गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 19वीं बैठक में जारी पुनः भरण मोबाइल ऐप का उद्देश्य क्या है?
- A.पूर्वी तट पर चक्रवातों का पूर्वानुमान करना
- B.भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण के लिए उपयुक्त स्थानों की वैज्ञानिक पहचान करना
- C.पेयजल आपूर्ति की शिकायतें दर्ज करना
- D.गंगा की सहायक नदियों की सफाई पर निगरानी रखना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण के लिए उपयुक्त स्थानों की वैज्ञानिक पहचान करना है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 19वीं बैठक में पुनः भरण मोबाइल ऐप जारी किया, जिसका काम वैज्ञानिक आधार पर ऐसे स्थान चुनने में मदद करना है जहां कृत्रिम पुनर्भरण का काम वास्तव में भूजल स्तर बढ़ाएगा। इस ऐप को भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान ने राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से विकसित किया है। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि यह ऐप न चक्रवात पूर्वानुमान का उपकरण है, न पेयजल शिकायतों का मंच और न नदी सफाई की निगरानी प्रणाली; इनमें से कोई कार्य इससे नहीं जुड़ा है। परीक्षा की तैयारी में ऐप का नाम, उसका उद्देश्य, उसे बनाने वाला संस्थान और वह बैठक जिसमें इसे जारी किया गया, एक साथ याद रखने चाहिए।
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अभ्यास प्रश्न
गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्षता कौन करता है?
- A.प्रधानमंत्री
- B.केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
- C.गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के अध्यक्ष
- D.नीति आयोग के सदस्य
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गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्षता सदैव केंद्रीय जल शक्ति मंत्री करते हैं और इसी कारण इसकी 19वीं बैठक की अध्यक्षता सी. आर. पाटिल ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत सरकार ने गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड का गठन कब किया था?
- A.18 अप्रैल 1972
- B.18 अप्रैल 1976
- C.15 अगस्त 1972
- D.26 जनवरी 1980
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भारत सरकार ने इसी तारीख को गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड का गठन किया था, ताकि गंगा बेसिन में बाढ़, तटीय कटाव और जल निकासी की समस्याओं से निपटने के उपायों की योजना और उनका क्रियान्वयन अलग-अलग राज्यों के भरोसे न रहकर समन्वित रूप से हो सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चक्रवात अर्नब से प्रभावित इलाकों में भेजी जाने वाली आईएमसीटी का पूरा नाम क्या है?
- A.अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम
- B.एकीकृत निगरानी एवं नियंत्रण टीम
- C.अंतर-मंत्रालयी समन्वय टीम
- D.भारत मौसम केंद्रीय टीम
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गृह मंत्री ने कहा कि चक्रवात अर्नब के बाद ऐसी टीमें जल्द भेजी जाएंगी, जो आपदा के प्रभाव का आकलन करेंगी और तय करेंगी कि प्रभावित राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेश को आगे कितनी सहायता चाहिए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चक्रवात अर्नब के बाद गृह मंत्री ने जिन सरकारों के मुख्यमंत्रियों से बात की, उनमें निम्न में से कौन शामिल नहीं था?
- A.ओडिशा
- B.छत्तीसगढ़
- C.तमिलनाडु
- D.पुडुचेरी
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गृह मंत्री ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री से बात की, इसलिए विकल्प A, B और D सूची में थे और तमिलनाडु नहीं था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस चक्रवात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की?
- A.चक्रवात मोंथा
- B.चक्रवात अर्नब
- C.चक्रवात दाना
- D.चक्रवात रेमल
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इसी चक्रवात के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की और तीन राज्यों तथा एक केंद्रशासित प्रदेश को आपदा से आई कठिनाई कम करने के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
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