ग्लूकोज के विघटन का पहला चरण ग्लाइकोलिसिस कोशिका के किस भाग में होता है?
- A.कोशिकाद्रव्य
- B.माइटोकॉन्ड्रिया की आधात्री
- C.माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली
- D.हरितलवक का पीतलवक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, कोशिकाद्रव्य। ग्लाइकोलिसिस, जिसे एंब्डन माएरहॉफ पारनास पथ भी कहते हैं, कोशिकाद्रव्य में ग्लूकोज के एक अणु को पाइरुविक अम्ल के दो अणुओं में तोड़ता है, इसमें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती और इससे शुद्ध दो एटीपी तथा अपचित एनएडी के दो अणु मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया की आधात्री में क्रेब्स अथवा सिट्रिक अम्ल चक्र चलता है, ग्लाइकोलिसिस नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भीतरी झिल्ली पर इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र होता है, जहां ऑक्सीजन इलेक्ट्रॉन ग्रहण करती है और अधिकांश एटीपी बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हरितलवक का पीतलवक प्रकाश संश्लेषण की अप्रकाशिक अभिक्रिया, अर्थात कैल्विन चक्र का स्थल है। ग्लाइकोलिसिस ऑक्सी और अनॉक्सी, दोनों श्वसन में समान होने से सर्वाधिक पूछा जाता है। यही कारण है कि ग्लाइकोलिसिस को श्वसन का सार्वत्रिक पथ कहा जाता है, क्योंकि यह लगभग सभी जीवों में और ऑक्सीजन की उपस्थिति तथा अनुपस्थिति, दोनों में समान रूप से चलता है।
पूरा लेख पढ़ें: पादप कार्यिकी: वाष्पोत्सर्जन, परिवहन और श्वसन
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऊंचे वृक्ष के शिखर तक रस का आरोहण मुख्यतः किस बल से समझाया जाता है?
- A.मूल दाब
- B.केवल केशिकत्व
- C.संसंजन तनाव सिद्धांत के अंतर्गत वाष्पोत्सर्जन कर्षण
- D.जाइलम वाहिकाओं द्वारा सक्रिय परिवहन
उत्तर देखें
डिक्सन और जॉली ने बताया कि जल अणु संसंजन से परस्पर और आसंजन से जाइलम की भित्तियों से चिपके रहकर एक अखंड स्तंभ बनाते हैं; पत्ती की सतह से वाष्पन शिखर पर चूषण उत्पन्न करता है, जो इस स्तंभ को ऊपर खींचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पत्तियों के किनारों पर स्थित विशेष छिद्रों से द्रव रूप में जल की हानि कहलाती है
- A.वाष्पोत्सर्जन
- B.जल स्रवण
- C.स्रवण
- D.अंतःशोषण
उत्तर देखें
यह पत्ती के किनारे या शिखर पर स्थित जलरंध्र नामक छिद्रों से होता है, प्रायः प्रातःकाल, जब मृदा नम होती है, वायु आर्द्र होती है और वाष्पोत्सर्जन कम होता है, अतः मूल दाब घुले लवणों सहित जल की बूंदें बाहर धकेल देता है; कोलोकेसिया, घास और टमाटर में यह स्पष्ट…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधे में बने हुए भोजन के परिवहन के लिए कौन सा ऊतक उत्तरदायी है?
- A.जाइलम
- B.फ्लोएम
- C.मृदूतक
- D.दृढ़ोतक
उत्तर देखें
इसकी चालनी नलिकाएं, सखी कोशिकाओं की सहायता से, सुक्रोज तथा अन्य घुलनशील भोजन को स्रोत, जैसे परिपक्व पत्ती, से सिंक, जैसे जड़, फल अथवा कलिका तक ले जाती हैं और यह गति ऊपर या नीचे, दोनों हो सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रंध्रों का खुलना द्वार कोशिकाओं में किस आयन की गति से होता है?
- A.सोडियम
- B.कैल्शियम
- C.पोटैशियम
- D.मैग्नीशियम
उत्तर देखें
प्रकाश में पोटैशियम आयन सक्रिय रूप से द्वार कोशिकाओं में पंप किए जाते हैं, उनकी विलेय सांद्रता बढ़ती है, परासरण से जल भीतर आता है, कोशिकाएं फूल जाती हैं और भीतरी भित्ति मोटी होने के कारण वे बाहर की ओर मुड़कर छिद्र खोल देती हैं; पोटैशियम बाहर जाने पर कोशिकाएं…
पूरी व्याख्या पढ़ें →कटे प्ररोह में वाष्पोत्सर्जन की दर मापने के लिए कौन सा उपकरण प्रयोग होता है?
- A.पोटोमीटर
- B.ऑक्जेनोमीटर
- C.क्लाइनोस्टेट
- D.रेस्पिरोमीटर
उत्तर देखें
गैनोंग का पोटोमीटर तथा सरल बुदबुद पोटोमीटर एक निश्चित समय में कटे प्ररोह द्वारा अवशोषित जल को मापते हैं और चूंकि उसका लगभग पूरा भाग वाष्प बनकर उड़ जाता है, पाठ्यांक को वाष्पोत्सर्जन की दर मान लिया जाता है।
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