एशियाई खेलों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन बनीं?
- A.दीपिका कुमारी
- B.कुमकुम अनिल मोहोड
- C.अंकिता भकत
- D.सिमरनजीत कौर
सही उत्तर
B. कुमकुम अनिल मोहोड
व्याख्या
सही उत्तर कुमकुम अनिल मोहोड है। वे एशियाई खेलों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और यह उपलब्धि 2026 के संस्करण में मिली। प्रधानमंत्री ने उसी दिन उन्हें बधाई दी। स्वर्ण पदक का मुकाबला शूट-ऑफ में तय हुआ और उस निर्णायक घड़ी में उनके संयम की विशेष सराहना की गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह प्रथम उपलब्धि कुमकुम अनिल मोहोड के नाम है और किसी अन्य तीरंदाज के नाम नहीं; किसी पहले की भारतीय रिकर्व तीरंदाज का नाम लेना इस कीर्तिमान के मूल बिंदु का ही खंडन करेगा, क्योंकि बिंदु यही है कि यह व्यक्तिगत खिताब इससे पहले किसी भारतीय महिला ने नहीं जीता था। विकल्प C इसी कारण गलत है। विकल्प D भी गलत है और यह नाम तीरंदाजी के बजाय एक दूसरे खेल से जुड़ा है। इस तरह का प्रथम केवल एक ही खिलाड़ी के नाम हो सकता है और यहां वह खिलाड़ी कुमकुम अनिल मोहोड हैं।
पूरा लेख पढ़ें: कुमकुम अनिल मोहोड ने रिकर्व व्यक्तिगत स्वर्ण जीता
अभ्यास प्रश्न
कुमकुम अनिल मोहोड ने 2026 एशियाई खेलों में किस तीरंदाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता?
- A.कंपाउंड व्यक्तिगत
- B.रिकर्व टीम
- C.रिकर्व व्यक्तिगत
- D.कंपाउंड मिश्रित टीम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रिकर्व व्यक्तिगत
व्याख्या
सही उत्तर रिकर्व व्यक्तिगत है। यह पदक रिकर्व धनुष से खेली जाने वाली व्यक्तिगत स्पर्धा में जीता गया और यही वह स्पर्धा है जिसमें इससे पहले कोई भारतीय महिला एशियाई खेलों के सर्वोच्च पायदान तक नहीं पहुंची थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपाउंड धनुष तीरंदाजी का अलग वर्ग है और उसकी अपनी व्यक्तिगत स्पर्धा होती है; यहां बना कीर्तिमान कंपाउंड का नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि टीम स्पर्धा में एक दल उतरता है, अकेला तीरंदाज नहीं, इसलिए किसी टीम परिणाम से व्यक्तिगत प्रथम नहीं बन सकता; यहां जो उपलब्धि दर्ज हुई वह व्यक्तिगत है और दो प्रतियोगियों के बीच शूट-ऑफ से तय हुई। विकल्प D दो कारणों से गलत है, क्योंकि वह कंपाउंड वर्ग और मिश्रित टीम प्रारूप, दोनों की बात करता है, जबकि यह व्यक्तिगत रिकर्व खिताब है। रिकर्व ओलंपिक खेलों में भी उपयोग होने वाला वर्ग है, इसलिए इसका महाद्वीपीय व्यक्तिगत खिताब और भी भारी पड़ता है।
2026 एशियाई खेलों में कुमकुम अनिल मोहोड का स्वर्ण पदक मुकाबला किस तरह तय हुआ?
- A.शूट-ऑफ से
- B.छह सेटों के कुल अंकों से
- C.समीक्षा के बाद निर्णायकों के फैसले से
- D.दागे गए दस अंक वाले तीरों की गिनती से
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शूट-ऑफ से
व्याख्या
सही उत्तर शूट-ऑफ से है। फाइनल उसी एक तीर वाले निर्णायक चरण तक पहुंचा जिसका सहारा तीरंदाजी तब लेती है जब दो प्रतियोगियों के सेट अंक बराबर रह जाते हैं और उन्हें अलग करना संभव नहीं होता। प्रधानमंत्री के संदेश में ठीक उसी घड़ी के संयम की सराहना की गई थी। शूट-ऑफ में प्रत्येक तीरंदाज एक तीर चलाता है और लक्ष्य के केंद्र के अधिक निकट लगा तीर मुकाबला जीत लेता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुकाबला अंकों के जोड़ पर नहीं निपटा; यदि ऐसा होता तो कोई निर्णायक चरण ही न होता जिसमें संयम दिखाया जा सके। विकल्प C गलत है, क्योंकि तीरंदाजी का मुकाबला लक्ष्य पर लगे तीरों से तय होता है, समीक्षा के बाद अधिकारियों द्वारा विजेता चुनने से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि यहां गिनती वाला तरीका नहीं अपनाया गया; इस मुकाबले को बराबरी के बाद चलाए गए नए तीर ने तय किया और यही शूट-ऑफ की परिभाषा है।
प्रधानमंत्री के बधाई संदेश में दीपक पुनिया की उपलब्धि को किस रूप में बताया गया?
