किसी नाभिक के गामा क्षय में
- A.नाभिक की द्रव्यमान संख्या बदलती है, जबकि उसकी परमाणु संख्या नहीं बदलती
- B.नाभिक की द्रव्यमान संख्या नहीं बदलती, जबकि उसकी परमाणु संख्या बदलती है
- C.नाभिक की द्रव्यमान संख्या और परमाणु संख्या दोनों बदलती हैं
- D.नाभिक की न तो द्रव्यमान संख्या बदलती है और न ही परमाणु संख्या
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, नाभिक की न तो द्रव्यमान संख्या बदलती है और न ही परमाणु संख्या। गामा किरण ऊर्जा का एक फ़ोटॉन है जिसमें न द्रव्यमान होता है न आवेश, इसलिए इसके उत्सर्जन से प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की संख्या नहीं बदलती।
अल्फ़ा या बीटा क्षय के बाद नया नाभिक अक्सर अतिरिक्त ऊर्जा वाली उत्तेजित अवस्था में रह जाता है। वह इस ऊर्जा को गामा किरण, यानी बहुत ऊँची आवृत्ति वाली विद्युतचुंबकीय तरंग, के रूप में छोड़कर अपनी मूल अवस्था में आता है, जैसे उत्तेजित परमाणु प्रकाश छोड़ता है। क्षय से पहले और बाद में नाभिक वही तत्व और वही समस्थानिक रहता है; केवल उसकी ऊर्जा घटती है। गामा किरणें तीनों विकिरणों में सबसे अधिक भेदक हैं और इन्हें रोकने के लिए मोटा सीसा या कंक्रीट चाहिए।
विकल्प A गलत है, क्योंकि द्रव्यमान संख्या केवल अल्फ़ा क्षय में बदलती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि केवल परमाणु संख्या का बदलना बीटा क्षय में होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि दोनों संख्याएँ एक साथ अल्फ़ा क्षय में बदलती हैं।
Exam tip: अल्फ़ा: A में 4 और Z में 2 की कमी; बीटा: Z में 1 की वृद्धि; गामा: कोई बदलाव नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें6 मीटर लंबे एक तार को इस प्रकार खींचा जाता है कि उसकी त्रिज्या 20% कम हो जाती है। उसकी लंबाई में वृद्धि का मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.50%
- B.56.25%
- C.62.25%
- D.75%
उत्तर देखें
तार को खींचने पर उसका आयतन वही रहता है, इसलिए लंबाई उसी अनुपात में बढ़ती है जिस अनुपात में अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल घटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तीन प्रतिरोधकों R1, R2 और R3 के किस संयोजन का कुल प्रतिरोध न्यूनतम होगा? (मान लीजिए R1 = 1 Ω, R2 = 2 Ω और R3 = 3 Ω)
- A.जब सभी समांतर क्रम में जुड़े हों
- B.जब सभी श्रेणी क्रम में जुड़े हों
- C.जब R1 और R2 समांतर क्रम में जुड़े हों और R3 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
- D.जब R1 और R3 समांतर क्रम में जुड़े हों और R2 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
उत्तर देखें
समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे प्रतिरोधक से भी कम होता है, इसलिए यहाँ यह 1 Ω से नीचे आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानी के भीतर की वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) का प्रयोग होता है। इसके लिए इसका प्रेषित्र (ट्रांसमीटर) उत्पन्न करता है
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.दृश्य प्रकाश
- C.पराश्रव्य तरंगें
- D.अवरक्त विकिरण
उत्तर देखें
सोनार 20 kHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनि के स्पंद भेजता है, जो पानी में अच्छी तरह चलते हैं और वस्तुओं से टकराकर लौट आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रक्रिया हाइड्रोजन गैस के उत्पादन में प्रयुक्त नहीं होती?
- A.विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया
- B.वाटर गैस-भाप प्रक्रिया
- C.कोल गैस का द्रवण
- D.कैल्सियम कार्बाइड का जल-अपघटन
उत्तर देखें
कैल्सियम कार्बाइड पानी से क्रिया करके एसिटिलीन (एथाइन) गैस और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है, हाइड्रोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →धनावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए A, उत्तर से दक्षिण की ओर जा रहा है। दूसरी ओर, ऋणावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए B, दक्षिण से उत्तर की ओर जा रहा है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.B, A की ओर विक्षेपित होता है।
- B.B, A से दूर विक्षेपित होता है।
- C.B ऊपर की ओर विक्षेपित होता है।
- D.B नीचे की ओर विक्षेपित होता है।
उत्तर देखें
दोनों पुंजों में परंपरागत धारा एक ही दिशा, उत्तर से दक्षिण, में बहती है, और एक ही दिशा में बहने वाली समांतर धाराएँ एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
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