किसी तत्व की द्रव्यमान संख्या तब नहीं बदलती जब वह उत्सर्जित करता है
- A.केवल अल्फ़ा और बीटा विकिरण
- B.केवल अल्फ़ा और गामा विकिरण
- C.केवल बीटा और गामा विकिरण
- D.अल्फ़ा, बीटा और गामा विकिरण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल बीटा और गामा विकिरण। बीटा या गामा उत्सर्जन से नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या नहीं बदलती, इसलिए द्रव्यमान संख्या वही रहती है।
द्रव्यमान संख्या प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या है। बीटा क्षय में एक न्यूट्रॉन प्रोटॉन में बदलता है और एक इलेक्ट्रॉन बाहर निकलता है, इसलिए परमाणु क्रमांक एक बढ़ जाता है पर द्रव्यमान संख्या नहीं बदलती; तत्व आवर्त सारणी का अगला तत्व बन जाता है। गामा किरणें उच्च ऊर्जा की विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं, जो उत्तेजित नाभिक के निम्न ऊर्जा अवस्था में आने पर निकलती हैं, इसलिए दोनों में से कोई संख्या नहीं बदलती। इसके उलट अल्फ़ा कण दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन वाला हीलियम नाभिक है, इसलिए अल्फ़ा क्षय द्रव्यमान संख्या चार और परमाणु क्रमांक दो घटा देता है।
A गलत है क्योंकि अल्फ़ा उत्सर्जन द्रव्यमान संख्या चार घटा देता है। B भी इसी कारण गलत है। D गलत है क्योंकि इसमें अल्फ़ा उत्सर्जन भी शामिल है, जो द्रव्यमान संख्या बदलता है।
Exam tip: अल्फ़ा = द्रव्यमान संख्या −4, परमाणु क्रमांक −2; बीटा = परमाणु क्रमांक +1; गामा = कोई बदलाव नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौधों के निम्नलिखित क्षेत्रों में से कौन-सा उनकी जड़ों और प्ररोहों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
- A.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
- B.अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)
- C.वल्कुट (कॉर्टेक्स)
- D.शीर्षस्थ विभज्योतक
उत्तर देखें
शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ों और प्ररोहों के सिरों पर होते हैं, और इनकी विभाजित होती कोशिकाएँ पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतकों में से निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल ऊतक है?
- A.मृदूतक (पैरेंकाइमा)
- B.दृढ़ोतक (स्क्लेरेंकाइमा)
- C.जाइलम
- D.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
उत्तर देखें
जाइलम एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है जो मिलकर काम करती हैं, और यही किसी ऊतक को जटिल बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्लाज्मा झिल्ली के आर-पार Na+ और Ca2+ का परिवहन किसका उदाहरण है?
- A.एंटीपोर्ट
- B.सिमपोर्ट
- C.यूनिपोर्ट
- D.एक्वापोरिन
उत्तर देखें
सोडियम-कैल्शियम एक्सचेंजर में Na+ आयन कोशिका के भीतर आते हैं और Ca2+ आयन बाहर भेजे जाते हैं, यानी दोनों आयन झिल्ली को विपरीत दिशाओं में पार करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
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