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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

कवकमूल किनके बीच का संबंध है?

  1. A.शैवाल और कवक
  2. B.कवक और उच्च पादप की जड़ें
  3. C.जीवाणु और पत्ती
  4. D.कवक और कीट

सही उत्तर

B. कवक और उच्च पादप की जड़ें

व्याख्या

सही उत्तर B, कवक और उच्च पादप की जड़ें है। कवकमूल में कवक के तंतु पौधे की सूक्ष्म जड़ों के चारों ओर या उनके भीतर बढ़ते हैं और उस सतह को बहुत बढ़ा देते हैं जिससे मृदा से खनिज, विशेषकर फॉस्फोरस, अवशोषित हो सकते हैं। कवक ये खनिज तथा अतिरिक्त जल पौधे तक पहुंचाता है और बदले में प्रकाश संश्लेषण से बनी शर्करा पाता है, इसलिए दोनों साझेदारों को लाभ होता है और संबंध सहोपकारिता है। उदाहरण के लिए चीड़ के पौधे अपने कवकमूल के बिना मृदा में ठीक से नहीं बढ़ते। विकल्प A गलत है क्योंकि शैवाल और कवक का संबंध लाइकेन कहलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इस नाम से कोई मानक संबंध वर्णित नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि कवक उगाने वाली दीमक और चींटियां अलग उदाहरण हैं और उन्हें कवकमूल नहीं कहते।

पूरा लेख पढ़ें: जीवों के पारस्परिक संबंध: सहोपकारिता, परजीविता और परभक्षण

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

लाइकेन किस प्रकार के पारस्परिक संबंध का उदाहरण है?

  1. A.परजीविता
  2. B.सहभोजिता
  3. C.सहोपकारिता
  4. D.अमेंसलिज्म
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सहोपकारिता

व्याख्या

सही उत्तर C, सहोपकारिता है। लाइकेन शैवाल और कवक के बीच की घनिष्ठ साझेदारी है, जिसमें दोनों साझेदारों को लाभ होता है। शैवाल प्रकाश संश्लेषण से कार्बोहाइड्रेट बनाकर कवक को देता है, और कवक मृदा या छाल से जल तथा खनिज सोखकर रोके रखता है और दोनों को नग्न चट्टान या वृक्ष की छाल से जोड़े रखता है। कोई भी साझेदार अकेले नग्न चट्टान पर नहीं बस सकता, इसलिए इसे अनिवार्य सहोपकारिता कहा जाता है और लाइकेन को चट्टानी अनुक्रमण की अग्रगामी जाति माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि परजीविता में एक साझेदार को हानि होती है, जबकि यहां शैवाल और कवक दोनों लाभान्वित होते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि सहभोजिता में एक साझेदार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि अमेंसलिज्म में एक जाति को हानि और दूसरी पर कोई प्रभाव नहीं होता, जैसे पेनिसिलियम जीवाणुओं को मारता है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

झाड़ीदार पौधे पर उगने वाली कस्कुटा यानी अमरबेल किसका उदाहरण है?

  1. A.पूर्ण स्तंभ परजीवी
  2. B.आंशिक मूल परजीवी
  3. C.अधिपादप
  4. D.मृतजीवी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पूर्ण स्तंभ परजीवी

व्याख्या

सही उत्तर A, पूर्ण स्तंभ परजीवी है। कस्कुटा, जिसे अमरबेल या डॉडर कहते हैं, एक पुष्पी पादप है जिसने अपना पर्णहरित और पत्तियां खो दी हैं और जो अपना भोजन नहीं बना सकता। उसका लिपटने वाला स्तंभ पोषी से चिपककर चूषकांग पोषी की संवहन ऊतक में भेजता है, जिनसे वह जल और बना हुआ भोजन दोनों खींचता है। कार्बनिक भोजन तथा जल दोनों के लिए पोषी पर निर्भर होने से यह पूर्ण परजीवी है, और संपर्क स्तंभ से होने के कारण स्तंभ परजीवी कहलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि चंदन जैसे आंशिक मूल परजीवी पर्णहरित बनाए रखते हैं और जड़ से जुड़ते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अधिपादप, जैसे आम पर आर्किड, पोषी का उपयोग केवल आधार के लिए करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि मृतजीवी मृत कार्बनिक पदार्थ पर पलते हैं, जीवित पोषी पर नहीं।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

चरते मवेशियों के पीछे चलकर उड़ने वाले कीट पकड़ने वाला गाय-बगुला किसका उदाहरण है?

