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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

ESTIC 2026 कितने विषय-क्षेत्रों को समेटे हुए है?

  1. A.8
  2. B.10
  3. C.12
  4. D.15

सही उत्तर

C. 12

व्याख्या

सही उत्तर 12 है। यह सम्मेलन बारह प्रमुख विषय-क्षेत्रों को समेटे हुए है, जिनमें सिस्टम एवं सिंथेटिक जीवविज्ञान, उन्नत निर्माण, ऊर्जा प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्धचालक तथा उन्नत स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं, और पूरा आयोजन विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा है। विकल्प A, B और D में दी गई संख्याएँ सम्मेलन के विषय-क्षेत्रों के लिए प्रयोग नहीं हुई हैं, और जिस परीक्षार्थी को केवल यह याद रहेगा कि सूची लंबी है, वह इनमें से किसी पर भी फिसल सकता है। आँकड़ा याद रखने का आसान तरीका है कि इसे स्थान और तिथि के साथ जोड़ लें: बारह विषय-क्षेत्र, 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक तीन दिन, नई दिल्ली के भारत मंडपम में। आईसीजीईबी नई दिल्ली का कर्टेन रेज़र इन्हीं बारह में से एक क्षेत्र पर केंद्रित था।

पूरा लेख पढ़ें: ESTIC 2026 का कर्टेन रेज़र आईसीजीईबी नई दिल्ली में

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2026) का आयोजन कौन-सी संस्था कर रही है?

  1. A.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
  2. B.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
  3. C.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
  4. D.परमाणु ऊर्जा विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद

ESTIC 2026 सीएसआईआर का प्रमुख राष्ट्रीय मंच है, जो भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में चलता है, और यह 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में निर्धारित है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आईसीजीईबी नई दिल्ली में हुए ESTIC 2026 कर्टेन रेज़र के मुख्य अतिथि कौन थे?

  1. A.डॉ. राजेश एस. गोखले, सचिव, डीबीटी
  2. B.डॉ. रमेश वी. सोंती, निदेशक, आईसीजीईबी नई दिल्ली
  3. C.प्रोफेसर गोबर्धन दास, सदस्य, नीति आयोग
  4. D.डॉ. धनंजय कुमार तिवारी, प्रबंध निदेशक, बीआईआरएसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रोफेसर गोबर्धन दास, सदस्य, नीति आयोग

वे कर्टेन रेज़र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, उन्होंने भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमताओं तथा राष्ट्रीय विकास में जैव प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर बात की और कोविड-19 टीकों के विकास का उदाहरण देकर बताया कि बुनियादी जैविक शोध जीवन बचाने वाले नवाचार तक पहुँच सकता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

यह परियोजना प्रणोदन तकनीक को किस प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर तक पहुंचाना चाहती है?

  1. A.स्तर छह
  2. B.स्तर सात
  3. C.स्तर आठ
  4. D.स्तर नौ
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्तर नौ

इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रणोदन तकनीक को प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर छह से, जहां कोई प्रणाली किसी प्रासंगिक परिवेश में सिद्ध हो चुकी होती है, स्तर नौ तक ले जाना है, जहां वह उड़ान में परखी जा चुकी होती है और व्यापक उपयोग के लिए तैयार मानी जाती है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मनस्तु स्पेस की ग्रीन प्रोपल्शन प्रणाली किस प्रणोदक पर आधारित है?

  1. A.हाइड्राजीन
  2. B.द्रव हाइड्रोजन
  3. C.योजकों के साथ हाइड्रोजन पेरोक्साइड
  4. D.केरोसिन और द्रव ऑक्सीजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. योजकों के साथ हाइड्रोजन पेरोक्साइड

इस प्रणाली को हरित प्रणोदन समाधान बताया गया है, जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड पर आधारित प्रणोदक का उपयोग करता है और उसमें कुछ योजक मिलाए जाते हैं।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने आरडीआई कोष के तहत मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज को कितनी सहायता मंजूर की है?

  1. A.96 करोड़ रुपये
  2. B.116 करोड़ रुपये
  3. C.277.63 करोड़ रुपये
  4. D.350 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 116 करोड़ रुपये

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने नवी मुंबई की मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुसंधान विकास एवं नवाचार कोष से 116 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का समझौता किया है और यह राशि वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण के रूप में…