एपीएआरसी, जिसकी महासभा 2026 की मेजबानी भारत कर रहा है, किस कार्यक्रम की मुख्य परियोजना है?
- A.विश्व जलवायु अनुसंधान कार्यक्रम
- B.वैश्विक वायुमंडल निगरानी कार्यक्रम
- C.अंतरराष्ट्रीय भूमंडल-जैवमंडल कार्यक्रम
- D.अंतर सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर विश्व जलवायु अनुसंधान कार्यक्रम है, जिसे संक्षेप में डब्ल्यूसीआरपी कहा जाता है। जलवायु में वायुमंडलीय प्रक्रियाएं और उनकी भूमिका इसकी एक मुख्य परियोजना है, जो मौसम के स्वरूप तथा वैश्विक जलवायु की गतिशीलता तय करने वाली वायुमंडलीय प्रक्रियाओं पर काम करती है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन में इसी कार्यक्रम की एक वैज्ञानिक अधिकारी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थीं और संगठन की उप महासचिव सम्मानित अतिथि रहीं। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D पृथ्वी विज्ञान से जुड़े वास्तविक अंतरराष्ट्रीय प्रयास हैं, इसलिए ये विकल्प भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन पुणे में हो रही महासभा विकल्प A में दिए जलवायु अनुसंधान कार्यक्रम की है। यह महासभा हर चार वर्ष पर होती है और शोध की कमियां पहचानने तथा साझेदारी बनाने का वैश्विक मंच है।
पूरा लेख पढ़ें: एपीएआरसी महासभा 2026 आईआईटीएम पुणे में शुरू
अभ्यास प्रश्न
एपीएआरसी महासभा 2026 का उद्घाटन किस संस्थान में हुआ?
- A.भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे
- B.भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली
- C.राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र, नोएडा
- D.भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, हैदराबाद
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे है। महासभा का उद्घाटन समारोह वहीं हुआ और संस्थान के निदेशक ने मानसून की मॉडलिंग पर उद्घाटन व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि मानसून की संभावित पूर्वानुमेयता और वास्तविक पूर्वानुमान कौशल के बीच का अंतर कैसे घटाया जा सकता है। वैज्ञानिक आयोजन समिति की अध्यक्ष इसी संस्थान के जलवायु परिवर्तन अनुसंधान केंद्र की प्रमुख भी हैं। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से जुड़े संस्थान हैं, इसलिए इनमें भ्रम हो सकता है, पर इस महासभा की मेजबानी इनमें से किसी ने नहीं की। पहला देश के मौसम पूर्वानुमान जारी करता है, दूसरा मध्यम अवधि की मॉडलिंग पर काम करता है और तीसरा महासागर सूचना सेवाओं पर। मंत्रालय के सचिव मुख्य अतिथि थे और ऑनलाइन जुड़े थे।
एपीएआरसी महासभा का आयोजन कितने अंतराल पर होता है?
- A.हर वर्ष
- B.हर दो वर्ष पर
- C.हर चार वर्ष पर
- D.हर पांच वर्ष पर
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व्याख्या
सही उत्तर हर चार वर्ष पर है, इसी कारण इस बैठक को चतुर्वार्षिक कहा जाता है और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भारत की मेजबानी को ऐतिहासिक अवसर बताया। पुणे में हो रही यह महासभा पांच दिन चलती है, 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक, और इसमें यूरोप, अमेरिका महाद्वीप, दक्षिण एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया तथा ऑस्ट्रेलिया से 550 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 380 प्रत्यक्ष रूप से और लगभग 180 ऑनलाइन जुड़े हैं। विकल्प A और विकल्प B बहुत छोटा चक्र बताते हैं, जिसमें इतना बड़ा वैश्विक आयोजन व्यावहारिक नहीं होता, और विकल्प D अंतराल को एक वर्ष बढ़ा देता है। महासभा के चार वर्ष के चक्र और इस संस्करण की पांच दिन की अवधि में अंतर ध्यान रखें, क्योंकि परीक्षा में ये दोनों संख्याएं आपस में बदल दी जाती हैं।
महोत्सव के उद्घाटन समारोह में उपस्थित भारत के 2026 के ब्रिक्स शेरपा कौन हैं?
