गृह मंत्रालय की कौन सी संस्था भारतीय सेना के साथ सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम चला रही है?
- A.राष्ट्रीय आपदा मोचन बल
- B.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- C.अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं गृह रक्षक महानिदेशालय
- D.पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं गृह रक्षक महानिदेशालय है, जिसका संक्षिप्त रूप DGFSCDHG है। घोषणा में कहा गया है कि गृह मंत्रालय का यह महानिदेशालय भारतीय सेना के साथ समन्वय में मास्टर ट्रेनर्स को विशेष प्रशिक्षण देकर सिविल डिफेंस की तैयारी मजबूत करने की पायलट पहल कर रहा है। विकल्प A का राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और विकल्प B का राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी संस्थाएं हैं, लेकिन इस कार्यक्रम की एजेंसी के रूप में उनका नाम नहीं है। विकल्प D का पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो पुलिस अनुसंधान तथा प्रशिक्षण का काम देखता है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है। अभ्यर्थियों को महानिदेशालय का पूरा नाम याद रखना चाहिए, क्योंकि वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों में संक्षिप्त रूप DGFSCDHG का विस्तार और उसका संबंधित मंत्रालय, दोनों अक्सर पूछे जाते हैं। यह भी ध्यान रखें कि यह पहल भारतीय सेना के साथ समन्वय में चल रही है और इसका प्रशिक्षण सेना के नामित संस्थानों में होगा।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय सेना 600 सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स को देगी प्रशिक्षण
अभ्यास प्रश्न
नई संयुक्त पहल के पहले चरण में भारतीय सेना कितने सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेगी?
- A.300
- B.600
- C.1,200
- D.6,000
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गृह मंत्रालय के अनुसार पहले चरण में भाग लेने वाले प्रत्येक राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से 50 की संख्या के हिसाब से कुल 600 सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स को नवंबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम के जरिए प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक मास्टर ट्रेनर अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में कितने सिविल डिफेंस वॉलन्टियर्स को प्रशिक्षित करेगा?
- A.25
- B.50
- C.100
- D.500
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स्ट्रक्चर्ड मास्टर ट्रेनर मॉडल के तहत सेना का पाठ्यक्रम पूरा करने वाला प्रत्येक मास्टर ट्रेनर अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में लौटकर 100 सिविल डिफेंस वॉलन्टियर्स को प्रशिक्षित करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस वेबिनार श्रृंखला का आयोजन कौन करता है, जिसका 22वां संस्करण अक्टूबर 2026 में हुआ?
- A.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
- B.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- C.नीति आयोग
- D.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
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इसी विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को 22वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस वेबिनार आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त सचिव श्री अवनीश कुमार मिश्रा ने की और जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों, जिलों, स्थानीय निकायों तथा मंदिर प्रबंधन संस्थाओं के 360 से अधिक अधिकारी शामिल हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) ग्राम पंचायतों का आकलन कितने संकेतकों से करता है?
- A.75 संकेतक
- B.120 संकेतक
- C.150 संकेतक
- D.216 संकेतक
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पंचायती राज मंत्रालय का पंचायत उन्नति सूचकांक ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन को स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के नौ विषयों पर मापता है और इसके लिए 150 संकेतक तथा 230 आंकड़ा बिंदु उपयोग में लाए जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्रिनेत्र एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली किस मंदिर क्षेत्र में लगाई गई है?
- A.काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
- B.महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
- C.सोमनाथ मंदिर, गुजरात
- D.जगन्नाथ मंदिर, पुरी
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ट्रिनेत्र प्रणाली मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र के लिए बनाई गई है, जिसमें महाकालेश्वर मंदिर आता है।
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