इस बार विशेष अभियान 6 का घोषित केंद्रीय विषय क्या है?
- A.भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण
- B.ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान
- C.एकल उपयोग प्लास्टिक समाप्त करना
- D.सरकारी भवनों का ऊर्जा अंकेक्षण
सही उत्तर
B. ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान
व्याख्या
सही उत्तर ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान है। अभियान में सफाई और लंबित मामलों के निपटारे के पुराने उद्देश्य बने हुए हैं, पर इस दौर के लिए इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अलग से चुना गया है, और उसके वैज्ञानिक निपटान की मानक संचालन प्रक्रिया हर अधीनस्थ कार्यालय, स्वायत्त संस्था तथा क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी गई है। विकल्प A भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण एक अलग कार्यक्रम का हिस्सा है और इन दिशानिर्देशों में कहीं नहीं है। विकल्प C एकल उपयोग प्लास्टिक समाप्त करना एक अलग पर्यावरणीय संकल्प है, इस अभियान का विषय नहीं। विकल्प D सरकारी भवनों का ऊर्जा अंकेक्षण भी घोषित विषय से असंबद्ध है। पर्यावरण मंत्रालय ने निपटान के लिए जो वस्तुएं चिन्हित की हैं उनमें सूचना प्रौद्योगिकी व दूरसंचार उपकरण, सौर पैनल सहित उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रयोगशाला उपकरण और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।
पूरा लेख पढ़ें: विशेष अभियान 6 शुरू, ई-कचरा निपटान इस बार मुख्य विषय
अभ्यास प्रश्न
विशेष अभियान 6 का कार्यान्वयन चरण किस अवधि में मनाया जा रहा है?
- A.15 सितंबर से 30 सितंबर 2026
- B.2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 नवंबर से 30 नवंबर 2026
- D.2 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा इस्पात मंत्रालय, दोनों ने पहले ही दिन बताया कि अभियान का कार्यान्वयन चरण इसी महीने चलेगा। विकल्प A कार्यान्वयन चरण नहीं, बल्कि तैयारी चरण है; इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक उपक्रमों ने सितंबर की इन तारीखों के बीच तैयारी पूरी कर लक्ष्य तय किए थे, इसलिए यह विकल्प भ्रमित करता है पर गलत है। विकल्प C अभियान को अगले महीने में खिसका देता है, जिसका समर्थन किसी भी घोषणा में नहीं है। विकल्प D समाप्ति तिथि 31 अक्टूबर से दो दिन आगे बढ़ा देता है। इस महीने मंत्रालय चुने गए स्थलों की सफाई, लंबित मामलों के निपटारे, अभिलेख व स्थान प्रबंधन, प्रक्रिया सरलीकरण तथा बेकार सामान और फर्नीचर हटाने का काम करेंगे, और नोडल अधिकारी पोर्टल पर प्रगति दर्ज करते रहेंगे।
विशेष अभियान किस विभाग के दिशानिर्देशों पर चलाया जा रहा है और प्रगति किसके पोर्टल पर दर्ज होती है?
- A.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
- B.व्यय विभाग
- C.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
- D.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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सही उत्तर: C. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग है, जिसे संक्षेप में डीएआरपीजी कहा जाता है। अभियान उसके दिशानिर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है, इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान की मानक संचालन प्रक्रिया भी उसी ने अंतिम रूप दी है, और मंत्रालय अपनी प्रगति उसके लंबित मामलों के निपटान संबंधी पोर्टल पर दर्ज करते हैं, जो महीने भर अद्यतन होता रहता है। विकल्प A कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग सेवा संबंधी मामलों तथा भर्ती नीति से जुड़ा है, इस अभियान का स्वामी नहीं। विकल्प B व्यय विभाग सार्वजनिक वित्त देखता है और यहां उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिकी से जुड़ी नीति बनाता है, पर इस अभियान की ई-कचरा प्रक्रिया डीएआरपीजी से आई है। हर मंत्रालय में नोडल अधिकारी इस काम का समन्वय करते हैं।
विशेष अभियान 6 के अंतर्गत इस्पात मंत्रालय और उसके उपक्रमों ने कितनी भौतिक फाइलों के निपटान का लक्ष्य रखा है?
