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GK24
अंतरराष्ट्रीयमध्यम

इन-स्टेप के चौथे संस्करण में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि कितने देशों से आए हैं?

  1. A.16
  2. B.22
  3. C.25
  4. D.38

सही उत्तर

B. 22

व्याख्या

सही उत्तर 22 है। इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट प्रोग्राम के चौथे संस्करण में कुल 38 प्रतिनिधि हैं और इनमें 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हैं, जो 22 देशों से आए हैं। इन देशों में श्रीलंका, सेशेल्स, मंगोलिया, नेपाल, मॉरिशस, मालदीव, ओमान, गुयाना, चिली, अर्जेंटीना, फिलीपींस, थाईलैंड, आर्मेनिया, किर्गिस्तान, कतर, म्यांमार, उज्बेकिस्तान और ब्राजील शामिल हैं। विकल्प सी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की संख्या दी गई है, देशों की नहीं, और विकल्प डी में भारत के प्रतिभागियों सहित कुल संख्या दी गई है, इसलिए दोनों सही आंकड़े होते हुए भी इस प्रश्न का उत्तर नहीं हैं। विकल्प ए का इस कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं। इस खबर में तीन संख्याएं साथ चलती हैं, इसलिए याद रखें कि 38 कुल है, 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और 22 देश।

पूरा लेख पढ़ें: उपराष्ट्रपति ने चौथे इन-स्टेप को संबोधित किया, 22 देश शामिल

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Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

इन-स्टेप का आयोजन विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ कौन-सी संस्था मिलकर करती है?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय
  3. C.भारतीय विश्व मामले परिषद
  4. D.गृह मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय है। यह कार्यक्रम दोनों मंत्रालयों और इसी सचिवालय के साझा प्रयास से होता है तथा इसमें नेशनल डिफेंस कॉलेज का सहयोग रहता है, जहां इस तरह के रणनीतिक पाठ्यक्रम चलते हैं। नीति आयोग सरकार का नीति संस्थान है और विकास योजना पर काम करता है, इस तरह के रणनीतिक कार्यक्रम का आयोजक नहीं, इसलिए विकल्प ए गलत है। भारतीय विश्व मामले परिषद अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर शोध करने वाली संस्था है और आयोजकों में इसका नाम नहीं है, इसलिए विकल्प सी भी गलत है। गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा देखता है और इस आयोजन में उसकी भूमिका नहीं, इसलिए विकल्प डी भी सही नहीं। उपराष्ट्रपति ने प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के लिए इसी सचिवालय और दोनों मंत्रालयों की सराहना की थी।

Q2.अंतरराष्ट्रीयआसान

उपराष्ट्रपति ने इन-स्टेप के प्रतिनिधियों को कौन-सा तीन सूत्री संदेश दिया?

  1. A.सुधार, प्रदर्शन और बदलाव
  2. B.वैश्विक स्तर पर सोचें, रणनीतिक रूप से जुड़ें, एकजुट होकर काम करें
  3. C.सीखें, भुलाएं और फिर से सीखें
  4. D.योजना, उत्पादन और समृद्धि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वैश्विक स्तर पर सोचें, रणनीतिक रूप से जुड़ें, एकजुट होकर काम करें

व्याख्या

सही उत्तर है वैश्विक स्तर पर सोचें, रणनीतिक रूप से जुड़ें, एकजुट होकर काम करें। उपराष्ट्रपति ने इन्हीं तीन बातों को कार्यक्रम की मूल भावना बताया और कहा कि तकनीक, साइबर दुनिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा तथा समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों का सामना विकासशील देशों को मिलकर करना होगा। बाकी विकल्प दूसरे संदर्भों के नारे हैं और यहां नहीं कहे गए, इसलिए वे गलत हैं। इसी संबोधन में उन्होंने भ्रष्टाचार को विकासशील देशों के सामने बड़ी चुनौती बताया और हर स्तर पर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाने को कहा, तथा वैक्सीन मैत्री को याद करते हुए कहा कि वैज्ञानिक प्रगति का लाभ पूरी मानवता को मिलना चाहिए। परीक्षा में इस खबर से या तो संदेश पूछा जाता है या भागीदारी के आंकड़े।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

मनीला परामर्श में भारत और आसियान के किस समझौते की समीक्षा पर चर्चा केंद्रित रही?

