कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का आयोजन वित्त मंत्रालय के साथ कौन सा संस्थान करता है?
- A.नीति आयोग
- B.इंस्टिट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ
- C.राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद
- D.भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद
सही उत्तर
B. इंस्टिट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ
व्याख्या
सही उत्तर है इंस्टिट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ, जिसे संक्षेप में आईईजी कहा जाता है और जो इस सम्मेलन को वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर आयोजित करता है। संस्थान की स्थापना प्रोफेसर वी.के.आर.वी. राव ने 1952 में की थी; एन. के. सिंह इसके न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष, डॉ. माइकल देबब्रत पात्रा शासी बोर्ड के अध्यक्ष और प्रोफेसर सब्यसाची कर निदेशक हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकार का नीति थिंक टैंक नीति-निर्माण में केंद्रीय भूमिका रखता है, मगर इस सम्मेलन का आयोजक नहीं है। विकल्प C और D देश के जाने-पहचाने आर्थिक शोध संस्थान हैं और इसी कारण भरोसेमंद लगते हैं, पर इनमें से कोई भी इस आयोजन को नहीं कराता। संस्थान की स्थापना का वर्ष और संस्थापक का नाम साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर आयोजन, संस्था और संस्थापक को जोड़कर पूछा जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: पांचवां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 3 से 5 अक्टूबर तक दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
नई दिल्ली में हो रहे पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का विषय क्या है?
- A.द इंडियन एरा
- B.रेजिलिएंस इन एन एज ऑफ फ्लक्स
- C.सीकिंग प्रॉस्पेरिटी इन टर्बुलेंट टाइम्स
- D.नेविगेटिंग अ वर्ल्ड ऑन फायर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेजिलिएंस इन एन एज ऑफ फ्लक्स
व्याख्या
सही उत्तर है रेजिलिएंस इन एन एज ऑफ फ्लक्स। वित्त मंत्रालय ने सम्मेलन के पांचवें संस्करण के लिए यही विषय घोषित किया है, जो नई दिल्ली में 3 से 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। बाकी तीनों विकल्प इसी सम्मेलन के असली विषय हैं, मगर पिछले वर्षों के, और इसी कारण वे अच्छे भ्रमजाल बनते हैं। विकल्प A यानी द इंडियन एरा वर्ष 2024 के संस्करण का विषय था। विकल्प C यानी सीकिंग प्रॉस्पेरिटी इन टर्बुलेंट टाइम्स वर्ष 2025 के संस्करण से जुड़ा है। विकल्प D यानी नेविगेटिंग अ वर्ल्ड ऑन फायर वर्ष 2023 का विषय था, जबकि पहला संस्करण 2022 में रिडिफाइनिंग द फ्यूचर विषय पर हुआ था। परीक्षा की दृष्टि से पांचों विषयों को वर्ष के क्रम में याद रखना सबसे सुरक्षित है, क्योंकि प्रश्न किसी भी वर्ष पर पूछा जा सकता है।
पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में उद्घाटन भाषण कौन देंगे?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.भारत के उपराष्ट्रपति
- C.केंद्रीय वित्त मंत्री
- D.भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत के उपराष्ट्रपति
व्याख्या
सही उत्तर है भारत के उपराष्ट्रपति, सी. पी. राधाकृष्णन, जो सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन भाषण देंगे। उद्घाटन सत्र में इस सवाल पर चर्चा होगी कि आर्थिक नीति विकास, खुलेपन और संस्थागत विश्वसनीयता को छोड़े बिना लचीलापन कैसे बना सकती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वक्ताओं की सूची में राष्ट्रपति का नाम नहीं है। विकल्प C सबसे भ्रमित करने वाला गलत विकल्प है, क्योंकि वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण सम्मेलन में बोलती हैं, मगर उनका संबोधन भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं वाले विशेष सत्र में है, उद्घाटन में नहीं। विकल्प D भी असली प्रतिभागी है, पर अलग भूमिका में — रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा केंद्रीय बैंकिंग वाले सत्र में विशेष संबोधन देंगे। इसलिए नामों के साथ उनकी भूमिका भी याद रखें।
इंडिया माइनिंग वीक 2026 कहां और कब आयोजित होगा?
