इन नियमों के अनुसार शिकायत का पंजीकरण रोकने का वैध आधार निम्नलिखित में से कौन नहीं है?
- A.शिकायत जिस भाषा में लिखी गई है
- B.शिकायत का प्रारूप
- C.शिकायत में प्रक्रियागत कमी
- D.इनमें से कोई भी आधार पंजीकरण रोकने के लिए मान्य नहीं है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर विकल्प D है। नियमों में स्पष्ट कहा गया है कि प्रारूप, भाषा, शिकायत प्रस्तुत करने के तरीके अथवा किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर पंजीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पहले तीन विकल्प उन आधारों का उल्लेख करते हैं जिन्हें नियमों ने स्वयं वर्जित किया है, और एकमात्र सही उत्तर यही है कि इनमें से कोई भी आधार मान्य नहीं है। इस प्रावधान का उद्देश्य व्यवस्था को उन ग्रामीण परिवारों के लिए खुला रखना है जो सरकारी प्रारूप नहीं जानते या स्थानीय भाषा में लिखते हैं, ताकि कागजी औपचारिकता किसी वाजिब शिकायत में बाधा न बने। इसी के साथ यह भी तय है कि ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला कार्यालय में कागज पर मिली शिकायत उसी दिन, और संभव न होने पर अगले कार्य दिवस तक, डिजिटल मंच पर दर्ज होनी चाहिए तथा शिकायतकर्ता को पंजीकरण संख्या, तारीख और अधिकारी के पदनाम वाली पावती मिलनी चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: वीबी-जी राम जी शिकायत निवारण नियम 2026 अधिसूचित, 15 दिन की सीमा
अभ्यास प्रश्न
वीबी-जी राम जी शिकायत निवारण नियम, 2026 के अनुसार शिकायत प्राप्त होने की तारीख से कितने दिनों में उसका निपटारा अनिवार्य है?
- A.सात कार्य दिवस
- B.15 दिन
- C.30 दिन
- D.45 दिन
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नियमों में दो चरण स्पष्ट रूप से अलग किए गए हैं। जांच प्राप्ति से सात कार्य दिवसों में पूरी करनी होती है, जबकि शिकायत का निपटारा प्राप्ति से 15 दिनों में करना होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नए नियमों के तहत जिला स्तर पर शिकायत निवारण की निगरानी की जिम्मेदारी किसे दी गई है?
- A.जिला मजिस्ट्रेट
- B.जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी
- C.जिला कार्यक्रम समन्वयक
- D.खंड विकास अधिकारी
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नियमों में जिला स्तर पर शिकायत निवारण की निगरानी इसी अधिकारी को सौंपी गई है, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि शिकायतों का समाधान निर्धारित व्यवस्था तथा इसके लिए बने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अभियान में उर्वरक उपयोग के लिए प्रचारित 4आर सिद्धांत का अर्थ क्या है?
- A.सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय, सही स्थान
- B.कम करना, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण, पुनर्प्राप्ति
- C.सही बीज, सही मिट्टी, सही मौसम, सही सब्सिडी
- D.वर्षा, नदी, जलाशय, पुनर्भरण
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संतुलित पोषक प्रबंधन के तहत अभियान सामान्य उर्वरक संस्तुतियों के साथ 4आर सिद्धांत को बढ़ावा देता है, जिसका अर्थ है उर्वरक का सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही स्थान पर उपयोग, ताकि पोषक आपूर्ति रबी फसल की आवश्यकता से मेल खाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खेत बचाओ अभियान-रबी 2026 कितने राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में चलाया जा रहा है?
- A.28
- B.31
- C.34
- D.36
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यह अभियान चौंतीस राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में चलाया जा रहा है, जिसमें सात सौ से अधिक जिले और पचास हजार गांव शामिल हैं, तथा समन्वित गतिविधियों से लगभग पचास लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खेत बचाओ अभियान-रबी 2026 की अवधि क्या है?
- A.1 जून से 30 जून 2026
- B.22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
- C.1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
- D.15 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026
उत्तर देखें
यही अभियान के रबी संस्करण की अवधि है, जिसका विषय मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ खेती है तथा नारा स्वस्थ धरा, समृद्ध किसान है।
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