एक कार एकसमान वृत्तीय गति करती है। कार का त्वरण
- A.शून्य है
- B.एक शून्येतर अचर (स्थिर) राशि है
- C.शून्येतर है, परंतु अचर नहीं है
- D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, शून्येतर है, परंतु अचर नहीं है। एकसमान वृत्तीय गति में चाल समान रहती है, पर वेग की दिशा लगातार बदलती है, इसलिए कार हर समय त्वरित रहती है और उस त्वरण की दिशा भी बदलती रहती है।
त्वरण वेग में परिवर्तन की दर है, और वेग एक सदिश राशि है जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। वृत्ताकार पथ पर हर बिंदु पर वेग स्पर्श रेखा की दिशा में होता है, इसलिए वह लगातार मुड़ता रहता है। इससे उत्पन्न अभिकेंद्र त्वरण का परिमाण स्थिर रहता है, v का वर्ग बटा r, पर उसकी दिशा हमेशा वृत्त के केंद्र की ओर होती है। कार के घूमने के साथ यह दिशा भी घूमती है, इसलिए त्वरण सदिश अचर नहीं रहता।
A गलत है, क्योंकि शून्य त्वरण का अर्थ है सीधी रेखा में स्थिर चाल से गति। B गलत है, क्योंकि केवल त्वरण का परिमाण स्थिर है, उसकी दिशा हर क्षण बदलती है। D गलत है, क्योंकि विकल्प C गति का सही वर्णन करता है।
परीक्षा टिप: एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर, वेग परिवर्ती, और अभिकेंद्र त्वरण v²/r हमेशा केंद्र की ओर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
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