- A.विवेक अग्रवाल
- B.सुधाकर डलेला
- C.चित्तरंजन त्रिपाठी
- D.गजेंद्र सिंह शेखावत
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व्याख्या
सही उत्तर श्री सुधाकर डलेला हैं, जो विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) हैं और 2026 के लिए भारत के ब्रिक्स शेरपा की भूमिका निभा रहे हैं; वे उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। विकल्प A यानी श्री विवेक अग्रवाल संस्कृति मंत्रालय के सचिव हैं और वे भी समारोह में मौजूद थे, इसलिए भ्रम आसानी से हो जाता है। विकल्प C यानी श्री चित्तरंजन त्रिपाठी राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक और उद्घाटन नाटक के निर्देशक हैं, किसी कूटनीतिक पद पर नहीं। विकल्प D यानी श्री गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री हैं और समारोह के मुख्य अतिथि थे; उन्होंने कहा कि इतिहास, भाषा और परंपराएं भिन्न होने पर भी संस्कृति समाजों को एक-दूसरे को समझने का रास्ता देती है। भाग लेने वाले देशों के राजदूत और मिशन प्रमुख भी उद्घाटन में शामिल हुए।
ब्रिक्स रंगमंच महोत्सव 2026 की नोडल एजेंसी कौन संस्थान है?
- A.संगीत नाटक अकादमी
- B.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र
- C.राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय
- D.भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद
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व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय है, जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान है और जो उद्घाटन की मेजबानी करने के साथ महोत्सव के आयोजन की नोडल एजेंसी भी है। इसके अभिमंच और सम्मुख सभागार आयोजन स्थलों में शामिल हैं, साथ में कमानी सभागार, एलटीजी सभागार तथा मेघदूत रंगमंच भी हैं, और इसके निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी ने उद्घाटन नाटक समुद्र मंथन की परिकल्पना तथा निर्देशन किया। विकल्प A, B और D प्रदर्शन कला, विरासत और सांस्कृतिक कूटनीति के क्षेत्र में काम करने वाले दूसरे प्रसिद्ध संस्थानों के नाम हैं, और कोई भी ऐसा आयोजन कर सकता था, पर जिम्मेदारी नाट्य विद्यालय को दी गई। टिकट से जुड़ी जानकारी भी याद रखें क्योंकि ऐसे ब्योरे पूछे जाते हैं: टिकट बुकमायशो पर 200 रुपये में बिके और हर प्रस्तुति के अगले दिन सुबह निर्देशक, कलाकार व तकनीकी दल के साथ कार्यशालाएं हो रही हैं।
नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स रंगमंच महोत्सव 2026 का विषय क्या है?
- A.साझा कहानियां, साझा भविष्य
- B.एक पृथ्वी, एक मंच
- C.नई दुनिया के लिए रंगमंच
- D.लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व के लिए निर्माण
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व्याख्या
सही उत्तर साझा कहानियां, साझा भविष्य है, इसी विषय पर तीन दिन का यह महोत्सव नई दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में शुरू हुआ और 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। विकल्प D को समझना जरूरी है क्योंकि यही सबसे बड़ा भ्रम है: ये शब्द भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय हैं, रंगमंच महोत्सव का नहीं, और महोत्सव उसी अध्यक्षता के अंतर्गत एक सांस्कृतिक आयोजन के रूप में हो रहा है। विकल्प B और C ऐसे गढ़े हुए नारे हैं जो किसी सांस्कृतिक आयोजन के लिए सही लग सकते हैं, पर घोषणा में इनका कोई उल्लेख नहीं है। महोत्सव में नौ ब्रिक्स सदस्य व साझेदार देशों के रंगकर्मी, विद्वान, विद्यार्थी और सांस्कृतिक प्रतिनिधि जुटे हैं। आयोजन संस्कृति मंत्रालय कर रहा है और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय इसकी नोडल एजेंसी है। यह महोत्सव नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद हो रहा है।