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GK24
राजस्थानमध्यम

कमल के फूलों से छपी पीली ओढ़नी पोमचा परंपरा के अनुसार स्त्री को कब भेंट की जाती है?

  1. A.संतान के जन्म के बाद
  2. B.परिवार में मृत्यु के अवसर पर
  3. C.पीहर जाते समय
  4. D.कृषि वर्ष के पहले दिन

सही उत्तर

A. संतान के जन्म के बाद

व्याख्या

सही उत्तर A, संतान के जन्म के बाद है। इसका नाम कमल के लिए प्रयुक्त शब्द से आया है, जो इस छपाई की मुख्य आकृति है, और पीली पृष्ठभूमि शुभ अवसर की सूचक है; यह वस्त्र प्रसव के बाद माता को दिया जाता है और तीज तथा अन्य उत्सवों पर भी पहना जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि राजस्थान में शोक का रंग पीला नहीं बल्कि सफेद है, और मृत्यु पर चटक छपी ओढ़नी कभी नहीं पहनी जाती। विकल्प C गलत है क्योंकि पीहर की यात्रा के लिए कोई विशेष ओढ़नी निर्धारित नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि कृषि वर्ष इस प्रकार के किसी वस्त्र से चिह्नित नहीं होता। यह जोड़ी स्पष्ट रखें: पोमचा परिवार की घटना के साथ आता है और लहरिया वर्षा ऋतु के साथ।

पूरा लेख पढ़ें: राजस्थान की वेशभूषा, आभूषण और रीति-रिवाज: परीक्षा नोट्स

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Q1.राजस्थानआसान

बोरला, जिसे राखड़ी भी कहा जाता है, शरीर के किस अंग पर पहना जाने वाला आभूषण है?

  1. A.सिर
  2. B.नाक
  3. C.कमर
  4. D.पैर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सिर

बोरला छोटा गोल आभूषण है जो मांग से लटककर माथे के मध्य में टिकता है; यह विवाहित स्त्री का चिह्न है और सबसे अधिक मारवाड़ का है, जहां इसे राखड़ी भी कहते हैं।

Q2.राजस्थानआसान

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सा आभूषण कमर पर पहना जाता है?

  1. A.तिमणिया
  2. B.करधनी
  3. C.बाजूबंद
  4. D.नेवरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. करधनी

करधनी, जिसे तगड़ी भी कहते हैं, कड़ियों से बनी वह पट्टी है जो स्त्रियां कमर पर पहनती हैं; पुरुषों का तत्संबंधी आभूषण कंदोरा है।

Q3.राजस्थानआसान

राजस्थान का लहरिया वस्त्र विशेष रूप से किस ऋतु से जुड़ा है?

  1. A.शीत ऋतु
  2. B.वर्षा ऋतु
  3. C.ग्रीष्म ऋतु
  4. D.शरद ऋतु
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सही उत्तर: B. वर्षा ऋतु

लहरिया का नाम लहर शब्द से बना है, और कपड़े को लपेटकर तथा बांधकर रंगने से बनी उसकी तिरछी धारियां वर्षा के बहते जल की प्रतीक मानी जाती हैं; इस छपाई के साफे और ओढ़नियां सावन में तथा उसी मास में पड़ने वाले तीज पर पहने जाते हैं।

Q4.राजस्थानआसान

प्रसिद्ध सांगानेरी ठप्पा छपाई राजस्थान के किस जिले की है?

  1. A.जयपुर
  2. B.बाड़मेर
  3. C.चित्तौड़गढ़
  4. D.बीकानेर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जयपुर

सांगानेर जयपुर नगर के ठीक दक्षिण में है और श्वेत या क्रीम पृष्ठभूमि पर बारीक पुष्प ठप्पा छपाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें रेखाएं सूक्ष्म और रंग कोमल होते हैं, और उसी जिले का पड़ोसी गांव बगरू काले तथा लाल रंग में बड़ी आकृतियां छापता है।

Q5.राजस्थानकठिन

दाबू छपाई, जिसमें रंग रोकने के लिए मिट्टी के लेप का प्रयोग होता है, सर्वाधिक किससे जुड़ी है?

  1. A.चित्तौड़गढ़ का आकोला
  2. B.जयपुर का सांगानेर
  3. C.राजसमंद का नाथद्वारा
  4. D.जैसलमेर का पोकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चित्तौड़गढ़ का आकोला

दाबू में छपाईकार कपड़े पर मिट्टी, गोंद और अन्य सामग्री का लेप ठप्पे से लगाता है, फिर उसे रंगता है और अंत में लेप धो देता है जिससे ढके हुए भाग बिना रंगे रह जाते हैं, और आकोला वही केंद्र है जिससे यह शिल्प पहचाना जाता है, यद्यपि यह तकनीक…