गिरोह की अवैध सोना गलाई इकाई गुजरात के किस शहर में चल रही थी?
- A.सूरत
- B.वडोदरा
- C.राजकोट
- D.गांधीनगर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर वडोदरा है। भारत पहुँचने के बाद सोना हवाई अड्डों के बाहर वाहकों को सौंपा जाता, बिचौलियों के रास्ते इसी शहर की अवैध गलाई इकाई तक पहुँचता, और गलाई हुई धातु अहमदाबाद की एक आभूषण दुकान को नकद के बदले दे दी जाती थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूरत इस मामले में उन दो हवाई अड्डों में एक के रूप में आता है जहाँ वाहक उतरते थे, दूसरा अहमदाबाद का हवाई अड्डा था; गलाई इकाई वहाँ नहीं थी। विकल्प C और D में दिए शहर इस मामले में कहीं नहीं आते। दोहराते समय तीनों जगह अलग-अलग याद रखें: सोना अहमदाबाद और सूरत के हवाई अड्डों के रास्ते देश में आया, वडोदरा की अवैध इकाई में गलाया गया और अहमदाबाद की आभूषण दुकान के जरिए नकद के बदले बेचा गया। इसी कड़ी में वाहक, बिचौलिया, गलाई इकाई चलाने वाला और दुबई में बैठा वित्तपोषक सभी सामने आए।
पूरा लेख पढ़ें: डीआरआई: गुजरात में 19.41 करोड़ का सोना तस्करी गिरोह पकड़ा
अभ्यास प्रश्न
डीआरआई के गुजरात सोना तस्करी मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी किस कानून के तहत हुई?
- A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- B.एनडीपीएस अधिनियम, 1985
- C.स्वर्ण नियंत्रण अधिनियम, 1968
- D.विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999
उत्तर देखें
बिना घोषणा और बिना शुल्क चुकाए देश में लाया गया सोना तस्करी का माल होता है, इसलिए इस मामले में हुई तीनों गिरफ्तारियाँ, जिनमें 13.017 किलोग्राम विदेशी मूल के सोने और लगभग 19.41 करोड़ रुपये मूल्य का लेन-देन सामने आया, इसी अधिनियम के तहत की गईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तस्करी के सोने को सोना न दिखने देने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया?
- A.रोडियम की परत चढ़े सोने के तार
- B.जूतों के तलवों में सिले सोने के सिक्के
- C.चाय की पत्ती में मिलाया सोने का चूरा
- D.किताब के कवर में छिपी सोने की चादरें
उत्तर देखें
जाँच में सामने आया कि वाहक धातु को पतले तारों में खींचकर उन पर रोडियम की परत चढ़ाते थे, जिससे सोने का रंग छिप जाता है; इसके साथ ही वही यात्री सोना अपने ट्रॉली बैग की भीतरी परतों में लगाते और सोने के पेस्ट को उन बैगों के भीतरी खोल…
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनपीपीए ने इन कैंसर रोधी दवाओं पर मार्जिन की सीमा किस प्रावधान के अंतर्गत तय की है?
- A.औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 का अनुच्छेद 19
- B.आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 12
- C.राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण नीति का अनुच्छेद 4
- D.औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली का नियम 65
उत्तर देखें
यही वह प्रावधान है जिसका हवाला देते हुए नियामक ने चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम खुदरा मूल्य के तीस प्रतिशत पर सीमित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इन 137 कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित कीमतें किस तिथि से प्रभावी होंगी?
- A.17 अक्टूबर 2026
- B.1 नवंबर 2026
- C.9 नवंबर 2026
- D.1 जनवरी 2027
उत्तर देखें
इसी दिन से खुदरा विक्रेताओं, दवा दुकानों, अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को घटी हुई कीमत पर ही दवा बेचनी होगी तथा अपने काउंटर पर नई दरें प्रदर्शित करनी होंगी, जबकि अस्पतालों को अपनी वेबसाइट पर भी ये दरें दिखानी होंगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनपीपीए ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम खुदरा मूल्य के कितने हिस्से पर सीमित किया है?
- A.15 प्रतिशत
- B.20 प्रतिशत
- C.30 प्रतिशत
- D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन का युक्तिकरण करते हुए उसे अधिकतम खुदरा मूल्य के तीस प्रतिशत पर रोक दिया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →