क्षेत्र में मौसम पूर्वानुमान तथा कृषि-मौसम सलाह सेवाओं का लाभ कितने लाभार्थियों तक पहुँचा है?
- A.1,467
- B.3,540
- C.5,467
- D.9,675
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 5,467 लाभार्थी हैं। मंत्री ने बताया कि पाँच जिलों की सभी पंचायतों में पंचायत स्तर पर पूर्वानुमान पहुँचाया जा रहा है और मौसम पूर्वानुमान तथा कृषि-मौसम सलाह सेवाओं का लाभ इतने लोगों तक पहुँचा है, जिससे किसानों और निवासियों को मौसम की जानकारी व्यापक रूप से मिल रही है। विकल्प A गलत है क्योंकि यह संख्या बताए गए आँकड़े से कम है। विकल्प B भी इसी कारण गलत है और घोषणा में कहीं नहीं आता। विकल्प D गलत है क्योंकि यह पहुँच को बढ़ाकर बताता है। उद्घाटन में यह बात भी कही गई कि समय पर मिली जानकारी से जिला प्रशासन की योजना बेहतर हुई है, और चेतावनी तभी काम करती है जब नागरिक रोक तथा सलाह का पालन करें।
पूरा लेख पढ़ें: किश्तवाड़ में भूकंप वेधशाला शुरू, जम्मू-कश्मीर में अब चार
अभ्यास प्रश्न
डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई भूकंप वेधशाला का उद्घाटन किस स्थान पर किया?
- A.उधमपुर
- B.किश्तवाड़
- C.बारामुला
- D.पटनीटॉप
उत्तर देखें
यह वेधशाला पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के जरिये बनी है, इसमें आधुनिक डिजिटल भूकंपीय उपकरण लगे हैं और यह आंकड़े दर्ज होते ही नई दिल्ली के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के चौबीसों घंटे चलने वाले निगरानी केंद्र को भेजती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नई वेधशाला के आंकड़े किस संस्था के भूकंप निगरानी केंद्र को तुरंत भेजे जाएँगे?
- A.भारत मौसम विज्ञान विभाग
- B.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- C.राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र
- D.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र है, जिसका नई दिल्ली स्थित भूकंप निगरानी केंद्र चौबीसों घंटे काम करता है और किश्तवाड़ की रीडिंग दर्ज होते ही उसे मिलेगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उधमपुर, कठुआ और रामबन के पहले के तीन केंद्रों के मुकाबले क्षेत्र में अब कितने स्वचालित मौसम केंद्र हैं?
- A.8
- B.10
- C.12
- D.15
उत्तर देखें
उधमपुर, कठुआ और रामबन के तीन केंद्रों में नौ और जोड़े गए, जिससे कुल बारह हो गए; नए केंद्रों में चार किश्तवाड़ में, दो-दो डोडा तथा रामबन में और एक कठुआ में हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घोषणा में भारत के प्रस्तावित अगली पीढ़ी के टाइमिंग एवं स्पेक्ट्रोस्कोपी मिशन का नाम क्या बताया गया है?
- A.एस्ट्रोसैट
- B.न्यूअथीना
- C.एक्ससैट
- D.आदित्य
उत्तर देखें
घोषणा में इसे भारत का प्रस्तावित अगली पीढ़ी का टाइमिंग एवं स्पेक्ट्रोस्कोपी मिशन बताया गया है, जो अन्य भावी वेधशालाओं के साथ अति-चमकीले एक्स-रे स्रोतों के अध्ययन में बेहतर संवेदनशीलता और निगरानी क्षमता देगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ULX-8 के व्यवहार की व्याख्या करने वाली शोध टीम मुख्य रूप से किन संस्थानों से थी?
- A.भारतीय तारा भौतिकी संस्थान तथा रामन अनुसंधान संस्थान
- B.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला तथा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र
- C.टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान तथा भारतीय विज्ञान संस्थान
- D.राष्ट्रीय रेडियो खगोल भौतिकी केंद्र तथा आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान
उत्तर देखें
शोधपत्र आईआईएसईआर मोहाली के छात्र तरंग वशिष्ठ ने भारतीय तारा भौतिकी संस्थान की अरु बेरी तथा आईयूसीएए और रामन अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं के साथ लिखा।
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