कार्बन ब्लैक कैसे प्राप्त किया जाता है?
- A.वायु की अनुपस्थिति में लकड़ी को उच्च ताप पर गर्म करके
- B.वायु की अनुपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
- C.हाइड्रोकार्बनों को वायु की सीमित आपूर्ति में जलाकर
- D.वायु की उपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, हाइड्रोकार्बनों को वायु की सीमित आपूर्ति में जलाकर। प्राकृतिक गैस या भारी तेल कम हवा में जलते हैं तो सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बन पाता और बहुत महीन काली कालिख के रूप में अलग हो जाता है, जिसे कार्बन ब्लैक के रूप में इकट्ठा किया जाता है।
कार्बन ब्लैक अक्रिस्टलीय कार्बन का लगभग शुद्ध और बहुत महीन रूप है। इसका सबसे बड़ा उपयोग रबर में भराव के रूप में है: यह वाहनों के टायरों को मजबूत, टिकाऊ और काला बनाता है। यह छपाई की स्याही, काले पेंट, टोनर और जूते की पॉलिश में भी लगता है। कम हवा मिलने पर मिट्टी के तेल का लैंप इसी अपूर्ण दहन के कारण धुआँदार लौ देता है।
A गलत है, क्योंकि वायु के बिना लकड़ी गर्म करने (भंजक आसवन) से काष्ठ चारकोल बनता है।
B गलत है, क्योंकि वायु के बिना कोयला गर्म करने से कोक, कोलतार और कोल गैस बनते हैं।
D गलत है, क्योंकि हवा में कोयला गर्म करने पर वह जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और राख बन जाता है।
Exam tip: बिना हवा लकड़ी → चारकोल; बिना हवा कोयला → कोक; सीमित हवा में हाइड्रोकार्बन → कार्बन ब्लैक (काजल)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ द्वारा डाला गया दाब कहलाता है
- A.1 पास्कल
- B.1 वायुमंडल (एटमॉस्फियर)
- C.1 बार
- D.1 पॉइज़
उत्तर देखें
समुद्र तल पर मानक वायुमंडलीय दाब को 0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ के दाब के रूप में परिभाषित किया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ध्वनि और प्रकाश तरंगें हैं
- A.वायु में क्रमशः अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ
- B.वायु में क्रमशः अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य
- C.वायु में दोनों अनुदैर्ध्य
- D.वायु में दोनों अनुप्रस्थ
उत्तर देखें
ध्वनि संपीडन और विरलन के रूप में चलती है, जबकि प्रकाश एक अनुप्रस्थ विद्युत-चुंबकीय तरंग है। अनुदैर्ध्य तरंग में माध्यम के कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का शुद्धतम रूप है?
- A.चारकोल (काष्ठ कोयला)
- B.कोक
- C.फ़ुलरीन
- D.कार्बन ब्लैक
उत्तर देखें
फ़ुलरीन केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं और उनकी कोई ऐसी सतह नहीं होती जो दूसरे पदार्थों को फँसाए, इसलिए इन्हें कार्बन का शुद्धतम रूप माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ग्रह का द्रव्यमान M₁ और त्रिज्या R₁ है। इसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g₁ है। एक अन्य ग्रह 2 का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पहले ग्रह के दोगुने हैं। ग्रह 2 की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.g₁
- B.2g₁
- C.g₁/2
- D.g₁/4
उत्तर देखें
सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, इसलिए द्रव्यमान दोगुना होने से g दोगुना होता है और त्रिज्या दोगुनी होने से चार गुना घटता है, यानी g₁ × 2/4 = g₁/2।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बायोगैस का प्रमुख घटक है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.नाइट्रस ऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
बायोगैस का सबसे बड़ा भाग मीथेन होता है, प्रायः 55 से 75 प्रतिशत, और यही गैस जलती है। बायोगैस तब बनती है जब बंद डाइजेस्टर में ऑक्सीजन के अभाव में जीवाणु गोबर, रसोई का कचरा या फ़सल अवशेष को तोड़ते हैं।
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