एक ऊर्ध्वाधर छड़ पर संतुलित गेंद किसका उदाहरण है?
- A.स्थायी संतुलन
- B.अस्थायी संतुलन
- C.उदासीन संतुलन
- D.पूर्ण संतुलन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, अस्थायी संतुलन। हल्का-सा धक्का लगते ही गेंद गिर जाती है और वापस नहीं आती।
जब थोड़ा विस्थापन किसी वस्तु के गुरुत्व केंद्र को नीचे ले आता है और उस पर लगे बल उसे वापस लाने के बजाय और दूर ले जाते हैं, तो वह अस्थायी संतुलन में होती है। छड़ के सिरे पर रखी गेंद अपने सबसे ऊंचे संभव बिंदु पर होती है; झुकते ही उसका भार छोटे आधार से बाहर पड़ता है और वह लुढ़क जाती है। नोक पर खड़ी पेंसिल और शीर्ष पर टिका शंकु इसके अन्य उदाहरण हैं।
A गलत है, क्योंकि स्थायी संतुलन में वस्तु हिलाने पर वापस अपनी जगह आ जाती है, जैसे कटोरे के तल में रखी गेंद।
C गलत है, क्योंकि उदासीन संतुलन में वस्तु नई स्थिति में ही रुक जाती है, जैसे समतल फर्श पर रखी गेंद।
D गलत है, क्योंकि पूर्ण संतुलन संतुलन के तीन मानक प्रकारों में नहीं आता।
Exam tip: हिलाने पर लौट आए = स्थायी; और दूर जाए = अस्थायी; जहां रखें वहीं रहे = उदासीन। नीचा गुरुत्व केंद्र और चौड़ा आधार = अधिक स्थायित्व।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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