क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान किस तारीख को शुरू की गई थी?
- A.21 अक्तूबर 2014
- B.21 अक्तूबर 2016
- C.27 अप्रैल 2017
- D.4 जुलाई 2026
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 21 अक्तूबर 2016 है। क्षेत्रीय संपर्क योजना, जिसे उड़े देश का आम नागरिक यानी उड़ान कहा जाता है, इसी दिन शुरू हुई थी और सस्ती लेकिन कंपनियों के लिए भी फायदे वाली हवाई सेवा का इसका विचार उसी वर्ष बनी राष्ट्रीय नागर विमानन नीति से आया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2014 केवल तुलना का आधार वर्ष है, जब देश में 74 हवाई अड्डे चालू थे और आज 166 हैं; उस साल कोई योजना शुरू नहीं हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि अप्रैल 2017 में योजना की पहली उड़ान शिमला और दिल्ली के बीच चली थी, यह शुरुआत की तारीख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 4 जुलाई 2026 को योजना का अगला चरण, संशोधित उड़ान, शुरू हुआ, जिसका परिव्यय 28,840 करोड़ रुपये है और जो दस वर्ष चलेगा। परीक्षा में इन तीनों तारीखों को अलग-अलग पहचानना जरूरी है।
पूरा लेख पढ़ें: उड़ान योजना के दस वर्ष, संशोधित उड़ान से नया चरण
अभ्यास प्रश्न
उड़ान योजना के पहले दशक में कितने क्षेत्रीय मार्ग चालू किए गए?
- A.687
- B.441
- C.368
- D.95
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योजना शुरू होने के दस वर्षों में देश भर में इतने क्षेत्रीय मार्ग सेवा में आए, और इसी दशक के दो बड़े आंकड़े हैं 3.68 लाख से अधिक उड़ानें तथा 1.72 करोड़ यात्री।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित उड़ान योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.12,159 करोड़ रुपये
- B.10,043 करोड़ रुपये
- C.28,840 करोड़ रुपये
- D.5,091 करोड़ रुपये
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यह 4 जुलाई 2026 को शुरू हुए अगले चरण का कुल प्रावधान है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक चलेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उड़ान के किस हवाई अड्डे पर बिहार का सबसे लंबा, लगभग 2.8 किलोमीटर का रनवे है?
- A.देवघर हवाई अड्डा
- B.तेजू हवाई अड्डा
- C.किशनगढ़ हवाई अड्डा
- D.पूर्णिया हवाई अड्डा
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यह 2025 में चालू हुआ, इसने बिहार के दस से अधिक जिलों को हवाई सेवा दी, कोलकाता की यात्रा घटकर लगभग दो घंटे और पटना की करीब एक घंटे रह गई, और इसका लगभग 2.8 किलोमीटर लंबा रनवे राज्य में सबसे लंबा है, जिस पर ए320 तथा बी737 विमान उतर…
पूरी व्याख्या पढ़ें →डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे ने जून 2018 में कौन सी परीक्षा उत्तीर्ण की थी?
- A.गेट
- B.सीएसआईआर-यूजीसी नेट
- C.आईसीएआर नेट
- D.कैट
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उनका शोध पर्यावरणीय समस्याओं के टिकाऊ समाधान पर है, जिसके केन्द्र में प्लास्टिक कचरा और प्रदूषण हैं, और मंत्रालय ने उनके मामले को इस बात का उदाहरण बताया कि समय पर मिली वित्तीय सहायता वंचित पृष्ठभूमि के शोधार्थी को अनुसंधान में बनाए रखती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनएफएससी योजना के तहत शोधार्थी को मकान किराया भत्ते सहित कुल कितनी सहायता मिली?
- A.4.50 लाख रुपये
- B.6.60 लाख रुपये
- C.9.90 लाख रुपये
- D.12.50 लाख रुपये
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अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के तहत डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे को यही कुल सहायता मिली, जिसमें छात्रवृत्ति के साथ मकान किराया भत्ता शामिल था और जिसका भुगतान अक्टूबर 2019 से शुरू हुआ।
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