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GK24
पर्यावरणकठिन

इस प्रमाणन में प्रयुक्त भारतीय वन प्रबंधन मानक किस दस्तावेज़ का हिस्सा है?

  1. A.राष्ट्रीय कार्य योजना संहिता 2023
  2. B.भारतीय वन अधिनियम
  3. C.राष्ट्रीय वन नीति
  4. D.वन सर्वेक्षण नियमावली

सही उत्तर

A. राष्ट्रीय कार्य योजना संहिता 2023

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय कार्य योजना संहिता 2023 है। प्रमाण के तहत वन प्रबंधन की परख भारतीय वन प्रबंधन मानक पर होती है और यह मानक इसी संहिता का हिस्सा है, इसलिए प्रमाणन की नींव जांची गई वन प्रबंध व्यवस्था है, न कि उत्पादक की स्वयं की घोषणा। जांच स्वतंत्र रूप से वे प्रमाणन संस्थाएं करती हैं, जिन्हें भारतीय गुणवत्ता परिषद के अधीन राष्ट्रीय प्रमाणन संस्था प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता मिली होती है, और प्रत्यायन का यह ढांचा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं की कसौटी पर बनाया गया है, जिससे घरेलू तथा विदेशी खरीदार और नियामक इसे स्वीकार करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारतीय वन अधिनियम वनों से जुड़ा पुराना कानून है। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि नीति व्यापक लक्ष्य तय करती है और कोई सर्वेक्षण नियमावली यह मानक नहीं देती।

पूरा लेख पढ़ें: देश के पहले प्रमाण वन प्रमाणन पत्र नई दिल्ली में सौंपे गए

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Q1.पर्यावरणमध्यम

सितंबर 2026 में देश के पहले प्रमाण प्रमाणपत्र किस योजना के तहत जारी किए गए?

  1. A.राष्ट्रीय कृषि वानिकी नीति
  2. B.भारतीय वन एवं काष्ठ प्रमाणन योजना
  3. C.हरित भारत मिशन
  4. D.प्रतिपूरक वनीकरण योजना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय वन एवं काष्ठ प्रमाणन योजना

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय वन एवं काष्ठ प्रमाणन योजना है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने इसी योजना के तहत पहले प्रमाणपत्र नई दिल्ली में सौंपे और प्रमाणपत्र का नाम प्रमाण है। मंत्रालय ने यह योजना दिसंबर 2023 में शुरू की थी और इन प्रमाणपत्रों के साथ यह नीति के दायरे से निकलकर ज़मीनी क्रियान्वयन तक पहुंची है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कृषि वानिकी से जुड़ी राष्ट्रीय नीति एक अलग दस्तावेज़ है और वह यह प्रमाणपत्र जारी नहीं करती। विकल्प C गलत है, क्योंकि हरित भारत मिशन वन आवरण और पारिस्थितिक सेवाओं को बढ़ाने पर काम करता है, लकड़ी के प्रमाणन पर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रतिपूरक वनीकरण मोड़े गए वन क्षेत्र की भरपाई से जुड़ा विषय है।

Q2.पर्यावरणमध्यम

33,000 हेक्टेयर में फैले वृक्षारोपण के लिए प्रमाण प्रमाणपत्र किसे मिला?

  1. A.ओडिशा बांस विकास एजेंसी
  2. B.आंध्र प्रदेश वन विकास निगम
  3. C.भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल
  4. D.भारतीय गुणवत्ता परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आंध्र प्रदेश वन विकास निगम

व्याख्या

सही उत्तर आंध्र प्रदेश वन विकास निगम है, जिसे क्षेत्रीय और प्रबंधन जांच के बाद 33,000 हेक्टेयर में फैले वृक्षारोपण के लिए प्रमाणपत्र दिया गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओडिशा बांस विकास एजेंसी से किसान गोविंद महापात्र जुड़े हुए हैं और दूसरा प्रमाणपत्र उस किसान को मिला, एजेंसी को किसी क्षेत्र के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल योजना की संचालन एजेंसी है और उसी ने कार्यक्रम आयोजित किया, यानी वह देने वाली संस्था है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारतीय गुणवत्ता परिषद उस प्रत्यायन बोर्ड की मूल संस्था है, जो जांच करने वाली प्रमाणन संस्थाओं को मान्यता देता है। इन भूमिकाओं को अलग-अलग याद रखें - एक प्राप्तकर्ता निगम, एक प्राप्तकर्ता किसान, एक संचालन संस्थान और एक प्रत्यायन श्रृंखला। यह भी ध्यान रखें कि प्रमाणपत्र देने से पहले दोनों जगहों की कड़ी क्षेत्रीय तथा प्रबंधन जांच की गई थी।

