कौन सा नवपाषाणिक स्थल अपने गर्त आवासों तथा स्वामियों के साथ दफनाए गए कुत्तों के लिए जाना जाता है?
- A.चिरांद
- B.बुर्जहोम
- C.कोल्डिहवा
- D.दाओजली हैडिंग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, बुर्जहोम। कश्मीर घाटी का यह स्थल उत्तरी नवपाषाण का प्रतिरूप स्थल है, जहाँ लोग भूमि में गड्ढे खोदकर, उन्हें छाकर उनके भीतर रहते थे, अस्थि और सींग के उपकरण बनाते थे, और अपने मृतकों के साथ कुत्तों को दफनाते थे, जो प्रथा भारतीय नवपाषाण में अन्यत्र नहीं मिलती। विकल्प A गलत है क्योंकि बिहार का चिरांद अस्थि और सींग उद्योग के लिए प्रसिद्ध होने पर भी गर्त आवासों के लिए नहीं जाना जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश का कोल्डिहवा आरंभिक चावल और निकटवर्ती महगड़ा के पशुबाड़े के लिए उद्धृत होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पूर्वोत्तर का दाओजली हैडिंग जेडाइट उपकरणों और पाषाण चक्कियों के लिए जाना जाता है, जो उसे पूर्वी एशिया के नवपाषाण से जोड़ते हैं। गुफकराल, अर्थात कुम्हार की गुफा, बुर्जहोम के साथ नाम लिया जाने वाला दूसरा कश्मीरी स्थल है।
पूरा लेख पढ़ें: प्रागैतिहासिक भारत: पाषाण युग और ताम्रपाषाण संस्कृतियां
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रागैतिहासिक काल का पहला युग क्या कहलाता है?
- A.पुरापाषाण युग
- B.धातु युग
- C.ताम्र युग
- D.नवपाषाण युग
उत्तर देखें
पुरापाषाण अर्थात पुरातन पाषाण युग प्रागितिहास का पहला और सबसे लंबा चरण है, शिकार और आहार संग्रह का काल, हस्तकुठार, विदारणी, फलक और बेधनी का काल, तथा उन लोगों का काल जिनके पास न कृषि थी न मृद्भांड।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन एक पुरापाषाणिक स्थल है?
- A.इनामगाँव
- B.हल्लूर
- C.भीमबेटका
- D.बुर्जहोम
उत्तर देखें
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के भीमबेटका शैलाश्रय निम्न पुरापाषाण काल से ही बसे थे, और उनकी निचली परतों से हस्तकुठार तथा विदारणी मिले हैं, साथ ही उनके प्राचीनतम चित्र भी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस स्थान पर मृतकों को सिर उत्तर दिशा की ओर रखकर लिटाने की सामान्य प्रथा थी?
- A.इनामगाँव
- B.बुर्जहोम
- C.मेहरगढ़
- D.भीमबेटका
उत्तर देखें
महाराष्ट्र की घोड नदी पर स्थित इस ताम्रपाषाणिक बस्ती में मृतकों को आवास क्षेत्र के भीतर ही दफनाया जाता था, शव सीधा लिटाया जाता था और सिर उत्तर दिशा में रखा जाता था, तथा पास में अन्न और जल के पात्र रखे जाते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कुछ क्षेत्रों में लोग लगभग 8000 वर्ष पूर्व गाँवों में रहने लगे थे। निम्नलिखित में से कौन इन क्षेत्रों में था?
- A.नर्मदा के आसपास के क्षेत्र
- B.सुलेमान और किरथर पहाड़ियाँ
- C.गंगा और यमुना का दोआब
- D.दक्कन और कोंकण
उत्तर देखें
सुलेमान और किरथर श्रेणियों की उत्तर पश्चिमी पहाड़ी पट्टी में बोलन घाटी का मेहरगढ़ स्थित है, जो उपमहाद्वीप का प्राचीनतम ग्राम है, जहाँ लगभग आठ हजार वर्ष पूर्व गेहूँ और जौ उगाए जाते थे तथा गाय, भेड़ और बकरी पाली जाती थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की ताम्रपाषाण संस्कृतियों के विषय में निम्नलिखित में से कौन कथन असत्य है?
- A.ताम्रपाषाण संस्कृतियाँ मुख्यतः ग्रामीण संस्कृति थीं।
- B.ताम्रपाषाण संस्कृतियों के लोग अधिकतर पहाड़ियों और नदियों के निकट रहते थे।
- C.इन संस्कृतियों में काले और लाल मृद्भांड का व्यापक प्रयोग होता था।
- D.जोरवे एक ताम्रपाषाणिक स्थल है, जो मालवा संस्कृति से संबंधित है।
उत्तर देखें
सही उत्तर है D, क्योंकि जोरवे महाराष्ट्र का ताम्रपाषाणिक स्थल है जो जोरवे संस्कृति को अपना नाम देता है, मालवा संस्कृति को नहीं, जिसका नाम मध्य प्रदेश के अपने क्षेत्र पर पड़ा और जिसका प्रतिनिधित्व नवदाटोली, एरण तथा नागदा करते हैं।
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