इस वितरण में सबसे बड़ा हिस्सा किस राज्य को मिला?
- A.राजस्थान
- B.मध्य प्रदेश
- C.महाराष्ट्र
- D.कर्नाटक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर महाराष्ट्र है, जो उन्नीस लाख छियालीस हजार एक सौ उनचास रुपये के साथ आवंटन सूची में पहले स्थान पर रहा। राजस्थान दूसरे और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर रहे, इसलिए विकल्प ए और बी अगले दो स्थानों को बताते हैं, शीर्ष को नहीं। विकल्प डी में दिया गया कर्नाटक सूची में चौथे स्थान पर था, उसके बाद तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल आते हैं। राज्यों का यह क्रम मनमाना नहीं है। प्राधिकरण ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर ऐसी व्यवस्था अपनाई जिसमें हर राज्य को संबंधित जैविक संसाधनों के अनुमानित खेती क्षेत्र के अनुपात में हिस्सा मिला, और ये संसाधन यहां मक्का, धान, बाजरा तथा कपास थे। खेती के अनुमान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि सांख्यिकी के एकीकृत पोर्टल से लिए गए।
पूरा लेख पढ़ें: एनबीए ने 29 राज्य जैव विविधता बोर्डों को 1.19 करोड़ रुपये दिए
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने पहुंच एवं लाभ साझाकरण व्यवस्था के तहत राज्य जैव विविधता बोर्डों को कितनी राशि वितरित की?
- A.1.19 करोड़ रुपये
- B.11.9 करोड़ रुपये
- C.86 लाख रुपये
- D.2.3 करोड़ रुपये
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वितरण का सटीक आंकड़ा एक करोड़ अठारह लाख इकसठ हजार छह सौ पचपन रुपये बैठता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्य जैव विविधता बोर्डों को मिली यह राशि किस प्रावधान के अंतर्गत खर्च करनी होगी?
- A.जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 32(2)
- B.पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15
- C.वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 8
- D.वन संरक्षण अधिनियम की धारा 41
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प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्रशासित प्रदेश जैव विविधता परिषद को दी गई राशि केवल उसी प्रावधान में गिनाए गए कार्यों पर खर्च होगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीएक्यूएम की समीक्षा में पराली जलाने की निगरानी के लिए किन दो तकनीकों पर बल दिया गया?
- A.उपग्रह और भूमि रडार
- B.ड्रोन और कम लागत वाले सेंसर
- C.मौसम गुब्बारे और लिडार
- D.चल प्रयोगशालाएं और स्मॉग टावर
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समीक्षा में इनकी तैनाती पर चर्चा हुई ताकि तकनीक आधारित निगरानी हो सके और खेतों में आग की प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समीक्षा में चर्चा में आई सीआरएम मशीनों का पूरा नाम क्या है?
- A.फसल चक्र प्रबंधन मशीनें
- B.फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें
- C.जलवायु जोखिम न्यूनीकरण मशीनें
- D.केंद्रीय ग्रामीण मशीनीकरण उपकरण
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ये वही मशीनें हैं जो कटाई के बाद खेत में बची पराली को संभालती हैं, और आयोग ने दोनों जिलों में इनकी उपलब्धता तथा वास्तविक तैनाती दोनों की समीक्षा की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फिरोजपुर और फरीदकोट में पराली प्रबंधन की समीक्षा करने वाले सीएक्यूएम दल का नेतृत्व किसने किया?
- A.डॉ. टी. एस. पंवार, सदस्य (तकनीकी)
- B.सीएक्यूएम के अध्यक्ष
- C.मोगा के उपायुक्त
- D.पंजाब के मुख्य सचिव
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उन्हीं की अगुवाई में उच्चस्तरीय दल पंजाब के इन दो जिलों में गया और देखा कि कटाई के मौसम में पराली जलाने से रोकने के उपाय किस तरह लागू हो रहे हैं।
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