Q3.पर्यावरणआसान

देश के पहले प्रमाण प्रमाणपत्र किसने सौंपे?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
  3. C.केंद्रीय कृषि मंत्री
  4. D.महानिदेशक, वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव हैं, जिनके पास पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है और जिन्होंने नई दिल्ली में ये प्रमाणपत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणपत्र भारतीय उत्पादकों, निर्यातकों और वन आधारित उद्यमों को उन नियमों पर खरा उतरने में मदद करता है, जो बड़े विदेशी बाज़ार सतर्क जांच और वन-कटाई मुक्त लकड़ी की खरीद के लिए लागू कर रहे हैं। उन्होंने इसे जनजातीय समुदायों, छोटे किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा गैर-काष्ठ वन उत्पाद संग्राहकों के लिए आजीविका का अभियान भी बताया। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने प्रमाणपत्र नहीं दिए, हालांकि मंत्री ने उनके 'वोकल फॉर लोकल एंड एक्ट ग्लोबल' के आह्वान का उल्लेख किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह योजना कृषि मंत्रालय की नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी केवल कार्यक्रम में उपस्थित थे।

Q4.पर्यावरणआसान

कोफो 28 में प्रस्तुत भारत की किस पहल के तहत 3.5 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं?

  1. A.मिष्टी
  2. B.अरावली ग्रीन वॉल
  3. C.एक पेड़ मां के नाम
  4. D.हरित भारत मिशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक पेड़ मां के नाम

व्याख्या

सही उत्तर एक पेड़ मां के नाम है। भारत ने रोम के सत्र में इसे पूरी सरकार और पूरे समाज के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया और बताया कि इसके तहत 3.5 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मिष्टी तटीय क्षेत्रों की वह पहल है जो मैंग्रोव की बहाली करती है, जलवायु सहनशीलता बढ़ाती है और स्थानीय आजीविका को सहारा देती है; उससे इस तरह का पौधारोपण आंकड़ा नहीं जोड़ा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि अरावली ग्रीन वॉल भूमि बहाली का कार्यक्रम है, जिसके तहत लगभग 6.45 मिलियन हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, यानी वह क्षेत्रफल का आंकड़ा है न कि पौधों की गिनती। विकल्प D गलत है क्योंकि उस मिशन का नाम इस वक्तव्य में नहीं आया। हर पहल को उसके अपने आंकड़े से जोड़कर याद रखें।

Q5.पर्यावरणमध्यम

बॉन चैलेंज के तहत भारत ने वर्ष 2030 तक कितनी बंजर और वन-विहीन भूमि बहाल करने का संकल्प लिया है?

  1. A.13 मिलियन हेक्टेयर
  2. B.20 मिलियन हेक्टेयर
  3. C.26 मिलियन हेक्टेयर
  4. D.30 मिलियन हेक्टेयर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 26 मिलियन हेक्टेयर

व्याख्या

सही उत्तर 26 मिलियन हेक्टेयर है। भारत ने रोम के इस वानिकी सत्र में यह संकल्प दोहराया और बताया कि इसमें से 21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि बहाली के दायरे में आ चुकी है, जिससे पता चलता है कि संकल्प का कितना हिस्सा पूरा हुआ है। बॉन चैलेंज बंजर और वन-विहीन भूमि की बहाली से जुड़ा वैश्विक प्रयास है, जिसमें देश अपने राष्ट्रीय लक्ष्य लेकर आते हैं। विकल्प A, B और D में दिए आंकड़े घोषित संकल्प नहीं हैं। इसके साथ भारत ने अरावली ग्रीन वॉल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत लगभग 6.45 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि चिन्हित की गई है, और तटीय मैंग्रोव बहाली की मिष्टी पहल का भी। संकल्प और उपलब्धि के इन दोनों अंकों को साथ याद रखना चाहिए।