- A.भारत की कुश्ती यात्रा में नया अध्याय
- B.भारत का पहला ओलंपिक कुश्ती पदक
- C.सबसे हल्के भार वर्ग का रिकॉर्ड
- D.टीम स्पर्धा में जीत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भारत की कुश्ती यात्रा में नया अध्याय
व्याख्या
सही उत्तर भारत की कुश्ती यात्रा में नया अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े मुकाबले के बाद जीते गए कांस्य पदक पर पहलवान को बधाई दी, कहा कि यह उपलब्धि देश की कुश्ती यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है और आने वाले समय में निरंतर सफलता की शुभकामना दी। विकल्प B गलत है, क्योंकि यह पदक एशियाई खेलों में जीता गया, जो एक महाद्वीपीय बहु-खेल आयोजन है, ओलंपिक खेल नहीं; कुश्ती के परिणामों में इन दोनों को मिला देना सामान्य भूल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 97 किग्रा वर्ग पुरुषों के भारी वर्गों में आता है, सबसे हल्का नहीं, और किसी हल्के वर्ग के रिकॉर्ड की बात नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि इन खेलों में फ्रीस्टाइल कुश्ती व्यक्तिगत स्पर्धा है जो मुकाबला दर मुकाबला तय होती है। अभ्यर्थी संदेश के शब्दों को तथ्य से जोड़कर याद रखें, अर्थात खिलाड़ी, भार वर्ग और पदक।
दीपक पुनिया का कांस्य पदक किस कारण उल्लेखनीय माना गया?
- A.यह एशियाई खेलों में भारत का कुश्ती का पहला पदक था
- B.इससे भारत छह दशक बाद इस स्पर्धा के पोडियम पर लौटा
- C.यह बिना मुकाबला हुए प्रदान किया गया
- D.यह इन खेलों में भारत का एकमात्र पदक था
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इससे भारत छह दशक बाद इस स्पर्धा के पोडियम पर लौटा
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि इससे भारत छह दशक बाद इस स्पर्धा के पोडियम पर लौटा। बधाई संदेश में उपलब्धि को ठीक इसी रूप में रखा गया कि छह दशक बाद भारत एशियाई खेलों की पुरुष 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में पदक जीतने वालों में शामिल हुआ है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इन खेलों में भारत का कुश्ती में कई भार वर्गों में लंबा पदक इतिहास है; जो अंतराल समाप्त हुआ वह इस एक भारी वर्ग का है, पूरे खेल का नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह पदक कड़े मुकाबले के बाद मिला, जिसका उल्लेख संदेश में विशेष रूप से है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इन्हीं खेलों में भारत ने अन्य विधाओं में भी पदक जीते, जिनमें स्वर्ण पदक भी शामिल हैं। परीक्षा के लिए याद रखने योग्य जोड़ी है भार वर्ग और लंबा अंतराल, क्योंकि प्रश्न अंतराल देकर स्पर्धा पूछ सकता है या स्पर्धा देकर अंतराल।
दीपक पुनिया ने एशियाई खेलों में किस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता?
- A.पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
- B.पुरुष 86 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
- C.पुरुष 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
- D.पुरुष 125 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पुरुष 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
व्याख्या
सही उत्तर पुरुष 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती है। कांस्य पदक इसी भार वर्ग में कड़े मुकाबले के बाद जीता गया और इस परिणाम को छह दशक बाद इस स्पर्धा में भारत की पोडियम पर वापसी के रूप में दर्ज किया गया। विकल्प A यानी 57 किग्रा वर्ग गलत है, क्योंकि वह पुरुषों का सबसे हल्का फ्रीस्टाइल वर्ग है और इन्हीं खेलों में उस वर्ग का भारतीय पदक किसी अन्य पहलवान ने जीता, इसलिए दोनों परिणामों को अलग रखना आवश्यक है। विकल्प B यानी 86 किग्रा वर्ग गलत है, क्योंकि यह एक पूर्णतः भिन्न भार श्रेणी है और प्रश्न में वर्णित स्पर्धा नहीं है। विकल्प D यानी 125 किग्रा वर्ग गलत है, क्योंकि यह पुरुषों का सबसे भारी फ्रीस्टाइल वर्ग है। पुनरावृत्ति में कुश्ती के परिणाम लिखते समय खिलाड़ी के नाम के आगे किलोग्राम में भार वर्ग अवश्य लिखें, क्योंकि एक ही आयोजन में निकटवर्ती वर्गों के पदक भ्रम पैदा करते हैं और प्रश्नपत्र इसी भ्रम का उपयोग करते हैं।