  1. A.सहोपकारिता
  2. B.सहभोजिता
  3. C.परभक्षण
  4. D.प्रतिस्पर्धा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सहभोजिता

व्याख्या

सही उत्तर B, सहभोजिता है। बगुला चरते मवेशियों के साथ-साथ चलता है और उनके खुरों से घास में से उड़ने वाले टिड्डे तथा अन्य कीट खा लेता है। पक्षी को सहज भोजन मिल जाता है, जबकि मवेशियों को उसकी उपस्थिति से न लाभ होता है न हानि, और यही सहभोजिता का धन तथा शून्य प्रारूप है। व्हेल की पीठ पर बार्नेकल और आम की शाखा पर आर्किड भी इसी श्रेणी में आते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि सहोपकारिता में दोनों जातियों को लाभ चाहिए, और मवेशियों को कुछ नहीं मिलता। विकल्प C गलत है क्योंकि बगुले और मवेशियों के बीच का संबंध परभक्षण नहीं है, चाहे बगुला कीटों का परभक्षण करता हो। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिस्पर्धा में दोनों जातियों को एक ही सीमित संसाधन चाहिए और दोनों को हानि होनी चाहिए, जो यहां नहीं होता।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

ऑस्ट्रेलिया के विशाल क्षेत्रों में फैल चुके नागफनी को किसके प्रवेश से नियंत्रित किया गया?

  1. A.कैक्टोब्लास्टिस कैक्टोरम शलभ
  2. B.तारामीन पाइसैस्टर
  3. C.बार्नेकल बैलेनस
  4. D.कवक पेनिसिलियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कैक्टोब्लास्टिस कैक्टोरम शलभ

व्याख्या

सही उत्तर A, कैक्टोब्लास्टिस कैक्टोरम शलभ है। नागफनी उन्नीसवीं शताब्दी में ऑस्ट्रेलिया ले जाया गया और वहां चरागाहों पर अनियंत्रित रूप से फैल गया, क्योंकि कोई स्थानीय जंतु उसे नहीं खाता था। तब नागफनी खाने वाला शलभ कैक्टोब्लास्टिस कैक्टोरम छोड़ा गया, जिसके डिंभ नागफनी के पर्वों में छेद करके उन्हें नष्ट कर देते हैं, और इस खरपतवार पर नियंत्रण हो गया। यह जैविक नियंत्रण का पाठ्यपुस्तक उदाहरण है, जिसमें रसायन के स्थान पर प्राकृतिक परभक्षी या शाकाहारी का उपयोग होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पाइसैस्टर वह तारामीन है जिसका उपयोग रॉबर्ट पेन ने अमेरिकी प्रशांत तट पर कीस्टोन जाति के प्रयोग में किया। विकल्प C गलत है क्योंकि बैलेनस वह बार्नेकल है जिसने कॉनेल के अध्ययन में कैथेमैलस को हटाया। विकल्प D गलत है क्योंकि पेनिसिलियम अमेंसलिज्म का उदाहरण है, खरपतवार नियंत्रण का नहीं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

एक ही सीमित संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करती दो जातियां अनिश्चित काल तक साथ नहीं रह सकतीं, यह प्रतिस्पर्धी अपवर्जन सिद्धांत किसने दिया?

  1. A.रॉबर्ट पेन
  2. B.जी. एफ. गॉस
  3. C.जोसेफ कॉनेल
  4. D.चार्ल्स एल्टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जी. एफ. गॉस

व्याख्या

सही उत्तर B, जी. एफ. गॉस है। रूसी पारिस्थितिकीविद् जी. एफ. गॉस ने पैरामीशियम की संवर्धन संस्कृतियों पर कार्य करके निष्कर्ष निकाला कि जब दो जातियों को एक ही स्थान में ठीक एक ही सीमित संसाधन चाहिए, तो दीर्घकाल में उनमें से एक सदा हट जाती है; इसे प्रतिस्पर्धी अपवर्जन सिद्धांत या गॉस का सिद्धांत कहते हैं। साथ रहती दिखने वाली जातियां प्रायः संसाधन को समय, गहराई या आकार के आधार पर बांट लेती हैं, जिसे संसाधन विभाजन कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रॉबर्ट पेन ने तारामीन पाइसैस्टर हटाकर कीस्टोन जाति की अवधारणा सिद्ध की। विकल्प C गलत है क्योंकि जोसेफ कॉनेल ने बार्नेकल पर क्षेत्रीय प्रयोग से अपवर्जन दिखाया, पर सिद्धांत नहीं दिया। विकल्प D गलत है क्योंकि चार्ल्स एल्टन पारिस्थितिक निकेत और संख्या के पिरामिड के लिए जाने जाते हैं।