इन बुद्ध अवशेषों का स्रोत पुरातात्विक स्थल पिपरहवा किस राज्य में है?
- A.बिहार
- B.उत्तर प्रदेश
- C.मध्य प्रदेश
- D.ओडिशा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर उत्तर प्रदेश है। पिपरहवा उत्तर प्रदेश का पुरातात्विक स्थल है, जो प्राचीन कपिलवस्तु तथा उस शाक्य परंपरा से जुड़ा है जिसमें भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, और वहां से प्राप्त अवशेष नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित हैं। बौद्ध समुदायों के लिए इनके ऐतिहासिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के कारण साथ में एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो पिपरहवा की खुदाई, अवशेष पूजन की परंपरा तथा अवशेषों की भारत वापसी की कहानी सामने रखती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बोधगया जैसे बौद्ध केंद्र होने पर भी पिपरहवा बिहार में नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सांची मध्य प्रदेश में है, पिपरहवा नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ओडिशा में बौद्ध स्थल हैं पर पिपरहवा वहां नहीं है।
पूरा लेख पढ़ें: भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष तवांग मठ पहुंचे, अरुणाचल में प्रदर्शनी
अभ्यास प्रश्न
अरुणाचल प्रदेश ले जाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष किस संस्थान से लाए गए?
- A.भारतीय संग्रहालय, कोलकाता
- B.राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
- C.सारनाथ संग्रहालय, वाराणसी
- D.सालारजंग संग्रहालय, हैदराबाद
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शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेष जन-दर्शन के लिए राजधानी स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय से अरुणाचल प्रदेश लाए गए और प्रदर्शनी समाप्त होने पर उन्हें उसी संग्रहालय में वापस भेजा जाएगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तवांग मठ में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष किसने ग्रहण किए?
- A.अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल
- B.मुख्यमंत्री पेमा खांडू
- C.प्रधानमंत्री
- D.सिक्किम के मुख्यमंत्री
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अवशेष तवांग में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विधिपूर्वक ग्रहण किए और ऐतिहासिक गादेन नामग्याल ल्हात्से, यानी तवांग मठ में पारंपरिक धार्मिक स्वागत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पूजनीय बौद्ध भिक्षुओं, धर्मगुरुओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अरुणाचल प्रदेश में बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी के तीन केंद्रों में निम्न में से कौन शामिल नहीं है?
- A.तवांग
- B.बोमडिला
- C.नामसाई
- D.ईटानगर
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अवशेष राज्य के तीन प्रमुख बौद्ध आस्था केंद्रों पर ले जाए जा रहे हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 का क्रियान्वयन चरण कब चलाया गया?
- A.15 से 30 सितंबर 2026
- B.2 से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 से 30 नवंबर 2026
- D.2 से 31 अगस्त 2026
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अभियान के दो स्पष्ट चरण थे और यह क्रियान्वयन चरण रहा, जिसमें कार्यालयों ने वास्तव में लंबित संदर्भ चिह्नित कर निपटाए तथा ई-फाइलें बंद कीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →28 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 के तहत डीपीआईआईटी ने कितनी लोक शिकायतें निपटा दी थीं?
- A.50 प्रतिशत से अधिक
- B.करीब 75 प्रतिशत
- C.लगभग 83 प्रतिशत
- D.99 प्रतिशत से अधिक
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अभियान के अंतर्गत विभाग का यह सबसे मजबूत आंकड़ा रहा, जो दर्शाता है कि उसके पास दर्ज लगभग हर लोक शिकायत का निपटारा हो गया।
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