  1. A.आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता
  2. B.क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी
  3. C.सिंगापुर के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता
  4. D.भारत-जापान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता

व्याख्या

सही उत्तर आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता है, जिसे संक्षेप में एआईटीआईजीए कहा जाता है। इसकी चल रही समीक्षा ही परामर्श का मुख्य विषय रही, जिसका मकसद व्यापार प्रवाह बढ़ाना और समझौते में बने असंतुलन को दूर करना है। भारत ने कहा कि समीक्षा का नतीजा दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो तथा समझौता संतुलित, अधिक प्रभावी, सुविधाजनक और कारोबार के लिए आसान बने। विकल्प बी गलत है, क्योंकि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी का हिस्सा नहीं है और वहां उसकी चर्चा नहीं थी। विकल्प सी गलत है, क्योंकि सिंगापुर के साथ समझौता अलग द्विपक्षीय व्यवस्था है, पूरे समूह से जुड़ी नहीं। विकल्प डी गलत है, क्योंकि जापान के साथ समझौते का इस आसियान समीक्षा से कोई संबंध नहीं है, भले ही जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का साझेदार होने के नाते बैठक में मौजूद था।

Q4.अंतरराष्ट्रीयआसान

14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक और 23वां आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श कहां आयोजित हुआ?

  1. A.जकार्ता, इंडोनेशिया
  2. B.मनीला, फिलीपींस
  3. C.कुआलालंपुर, मलेशिया
  4. D.हनोई, वियतनाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मनीला, फिलीपींस

व्याख्या

सही उत्तर मनीला, फिलीपींस है। वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन्हीं दोनों बैठकों के लिए मनीला गया था, जहां आसियान के सभी सदस्य देशों के आर्थिक मंत्री या उनके प्रतिनिधि तथा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के साझेदार देश मौजूद रहे। विकल्प ए गलत है, क्योंकि जकार्ता में आसियान सचिवालय जरूर है और उसी ने आर्थिक परिदृश्य पर जानकारी दी, पर सचिवालय का मुख्यालय होना इस दौर की मेजबानी नहीं है। विकल्प सी गलत है, क्योंकि कुआलालंपुर क्षेत्रीय बैठकों का जाना पहचाना स्थल होते हुए भी इस बार मेजबान नहीं था। विकल्प डी गलत है, क्योंकि वियतनाम आसियान सदस्य के रूप में शामिल हुआ, मेजबान नहीं था। यह भी याद रखें कि प्रतिनिधिमंडल ने वहीं आसियान-भारत व्यावसायिक मंच में भी भाग लिया।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

परामर्श में बताया गया कि 2025-26 में भारत-आसियान द्विपक्षीय व्यापार कितना रहा?

  1. A.98.24 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.110.60 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.128.38 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.152.75 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर है। विज्ञप्ति के अनुसार 2025-26 में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार इसी स्तर पर पहुंचा और भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत रही। बाकी तीनों आंकड़े देखने में भरोसेमंद लगते हैं, पर घोषणा में उनका कोई उल्लेख नहीं है और उन्हें चुनना इस साझेदारी के आकार को गलत बताना होगा। विकल्प ए और विकल्प बी वास्तविक आंकड़े से कम हैं, जबकि विकल्प डी उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है। यह संख्या इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसका उल्लेख आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की समीक्षा के साथ हुआ, जिसे भारत संतुलित, प्रभावी और व्यापार के लिए सुगम बनाना चाहता है ताकि आगे यह प्रवाह और बढ़ सके। परीक्षा में यह आंकड़ा आसियान की हिस्सेदारी के साथ पूछा जा सकता है, इसलिए दोनों को जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा।