ईआरमेड कंसोर्टियम पर 5वें राष्ट्रीय प्रशिक्षण एवं सम्मेलन का विषय क्या था?
- A.प्रौद्योगिकी के जरिये सबके लिए स्वास्थ्य
- B.डिजिटल हेल्थ रिसोर्सेज: रीडिफाइनिंग एक्सेस थ्रू लाइब्रेरीज
- C.विकसित भारत के लिए पुस्तकालय
- D.नैदानिक व्यवहार में साक्ष्य से कार्रवाई तक
सही उत्तर
B. डिजिटल हेल्थ रिसोर्सेज: रीडिफाइनिंग एक्सेस थ्रू लाइब्रेरीज
व्याख्या
सही उत्तर डिजिटल हेल्थ रिसोर्सेज: रीडिफाइनिंग एक्सेस थ्रू लाइब्रेरीज है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत काम करने वाले राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय ने इसी विषय पर नई दिल्ली में एक दिवसीय सम्मेलन किया, जिसमें स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और साक्ष्य आधारित नैदानिक व्यवहार में डिजिटल ज्ञान संसाधनों की भूमिका पर ध्यान खींचा गया। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D गढ़े हुए शीर्षक हैं। विकल्प C भ्रमित करने वाला है, क्योंकि स्वास्थ्य सचिव ने विकसित भारत के संकल्प में पुस्तकालय के योगदान की बात कही थी, और विकल्प D महानिदेशक के उस विचार की झलक देता है कि पुस्तकालयों को सूचना से साक्ष्य और साक्ष्य से बेहतर इलाज तक जाना होगा, लेकिन इनमें से कोई भी विषय नहीं था। परीक्षार्थी संस्करण भी याद रखें, क्योंकि यह पांचवां ऐसा सम्मेलन था।
पूरा लेख पढ़ें: राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय में 5वां ईआरमेड सम्मेलन हुआ
अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के अनुसार राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय का नेटवर्क कितने मेडिकल कॉलेजों तक बढ़ा है?
- A.63 मेडिकल कॉलेज
- B.78 मेडिकल कॉलेज
- C.93 मेडिकल कॉलेज
- D.120 मेडिकल कॉलेज
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व्याख्या
सही उत्तर 93 मेडिकल कॉलेज है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय के नेटवर्क के इतने कॉलेजों तक फैलने का उल्लेख किया और कहा कि इसकी पहुंच देश के हर मेडिकल कॉलेज तक बढ़े, जिसमें वंचित क्षेत्रों की संस्थाओं पर विशेष ध्यान हो, ताकि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा साहित्य तथा डिजिटल अध्ययन संसाधनों तक समान पहुंच बने। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D में बताई संख्याएं सम्मेलन के ब्योरे में कहीं नहीं हैं। यह आंकड़ा उनके बताए दो नीतिगत नामों के साथ याद रखने योग्य है, अर्थात वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन पहल और ईआरमेड कंसोर्टियम, जिन्हें उन्होंने चिकित्सकों, शोधकर्ताओं तथा विद्यार्थियों के लिए शोध प्रकाशनों तक पहुंच बढ़ाने के पूरक रास्ते बताया।
सम्मेलन में व्यावहारिक प्रशिक्षण किन चार ईआरमेड मंचों पर दिया गया?
- A.क्लिनिकलकी, बीएमजे, एक्सेस मेडिसिन और मेडवन
- B.पबमेड, स्कोपस, वेब ऑफ साइंस और जेस्टोर
- C.कोक्रेन, एमबेस, अपटूडेट और मेडलाइन
- D.क्लिनिकलकी, स्कोपस, कोक्रेन और मेडवन
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व्याख्या
सही उत्तर क्लिनिकलकी, बीएमजे, एक्सेस मेडिसिन और मेडवन है। सम्मेलन की मुख्य विशेषता इन चार मंचों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण रही, जिसका उद्देश्य चिकित्सा पुस्तकालयाध्यक्षों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों को इनसे परिचित कराना और नैदानिक जानकारी एवं अकादमिक संसाधनों तक उनकी पहुंच मजबूत करना था। विकल्प B में जाने पहचाने डेटाबेस और संग्रह गिनाए गए हैं, पर प्रशिक्षण में इनका नाम नहीं था। विकल्प C में नैदानिक साक्ष्य से जुड़े संसाधन हैं, जो ब्योरे में नहीं आते। विकल्प D सबसे पेचीदा है, क्योंकि उसमें दो सही नाम रखकर दो ऐसे नाम जोड़ दिए गए हैं जिनका उल्लेख नहीं हुआ, और प्रश्न इसी तरह बनाए जाते हैं। परीक्षार्थी उस दिन की परिचर्चा का शीर्षक भी याद रखें, जो चिकित्सा पुस्तकालयाध्यक्ष की अगली जिम्मेदारी पर केंद्रित थी।
कार्यक्रम में जारी सीटीआईएल पत्रिका के नौवें वार्षिक अंक का शीर्षक क्या है?
- A.ट्रेड इन अ फ्रैग्मेंटेड वर्ल्ड
- B.द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स
- C.इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास: नाइन इयर्स ऑन
- D.डिजिटल ट्रेड एंड द डेवलपिंग वर्ल्ड
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व्याख्या
सही उत्तर द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स है। सीटीआईएल पत्रिका का यह अंक देखता है कि व्यापार और संवहनीयता के मिलते दायरे में भाग लेते हुए विकासशील देशों के सामने कौन से अवसर तथा चुनौतियां आ सकती हैं। विकल्प C पर विशेष ध्यान चाहिए, क्योंकि इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास केंद्र का वास्तविक प्रकाशन है, अर्थात निवेश विधि एवं नीति के घटनाक्रम पर उसका मासिक न्यूजलेटर, और उसी कार्यक्रम में उसका विशेष वार्षिक संस्करण भी जारी हुआ, लेकिन वह न्यूजलेटर है, पत्रिका नहीं। विकल्प A और विकल्प D गढ़े हुए शीर्षक हैं, हालांकि दोनों वक्ताओं द्वारा उठाए विषयों को छूते हैं, क्योंकि वाणिज्य सचिव ने डिजिटल व्यापार तथा संवहनीयता से जुड़े व्यापार उपायों से वैश्विक एजेंडे के बदलने की बात कही थी। समारोह का समापन संकाय एवं कर्मचारियों को विशिष्ट दीर्घ सेवा पुरस्कार देकर हुआ।
नौवें स्थापना दिवस पर सीटीआईएल के प्रमुख के अनुसार केंद्र ने कितनी विधिक राय दी हैं?
- A.1,500 से अधिक
- B.2,500 से अधिक
- C.4,000 से अधिक
- D.6,500 से अधिक
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व्याख्या
सही उत्तर 4,000 से अधिक है। व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र के प्रमुख तथा डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा ने बताया कि केंद्र ने इतनी विधिक राय दी हैं, लगभग दस मुक्त व्यापार समझौतों से जुड़ी वार्ताओं में भाग लिया है और विश्व व्यापार संगठन की वार्ताओं, प्रस्तुतियों, अधिसूचनाओं तथा विवाद निपटान में योगदान किया है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D में दिए कुल आंकड़े गढ़े हुए हैं और कार्यक्रम के ब्योरे में कहीं नहीं आते। परीक्षार्थी इस आंकड़े को उसी वाक्य की दूसरी संख्या, अर्थात मुक्त व्यापार समझौतों की गिनती के साथ याद रखें, और संयुक्त सचिव द्वारा गिनाए नए शोध क्षेत्रों के साथ भी, जो महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आपूर्ति श्रृंखला, जलवायु तथा संवहनीयता थे।
नई दिल्ली में नौवां स्थापना दिवस मनाने वाला सीटीआईएल किस संस्थान में स्थित है?
- A.भारतीय विदेश व्यापार संस्थान
- B.भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध शोध परिषद
- C.राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली
- D.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय विदेश व्यापार संस्थान है। व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र वहीं स्थित है और उसके प्रमुख प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर भी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र की स्थापना आर्थिक कूटनीति के व्यापक हिस्से के रूप में भारत की व्यापार क्षमता मजबूत करने के लिए हुई थी और उसने चार हजार से अधिक विधिक राय दी हैं। संस्थान के कुलपति डॉ. के. रंगराजन ने स्थापना दिवस पर बताया कि वहां विशेष व्यापार नीति संस्थाएं किस तरह विकसित हुईं। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D अर्थशास्त्र, विधि तथा लोक प्रशासन की प्रतिष्ठित संस्थाएं हैं, पर इनमें से कोई केंद्र की मेजबानी नहीं करती। समारोह नई दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में हुआ, जो स्थान था, मूल संस्थान नहीं, और यह अंतर स्पष्ट रखना चाहिए।