- A.भारत मंडपम, नई दिल्ली, 15-17 अक्टूबर 2026
- B.यशोभूमि, नई दिल्ली, 15-17 नवंबर 2026
- C.यशोभूमि, नई दिल्ली, 15-17 दिसंबर 2026
- D.प्रगति मैदान, नई दिल्ली, 15-17 नवंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यशोभूमि, नई दिल्ली, 15-17 नवंबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर यशोभूमि, नई दिल्ली, 15 से 17 नवंबर 2026 है। स्थान और तीनों तारीखें इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट बैठक में बताई गईं, जहां राज्य मंत्री ने 15 नवंबर के उद्घाटन के लिए अतिथियों को न्योता दिया। विकल्प A तारीखें वही रखता है पर महीना अक्टूबर कर देता है और स्थान भारत मंडपम बता देता है, जो राजधानी का दूसरा सम्मेलन केंद्र है। विकल्प C स्थान सही रखता है पर आयोजन को दिसंबर में खींच देता है, यानी घोषित समय से एक महीना आगे। विकल्प D तारीखें सही रखता है पर स्थान प्रगति मैदान बताता है, जो नई दिल्ली का पुराना प्रदर्शनी परिसर है, जबकि यशोभूमि द्वारका का सम्मेलन केंद्र है। स्थान और महीना दोनों एक साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न में आमतौर पर इनमें से एक ही बदला जाता है।
इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट बैठक में कितने देशों के राजनयिक मिशनों ने भाग लिया?
- A.12
- B.19
- C.25
- D.50
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 19
व्याख्या
सही उत्तर 19 है। उन्नीस देशों के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि इस संपर्क बैठक में शामिल हुए, जिनमें मलावी, श्रीलंका, मोजाम्बिक, अल्जीरिया, अमेरिका, चिली, भूटान, इंडोनेशिया, इथियोपिया, रूस, इराक, मोरक्को, वेनेजुएला, स्पेन, पोलैंड, मंगोलिया, जाम्बिया, फ्रांस और घाना थे, और उनके साथ अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स भी उपस्थित रहा। विकल्प D, पचास, मुख्य आयोजन का आंकड़ा है: नवंबर के इंडिया माइनिंग वीक में पचास से अधिक देशों की भागीदारी अपेक्षित है, जो इस तैयारी बैठक से बड़ा और बाद का आंकड़ा है। विकल्प A और C, बारह और पच्चीस, का इस बैठक में कोई आधार नहीं है। याद रखने योग्य अंतर यही है कि तैयारी बैठक में उन्नीस मिशन आए, जबकि मुख्य आयोजन में पचास से अधिक देश अपेक्षित हैं।
इंडिया माइनिंग वीक 2026 का आयोजन कौन-से दो मंत्रालय कर रहे हैं?
- A.कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय
- B.खान मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय
- C.कोयला मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय
- D.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और खान मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय है, जो खनन उद्योग के साथ मिलकर यह आयोजन कर रहे हैं। यही जोड़ी संपर्क बैठक की मेजबानी में भी दिखती है: सतीश चंद्र दुबे कोयला एवं खान राज्य मंत्री हैं और रूपिंदर बरार कोयला मंत्रालय की अपर सचिव हैं। विकल्प B कोयला की जगह इस्पात रख देता है; इस्पात खनिजों का उपयोगकर्ता है, खनन का नियामक नहीं, इसलिए वह यहां आयोजक नहीं है। विकल्प C कोयला रखता है पर भारी उद्योग मंत्रालय जोड़ देता है, जो पूंजीगत वस्तुओं और वाहनों से जुड़ा है और इस आयोजन में उसकी भूमिका नहीं है। विकल्प D वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ले आता है, जो व्यापार और निवेश प्रोत्साहन देखता है पर यह आयोजन नहीं कर रहा। यह याद रखना कि एक ही मंत्री के पास कोयला और खान दोनों हैं, इस जोड़ी को सरल बना देता है।