10,823.990 किलोग्राम था, जो लगभग पूरी खेप के बराबर है। शेष मदें मात्रा में बहुत कम थीं: हेरोइन 7.535 किलोग्राम, चरस 7.400 किलोग्राम, मेफेड्रोन 3.175 किलोग्राम और ब्राउन शुगर 0.050 किलोग्राम, जो पोस्ता भूसे के साथ मिलकर कार्रवाई का कुल आँकड़ा बनाती हैं। इसलिए विकल्प A, B और C ऐसे पदार्थों के नाम हैं जो नष्ट की गई सामग्री में शामिल तो थे, परंतु बहुत कम मात्रा में। यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है कि पोस्ता भूसा भारी वनस्पति सामग्री है, जबकि हेरोइन, चरस और मेफेड्रोन सांद्र पदार्थ हैं जिनकी तस्करी बहुत कम वजन में होती है, और परीक्षाओं में अनुपात की यही समझ परखी जाती है।
जयपुर के विदेशी डाकघर में जब्त हाइड्रोपोनिक गांजा किस देश से आए पार्सल में था?
- A.म्यांमार
- B.थाईलैंड
- C.नेपाल
- D.अफगानिस्तान
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सही उत्तर: B. थाईलैंड
व्याख्या
सही उत्तर थाईलैंड है। संदिग्ध खेप की विशेष सूचना पर ब्यूरो के जयपुर कार्यालय के अधिकारियों ने विदेशी डाकघर में उस देश से आए अंतरराष्ट्रीय पार्सल की जाँच की और केक के 29 पाउच के भीतर छिपाकर रखी गई 1.080 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद की, जिसे अन्य केक पैकेटों और सामान के बीच इस तरह मिलाया गया था कि वह ध्यान में न आए। विकल्प A, C और D उन देशों के नाम हैं जिनकी चर्चा इस क्षेत्र के मादक पदार्थ मार्गों के संदर्भ में अक्सर होती है, परंतु इस मामले में पार्सल थाईलैंड से आया था। यह प्रकरण याद दिलाता है कि डाक और कूरियर खेपों पर प्रवर्तन एजेंसियाँ कड़ी नज़र रखती हैं और ब्यूरो विशेष सूचनाओं के आधार पर अंतरराष्ट्रीय खेपों की निगरानी करता है।
जब्त अफीम किस स्थान पर स्थित सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा कराई गई?
- A.मंदसौर
- B.खोर
- C.नीमच
- D.जयपुर
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सही उत्तर: C. नीमच
व्याख्या
सही उत्तर नीमच है। अधिकांश जब्त सामग्री के विनष्टीकरण के साथ ही ब्यूरो ने निर्धारित निपटान प्रक्रिया के भाग के रूप में 154.375 किलोग्राम जब्त अफीम मध्य प्रदेश के नीमच स्थित सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा कराई। विकल्प A गलत है क्योंकि मंदसौर उस निवारक एवं आसूचना प्रकोष्ठ का केंद्र है जिसके अधिकारियों ने मनासा की ओर जाने वाले मार्ग पर अलग अफीम जब्ती की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि खोर वह स्थान है जहाँ स्थित सीमेंट संयंत्र में विनष्टीकरण हुआ, जो इसी प्रक्रिया का एक अलग चरण है। विकल्प D गलत है क्योंकि जयपुर में विदेशी डाकघर पर विदेश से आए पार्सल की जाँच हुई थी। परीक्षार्थी नीमच को अफीम के वैध रखरखाव और प्रसंस्करण के केंद्र के रूप में याद रखें।