- A.9,056
- B.12,234
- C.14,164
- D.20,763
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 20,763
व्याख्या
सही उत्तर 20,763 है। इस्पात मंत्रालय और उसके केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों ने महीने भर में इतनी भौतिक फाइलों के निपटान का लक्ष्य रखा है, साथ ही 9,056 ई-फाइलों का, और अपने कार्यालयों तथा स्थानों पर 301 सफाई गतिविधियां भी नियोजित की हैं। विकल्प A इसी घोषणा का आंकड़ा है, पर वह ई-फाइलों का लक्ष्य है, भौतिक फाइलों का नहीं, इसलिए गलत स्तंभ से आता है। विकल्प B वह संख्या है जो पर्यावरण मंत्रालय ने समीक्षा के लिए भौतिक फाइलों के रूप में चिन्हित की, और विकल्प C उसी मंत्रालय की ई-फाइलों की संख्या है, इसलिए दोनों दूसरे मंत्रालय की सूची से हैं। इस्पात मंत्रालय ने 37 लंबित जन शिकायतें भी अलग से चुनी हैं और उस लंबन को शून्य पर लाना चाहता है, इसके अलावा वह संसद सदस्यों, प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ भी निपटाएगा।
मल कीचड़ के सुरक्षित भंडारण, निकासी, परिवहन और प्रसंस्करण को कौन सा प्रमाणन प्रोटोकॉल देखता है?
- A.ओडीएफ
- B.ओडीएफ+
- C.ओडीएफ++
- D.वाटर+
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओडीएफ++
व्याख्या
सही उत्तर ओडीएफ++ है। यह प्रोटोकॉल शौचालय की उपलब्धता और रखरखाव से आगे बढ़कर यह देखता है कि शौचालय से निकलने के बाद मल कीचड़ का क्या होता है, अर्थात उसका सुरक्षित भंडारण, निकासी, परिवहन और प्रसंस्करण, ताकि अनुपचारित कीचड़ खुले नालों, जल स्रोतों या खेतों तक न पहुँचे। विकल्प A गलत है क्योंकि सामान्य ओडीएफ प्रोटोकॉल हर नागरिक तक शौचालय की पहुँच सुनिश्चित करने से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि ओडीएफ+ सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग योग्य तथा सुव्यवस्थित रहने पर केंद्रित है, जिससे फिर से खुले में शौच की स्थिति न लौटे। विकल्प D गलत है क्योंकि वाटर+ अगली सीढ़ी है, जो अनुपचारित काले और धूसर जल तथा शोधित जल के पुनः उपयोग से जुड़ी है। क्रम याद रखें: ओडीएफ, ओडीएफ+, ओडीएफ++ और फिर वाटर+।
स्वच्छ भारत मिशन के लोगो में महात्मा गांधी से जुड़ी कौन सी वस्तु दिखाई देती है?
- A.चरखा
- B.चश्मा
- C.लाठी
- D.खड़ाऊँ
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सही उत्तर: B. चश्मा
व्याख्या
सही उत्तर चश्मा है। मिशन का लोगो राष्ट्रपिता से जुड़े गोल चश्मे पर आधारित है। पृष्ठभूमि पत्र बताता है कि इससे अभियान को ब्रांड मूल्य मिला, स्वच्छता से जुड़ी भावना व्यक्त हुई और आम लोग मिशन से जल्दी तथा सहजता से जुड़ सके। विकल्प A गलत है क्योंकि चरखा गांधी जी और खादी से गहराई से जुड़ा होने के बावजूद लोगो में प्रयुक्त प्रतीक नहीं है। विकल्प C और विकल्प D में गांधी जी से जुड़ी अन्य वस्तुओं के नाम हैं, जो लोकस्मृति में तो हैं परंतु मिशन के चिह्न में नहीं आतीं। लोगो के साथ यह भी याद रखें कि स्वच्छाग्रही शब्द जानबूझकर सत्याग्रह से गढ़ा गया, ताकि स्वयंसेवक सामूहिक स्वच्छाग्रह के भागीदार माने जाएँ। परीक्षा में प्रायः यह पूछा जाता है कि मिशन का प्रतीक चिह्न किस वस्तु पर आधारित है, इसलिए चश्मे वाला यह उत्तर अच्छी तरह याद कर लेना चाहिए।